जिग्नेश मेवानी की जीवनी, परिचय,हिंदी में – Biography of Jignesh Mevani , Early Life,in Hindi Article

जिग्नेश मेवानी की जीवनी, परिचय,हिंदी में – Biography of Jignesh Mevani , Early Life,in Hindi Article

जन्म – 11 दिसंबर 1982

जिग्नेश मेवानी गुजरात से  एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं।वे गुजरात विधान सभा के सदस्य के रूप में वड़गाम निर्वाचन क्षेत्र से युवा नेता हैं ।वे वकील और समाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे हैं ।उन्होंने भारतीय जाति में निचले तबके की जातियां और उसमें प्रताड़ित लोगों के हितों के लिए काम किया और 2016 में लोगों के दिलों में जगह कायम की ।

प्रारंभिक जीवन

जिग्नेश मेवानी अहमदाबाद में 11 दिसंबर  1982  गुजरात में पैदा हुआ ।उनके परिवारजन मिऊ गांव के मूल निवासी हैं। जो फैजाबाद जिले में आता है ।जिग्नेश ने अपनी स्कूल की शिक्षा अहमदाबाद के स्वास्तिक विद्यायल और विश्व विद्यालय माध्यमिक शाला से करी। तथा कॉलेज उनका एच के आर्ट्स कॉलेज अहमदाबाद , उन्होंने 2003 में इंग्लिश लिट्रेचर में कला स्नातक की डिग्री हासिल की।उसके बाद उन्होंने पत्रकारिता और जन संचार में डिप्लोमा किया । गुजराती पत्रिका में एक रिपोर्टर के तौर पर 2004  से  2007 तक कार्य करते रहे । डी. टी. लॉ कॉलेज ,अहमदाबाद से उन्होंने 2013 में कानून की डिग्री हासिल की ।

कैरियर
उना गांव जो गुजरात के सौरष्ट्र इलाके में आता है।वहां दलित वर्ग पर हमला होने के बाद कुछ समुह और लोगो ने दावा किया कि गुजरात में  इस मामले को लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ ।


बाद में दलित  अस्मिता यात्रा जो अहमदाबाद से उना तक की गई उसमे प्रमुख रूप से जिग्नेश मेवानी ने पूरी जनसमर्थन का. नेतृत्व किया ।और इसमें भाग लेने वाली जनता करीब -करीब महिलाओं सहित बीस हजार दलित समाज था । जिन्होंने अपने पारंपरिक नौकरियां और पशुओं के शव न  हटाने की प्रतिज्ञा की थी।जिग्नेश ने दलित लोगों की प्रताड़ना और उस से लड़ने और उनके उत्थान के लिए भूमि की मांग की ।

जिग्नेश मेवानी ,हार्दिक पटेल ,अल्पेश ठाकोर गुजरात के 2017 के विधानसभा चुनावों में गुजरात की राजनीति में उभरते चहरे लोगों के सामने आए और जीत हासिल कर लोगों के दिलों को जीता ।

कथित रूप से 2017 के गुजरात चुनाव में जिग्नेश ने मोदी पर राजनैतिक प्रहार करते हुए कहा कि मोदी मानसिक रूप से अब बूढ़ा हो चुका है अब उन्हें राजनीति छोड़कर रिटायर हो जाना चहिए और हिमालय के शिखर पर चले जाना चाहिए ।

जिग्नेश दलित लोगों के लिए कार्य करने वाले नेता के रूप में गुजरात विधानसभा क्षेत्र बडगाम के चुने हुए नेता हैं। और वे दलित अत्याचार लड़त समिति के संयोजक हैं।
वे समाजिक कार्यकर्ता होने के साथ साथ अंग्रेज़ी साहित्य के पढ़े लिखे बुद्धिजीवी है और पेशे से वकील और पत्रकार भी रह चुके हैं।

जिग्नेश मेवानी ने अगस्त  2016 में एक विशाल रैली का नेतृत्व और आयोजन किया और उनके साथ 20,000 दलितों ने हिस्सा लिया ।

अपनी राजनीतिक सफर में जिग्नेश , हार्दिक पटेल ,और अप्लेश ठाकोर ने 2017 विधानसभा चुनावों से शुरुआत की।
जिग्नेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए 2017 के चुनावों में कहा ” नरेंद्र मोदी को मानसिक रूप से एक बूढ़ा व्यक्ति बताया और कहा ” मोदी को रिटायर हो जाना चाहिए और हिमालय की चोटी पर जा कर आश्रय लेना चाहिए ।

राजनीति जीवन
बडगाम निर्वाचन क्षेत्र से , गुजरात विधान सभा चुनाव 2017 में एक स्वतंत्र उमीदवार के रूप में चुनाव मैदान में जिग्नेश उतरे और उन्हें आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन था और चुनाव में जीत दर्ज करवाई ।

जिग्नेश मेवानी की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

प्रिय पाठक,इस लेख से जुड़ा हुए कोई भी सुझाव या विचार आप प्रकट करना चाहते हैं तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें

गौतम बुद्ध की जीवनी, परिचय,हिंदी में – Biography of Goutam Buddha in Hindi, Article

गौतम बुद्ध की जीवनी, परिचय,हिंदी में – Biography of Goutam Buddha in Hindi, Article

Arunsandhu

गौतम बुद्ध भारत के महान दार्शनिक ,अपने विचारों से दुनिया को रास्ता दिखने वाले ,धर्मगुरु , वैज्ञानिक ,एक महान समाज सुधारक और बौद्ध धर्म के संस्थापक के नाम से विख्यात हुए ।इनकी शादी राजकुमारी यशोधरा से  हुई और उनका एक पुत्र हुआ उसका नाम रखा राहुल ।लेकिन समाज के सुधार के खोज में उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चे को त्याग दिया था ।
समाज के दुखों को देखते उन्होंने दुखों से मुक्ति की खोज व सत्य दिव्य ज्ञान की खोज में अपने महल से रात के समय जंगल की ओर चल दिए ।कठोर तपस्या के बाद बहुत सालों के बाद बोध गया (बिहार) में बोधी वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई ।उसके पश्चात वे सिध्दार्थ गौतम से गौतम बुद्ध कहलाए।

करीब 190 करोड़ के पार   पूरे विश्व में बौद्ध धर्म के अनुयाई है। 25 प्रतिशत लोगों की संख्या विश्व भर में बौद्ध धर्म के मानने वालों की हैं।किए गए एक सर्वे के अनुसार इसमें – भूटान ,नेपाल ,चीन,जापान, थाईलैंड, मंगोलिया, वियतनाम, कंबोडिया , साउथ कोरिया , मलेशिया , इंडोनेशिया, भारत ,हांगकांग ,अमेरिका , श्रीलंका आदि देश हैं।जिसमें श्रीलंका ,भूटान,भारत में बौद्ध धर्म के अनुयाई ज्यादा संख्या में हैं।

जीवन परिचय

गुरु विश्वामित्र से  सिद्दार्थ ने अपनी शिक्षा ग्रहण की ।उनकी उपनिषद व वेद के साथ साथ युद्ध विद्या भी ग्रहण की । सिद्दार्थ गौतम को बचपन से ही धनुष वाण ,रथ हांकना, और घुड़सवारी में कोई दूसरा मुकाबला नहीं कर सकता था ।इस तरीके से उन्होंने इन कलाओं को क्षत्रिय की भातिं ग्रहण किया ।

सिद्धार्थ के जन्म के ठीक सात दिन बाद उनकी  माता मायादेवी का निधन हो गया था बाद में उनकी देख रेख और पालन पोषण उनकी सौतेली मां (मौसी) महाप्रजावती ने किया ।

सिद्दार्थ के जन्मदिन पर आमंत्रित उस समय के विख्यात साधु दृष्ठा आसित ने भविष्यवाणी की थी कि ये बालक एक दिन महान् पथ प्रदर्शक बनेगा ।

राजकुमारी यशोधरा के साथ मात्र सोलह साल की उम्र में सिद्दार्थ की शादी हो गई । और शादी के बाद उनको एक संतान हुई जिसका नाम राहुल रखा था लेकिन उनकी आस्था मोह माया के चक्रों से दूर होकर जल्दी ही उन्हें घर परिवार से दूर कर गई जब उन्होंने समाज के दुख और लोगों की बीमारी और दुखों को देखा तो उन्होंने परिवार से त्याग कर जंगल की तरफ कदम रखे।
सिद्दार्थ के लिए उनके पिता राजा शुद्धोधन ने भोग- विलास और मनोरंजन के लिए भरपूर मात्रा में इंतजाम कर रखा था ।तीन ऋतु के हिसाब से उनके पिता ने तीन महल बनवा रखे थे ।जिसमें मनोरंजन से लेकर नाच गान और भोग विलास की सभी व्यवस्था कर रखी थी ।लेकिन बहुत से कारण हैं जो सिद्दार्थ को ये चीजें अपनी ओर नहीं खींच सकी ।और सिद्दार्थ ने राजकुमारी यशोधरा और अपना बालक राहुल को छोड़कर वन की ओर चले जाने का मन बनाया और चल दिए ।

जंगल में जाकर सिद्दार्थ ने कठिन से कठिन तपस्या करना शुरू की ।शुरू शुरू में सिद्दार्थ  तिल और चावल खाकर तपस्या करने में खो जाते थे बाद में बिना अन जल के भी तपस्या करते रहे । कठिन तपस्या और ताप करके उन्होंने खुद को काफी कठिनायों में डाला और उसकी वजह से उनका शरीर भी कमजोर हो गया था । तप करते करते 6 साल का समय हो गया था । एक समय की बात है।सिद्दार्थ वन में तपस्या कर रहे थे और वहां से कुछ औरतें गुजर रही थी ।

महिलाएं कुछ गीत गुनगुना रही थी और उनका एक गीत सिद्दार्थ के कानों में सुनाई दिया था ” वीणा के तारों को ढीला मत छोड़ो” और तारों को इतना भी मत छोड़ो कि टूट जाएं। ये गाना उन्हें इतना बता गया कि नियमित रूप से खाना पीना ही हमें स्वस्थ रख सकता है।और तभी हमारी नियमित आहार विहार से योग सिद्द हो सकता है।अत: किसी भी प्राप्ति के लिए मध्यम रास्ता ही सही होता है ।और ये कठोर तपस्या से मुमकिन हैं।

गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति
एक दिन सिद्दार्थ वटवृक्ष के नीचे ध्यान पूर्वक वैसाखी पूर्णिमा के समय में बैठे थे । सुजाता नाम की महिला के एक पुत्र हुआ था ।वटवृक्ष से उस महिला ने एक पुत्र के लिए मन्नत मांगी थीं । उसकी मन्नत पूरी हो चुकी थी । इस खुशी में मन्नत को पूरा करने के लिए सोने के थाल में गाय के दूध की खीर बनाकर उस वटवृक्ष के पास बैठे सिद्दार्थ को साक्षात महात्मा समझकर भेंट की थी कि जिस तरह मेरी मन्नत पूरी हुई हैं।उसी तरह आपकी भी मनोकामना सफल हो जाए । कहा जाता है सिद्दार्थ  की साधना उसी रात को ध्यान लगाने से सफल हुई थी ।उन्हें सच्चा बोध हुआ था तभी से वे बुद्ध कहलाए ।और जिस वटवृक्ष के नीचे। वे साधना में बैठे थे बोधिवृक्ष कहलाया और “गया” का सीमावर्ती जगह बोधगया कहलाया ।

भगवान गौतम बुद्ध का धर्म चक्र और परिवर्तन
उस समय की सरल लोकभाषा पली में गौतम बुद्ध  ने अपने धर्म का प्रचार किया और धर्म की लोकप्रियता बहुत तेजी से लोगों में बढ़ने लगी। बोधिवृक्ष के नीचे चार सप्ताह रहकर धर्म के स्वरूप का चिंतन करने के पश्चात गौतम बुद्ध अपने धर्म का उपदेश करनें लोगों के बीच निकल गए । बुद्ध ने अपने पांच शिष्य को अपना अनुयाई बनाया और फिर उन्हें धर्म प्रचारक के रूप में अलग अलग जगह भेज दिया ।।

80 वर्ष की। उम्र में गौतम बुद्ध ने पाली सिध्दांत के अनुसार एक घोषणा की थी जो आखिरी भोजन उन्होंने कुंडा नामक एक लाहौर से एक महिला के द्वारा भेंट किया गया था उसे खाया उसके बाद वे गंभीर रूप से बीमार हो गए बुद्ध ने अपने शिष्य को एक आदेश दिया कि वो कुंडा को बोले कि उसके द्वारा कोई गलती नहीं हुए है उनके द्वारा दिया गया भोजन महान और अतुलनीय हैं।

गौतम बुद्ध  के उपदेश
लोगों को गौतम बुद्ध ने मध्यम का रास्ता अपनाने का उपदेश दिया ।उन्होंने दुख के कारण और निवारण के लिए अहिंसा पर बहुत जोर दिया ।उन्होंने कहा,जीवों पर दया। करो और हवन व पशुबली को निंदनीय बताया । महात्मा बुद्ध के कुछ उपदेश के सार इस तरह हैं।
(1) मध्य मार्ग का अनुसरण
(2)चार आर्य सत्य
(3) अष्टांग मार्ग
(4)ध्यान और योग
(5) बुद्ध में सनातन धर्म का प्रचार करते हुए “अग्निहोत्र और गायत्री मंत्री ” का भी उपदेश दिया ।

सफल जीवन के लिए प्रमुख रूप
बौद्ध धर्म में विशेष रूप से गौतम बुद्ध एक विशेष व्यक्ति थे ।उनका धर्म अपनी शिक्षाओं व धर्म में अपनी नींव रखता है। बौद्ध धर्म का आठ गुना पाठ प्रस्ताव रखा गया है।संसार के महान धर्मों में से बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध ने देश विदेश में अपनी अमिट छाप छोड़ी और बौद्ध धर्म को लोगों के बीच पहुंचाया।
उनके कुछ जीवन सफल मंत्र

Arunsandhu
Arunsandhu
Arunsandhu

गौतम बुद्ध की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

अटल बिहारी वाजपेई की जीवनी पढ़े।

प्रिय पाठक, लेख से जुड़ी हुए कोई भी सुझाव या विचार आप प्रकट करना चाहते हैं तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

चौधरी चरण सिंह की जीवनी, परिचय,हिन्दू में – Choudhary Charn Singh Biography, Early Life,In Hindi , Article

चौधरी चरण सिंह की जीवनी, परिचय,हिंदी में – Choudhary Charn Singh Biography, Early Life,In Hindi , Article

जन्म – 23 दिसंबर 1902 यूनाइटेड प्रोविंस , नूरपुर, ब्रिटिश इंडिया
मृत्यु – 29 मई 1987
कार्य – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री , राजनेता

भारत के पांचवे प्रधानमंत्री पद के रूप में चौधरी चरण सिंह ने  कार्य किया वे एक राजनेता रहे ।किसानों की आवाज.  बुलंद   करने वाले  नेता के संदर्भ में चौधरी चरण सिंह को भारत में “किसानों के मसीहा” के रूप में जाना जाता  है।  हालांकि  प्रधानमन्त्री के  तौर पर उनका कार्यकाल  बहुत  कम रहा । प्रधानमंत्री पद से पूर्व उन्होंने उप- प्रधानमंत्री  व गृह मंत्री के रूप में भी अपनी   सेवाएं दी । उत्तर  प्रदेश  राज्य  के  दो  बार मुख्यमंत्री रहे और इस से पहले उन्होंने दूसरे मंत्रालयों में भी कार्यभार संभाला।चौधरी चरण सिंह मात्र पांच महीने तक ही देश के प्रधानमंत्री पद पर रह सके और बाद में त्यागपत्र दे दिया ।

प्रारंभिक जीवन

23 दिसंबर 1902   को चौधरी चरण सिंह का जन्म , यूनाइटेड प्रोविंस (वर्तमान उत्तर प्रदेश) के गांव नूरपुर में एक किसान परिवार में हुआ । बल्लभगढ़ के राजा नाहर   सिंह  से इनके  परिवार का अच्छा संबध था ।
1887 की  क्रांति  में  इस  राज  परिवार की  मुख्य भूमिका रही थी ।दिल्ली  के चांदनी  चौक  में नाहर  सिंह  को  ब्रिटिश हुकूमत ने  फांसी  पर चढ़ा  दिया था ।नाहर  सिंह के समर्थक और चौधरी चरण सिंह के दादा उतर प्रदेश के बुलंशहर  जिले  में अंग्रजों  के  अत्याचार  से बचने के लिए निष्क्रमण कर गए ।

शैक्षणिक वातावरण चौधरी चरण सिंह को शुरुआत से ही अच्छा  प्राप्त  हुआ जिस  कारण  उनकी शिक्षा के प्रति अच्छी लग्न रही।नूरपुर से उनकी प्राथमिक शिक्षा हुई  और  मैट्रिकुलेशन  के लिए  उन्हें  सरकारी  स्कूल मेरठ   में  दाखिला   मिल  गया ।  विज्ञान   विषय  में चरण सिंह ने 1923 में ग्रेजुएशन की ।दो साल के बाद चरण सिंह ने 1925 में  कला  वर्ग में स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की ।   इसके   अलावा   उन्होंने  कानून  की   पढ़ाई  आगरा   यूनिवर्सिटी   से  पूरी  की   और  1928  में गाजियाबाद में  वकालत शुरू  की।अपनी ईमानदारी , कर्तव्यनिष्ठा ,और  साफगोई  के  लिए  जाने जाते थे ।उनका मुकदमों को लेने का तरीका ओरों से बिल्कुल अलग था ।वो सिर्फ  उन्हीं  मुकदमों को लेते थे जिसमे मुवकिल का पक्ष उन्हें न्यायपूर्ण प्रतीत होता था ।

राजनैतिक जीवन
1929  में   कांग्रेस के  लाहौर  अधिवेशन  के पश्चात गाजियाबाद  में  कांग्रेस  कमेटी  का गठन किया और सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान चौधरी चरण सिंह को  1930 में  नमक कानून  तोड़ने  पर  6 महीने की सजा  सुनाई  गई । देश के  स्वतंत्रता  संग्राम में  चरण सिंह ने जेल  से रिहा  होने के  बाद  स्वयं को पूर्ण रूप से समर्पित कर दिया ।

1937,छपरौली  (बागपत)  से  विधान  सभा के लिए मात्र 34 साल की उम्र में चुने गए ।और विधानसभा में कृषकों के  अधिकार  की रक्षा के लिए एक बिल पास किया,  किसानों  द्वारा  ये   बिल  उनकी  फसलों  के विपड़न से संबधित था ।बाद में इस बिल को देश के तमाम राज्यों ने अपनाया ।

गांधी जी द्वारा  किया  व्यक्तिगत सत्याग्रह  में  चौधरी चरण सिंह  को  1940  में गिरफ्तार किया गया ।कुछ महीनों के बाद अक्टूबर 1941 में रिहा किए गए ।जब पूरे  देश  में  1942  में  असंतोष  व्याप्त था ।”भारत छोड़ो” के  माध्यम  से जब गांधी जी ने  “करो या मरो ” का  आह्वान  किया  था ।चरण  सिंह  ने  उस दौरान भूमिगत  होकर  मेरठ, मवाना ,  सर्थना , गाजियाबाद, बुलंदशहर  आदि गांव में प्रचार करके गुप्त क्रांतिकारी संगठन  तैयार  किया ।पुलिस  दिन रात चरण सिंह के पीछे  पड़ी  थी और  अंत में  उन्हें  गिरफ्तार कर लिया गया ।उसके बाद  ब्रिटिश  सरकार द्वारा उन्हें डेढ़ साल की  सजा  सुनाई । उन्होंने “शिष्टाचार”के नाम से एक पुस्तक भी उस दौरान जेल में लिखी ।

स्वाधीनता के बाद

नेहरू  के   सोवियत  पद्वति   पर  आधारित  आर्थिक सुधारों का चरण सिंह ने डटकर विरोध किया । उनका कहना  था  कि  भारत  की खेती  सहकारी पद्वति पर आधारित  सफल  नहीं हो सकती ।किसान परिवार से नाता रखने  वाले चरण सिंह का कहना बिल्कुल साफ था कि  किसान  का मालिकाना हक और दावेदारी ही उन्हें खेती  के क्षेत्र  में आगे बढ़ा सकती हैं।माना जाता है कि चरण  सिंह  के राजनैतिक कैरियर पर नेहरू के सिध्दांतों का विरोध करना उन्हें महंगा पड़ा ।

1952-62-67   में   देश   की  आज़ादी  के  बाद विधानसभा चुनावों में जीतकर राज्य विधानसभा के लिए  चुने  गए ।”पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी ” के  पद  पर पंडित  गोविंद  वल्लभ  पंत  की  सरकार  में   इन्होंने अपनी  सेवाएं  दी । इस  दौरान उन्होंने अपनी सेवाएं  देते हुए न्याय , सूचना , राजस्व, चिकत्सा एवं स्वास्थ्य आदि  विभागों  में  अपने  दायित्व  का  निर्वहन किया । उत्तर  प्रदेश  सरकार  की कैबिनेट मंत्री का पद इन्हे  दिया गया  जिसके  अन्तर्गत  इन्होंने  1951  में न्याय और  सूचना  विभाग  का   कार्यभार  संभाला ।  डॉ संपूर्णानंद  की सरकार में इन्हे 1952 में कृषि विभाग और राजस्व की जिम्मेदारी प्राप्त हुई।

स्वाभाविक   रूप  से  चौधरी चरण  सिंह एक किसान परिवार से थे ।इसी कारण हमेशा से किसानों के हितों के लिए लगातार प्रयास करते रहे ।जब चंद्रभानु गुप्ता 1960 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तब चरण सिंह को कृषि मंत्रालय दिया गया ।

1967 में  चरण सिंह ने  कांग्रेस  पार्टी  छोड़  दी और “भारतीय क्रांति दल ” के नाम  से नई  राजनैतिक दल की  स्थापना  की ।  राम  मनोहर  लोहिया  और  राज नारायण  के  साथ  मिलकर  उन्होंने  उतर  प्रदेश  में सरकार  बनाई  और 1967 और  1979 में प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभाला।

इंदिरा गांधी ने 1975 देश में आपातकाल घोषित कर दिया और  सभी   राजनैतिक दलों के विरोधी नेताओं को  जेल  में  डाल  दिया गया ,चौधरी  चरण सिंह भी उनमें  से एक थे ।ठीक आपातकाल  के दो  साल बाद 1977 में   आम  चुनाव  हुए  और  इंदिरा  गांधी  की जबरदस्त  हार हुई और केंद्र में मोरारजी के मार्गदर्शन में “जनता पार्टी ” की सरकार बनी। चरण सिंह ने इस सरकार  में  उप  प्रधानमंत्री  और  गृहमंत्री  के पद को संभाला।

प्रधानमंत्री पद

मोरारजी   देसाई  और  चौधरी  चरण सिंह के आपसी मतभेदों  के चलते  या ऐसे कहें की राजनैतिक कलह के कारण  जनता  पार्टी  की सरकार गिर गई ।जिसके बाद 28  जुलाई 1979 को  कांग्रेस और सीपीआई के समर्थन से  प्रधानमंत्री  पद  की शपथ ली।उन्हें बहुमत साबित  करने  के  लिए राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने 20 अगस्त का समय दिया लेकिन इंदिरा गांधी ने ठीक एक दिन पहले ही अपना समर्थन वापस ले लिया इस दौरान  चरण   सिंह   ने  संसद  का  रुख  लिए  बिना प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया ।

निजी जीवन
सन 1929  को  चरण सिंह  का  विवाह गायत्री देवी के साथ हुआ । इनकी  पांच  संताने हुई।अजित सिंह उनके  पुत्र “राष्ट्रीय लोक दल ” पार्टी के अध्यक्ष हैं।

लेखन

चौधरी चरण सिंह एक राजनेता के साथ एक कुशल लेखक भी थे । और  अंग्रजी भाषा पर अच्छी पकड़ रखते थे । उन्होंने” लीजेंड प्रोपराइटरशिप ” इंडियंस पॉवर्टी   एंड    इट्स   सॉल्यूशन ” ऑब्लिशन  ऑफ जमींदारी ”   पुस्तकों  को   लिखा । और  भारत  के साहित्य में अपना लेखकीय योगदान भी दिया ।

चौधरी चरण सिंह की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

प्रिय पाठक,इस लेख से संबधित आपका अपना सुझाव या विचार प्रकट करना चाहते हैं।तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

मोरारजी देसाई जीवनी , परिचय ,हिंदी में -Biography of Morarji Desai ,Early Life,in Hindi, Article

मोरारजी देसाई जीवनी , परिचय ,हिंदी में -Biography of Morarji Desai ,Early Life,in Hindi, Article

जन्म – 29 फ़रवरी 1896
मृत्यु – 10 अप्रैल  1995

मोरार्रजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री बने जो उस समय के एकमात्र ऐसे व्यक्ति जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बजाय अन्य राजनीति दल के प्रधानमंत्री रहे। मोरारजी का प्रधानमंत्री कार्यकाल 1977 से  1979 तक रहा । मोरारजी अकेले व्यक्ति रहे जिन्हे भारत में सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न और पाकिस्तान के सर्वोच्च पुरस्कार निशान- ए – पाकिस्तान से नवाजा गया था ।

मोरारजी 81 साल में आज़ाद भारत के चौथे प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुए ।ऐसा नहीं हैं कि इस से पहले उन्होंने कभी प्रधानमंत्री बनने की कोशिश न की हो ,कई बार की ,लेकिन असफल रहे।और ऐसा भी नहीं था कि मोरारजी प्रधानमंत्री बनने के योग्य नहीं थे। वरिष्ठ नेता होने के बाद भी कांग्रेस में वे दुर्भाग्यशाली रहे कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और लालबहादुर शास्त्री के मृत्यु के पश्चात भी प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त नहीं हुए। मार्च 1977 में मोरारजी देश के प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुए , लेकिन कुछ राजनैतिक कलह के चलते इनका कार्यकाल पूरा नहीं हो पाया ।और चौधरी चरण सिंह के साथ मतभेदों के बढ़ते उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा ।

प्रारभिंक जीवन परिचय

गुजरात के भदेली नामक स्थान पर मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी  1896 को हुआ था ।उनका जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था ।उनके पिता का नाम  रनछोड़जी देसाई था वे स्कूल अध्यापक के तौर पर भावनगर (सौराष्ट्र) में कार्यरत थे ।वे निराशा और खिन्नता के साथ अवसाद का शिकार हो चुके थे ।और इसके चलते उन्होंने आत्महत्या करके कुएं में कूद कर अपना जीवन समाप्त कर लिया ।तीसरे दिन मोरारजी देसाई ने अपने पिता की मृत्यु के पश्चात शादी कर ली।

व्यावसायिक जीवन

मुंबई के एलफिंस्टन कॉलेज से मोरारजी की शिक्षा – दीक्षा पूरी हुई और ये कॉलेज उस समय के सबसे महंगा और खर्चीला कॉलेज माना जाता था ।मुंबई में गोकुलधाम तेजपाल के नाम से प्रसिद्द आवास गृह में मोरारजी निशुल्क रहे। उस आवास में एक साथ चालीस विद्यार्थी रह सकते थे। मोरोराजी देसाई विद्यार्थी जीवन में एक औसत बुद्धि के विवेकशील छात्र थे ।वाद – विवाद टीम का सचिव कॉलेज में इन्हे ही बनाया जाता था ।मुश्किल से कभी स्वयं मोरोर्जी ने वाद – विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया होगा ।कॉलेज जीवन से ही मोरारजी देसाई अक्सर बाल गंगाधर तिलक , महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू  और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं के भाषणों  को सुना करते थे।

1917 में मोरारजी देसाई ने मुंबई प्रोविंशल सिविल सेवा में आवेदन करने का विचार किया और बाद में उन्होंने यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर्स में प्रविष्टी पाई । वे बतौर उप जिलाधीश 1918 में अहमदाबाद पहुंचे ।उन्होंने ब्रिटिश कलेक्टर (जिलाधीश) चेटफील्ड के अन्तर्गत काम किया ।लेकिन अपने रूखे स्वभाव के मोरारजी ग्यारह वर्ष तक विशेष पोस्ट पर नहीं पहुंच सके।और कलेक्टर के निजी सहायक  पद तक ही सीमित रहे ।

राजनीतिक जीवन

1930  में ब्रिटिश हुकूमत की नौकरी छोड़कर मोरोजी देसाई स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही बन गए ।उसके एक साल बाद गुजरात प्रदेश के कांग्रेस कमेटी के सचिव बने।उन्होंने सरदार पटेल के निर्देश पर भारतीय युवा कांग्रेस की शाखा स्थापित की और उसके अध्यक्ष पद को संभाला ।मोरारजी को 1932 में दो साल की जेल हुई। बाद में अध्यक्ष के रूप में उन्होंने 1937 तक भारतीय युवा कांग्रेस  को मार्गदर्शन दिया । इसके पश्चात वे बंबई राज्य के कांग्रेस मत्रिमंडल में शामिल हुए ।बताया जाता है। कि मरोराजी देसाई अपनी बातों को आमतौर पर हमेशा ऊपर रखते थे और उन्हें सही मानते थे और लोग इन्हे व्यंगात्मक रूप से “सर्वोच्च नेता ” कहा करते थे । उन्हें ऐसा लोगों के द्वारा कहां जाना पसंद भी आता था ।समाचार पत्रों में अक्सर उनके व्यक्तित्व को लेकर. ऐसे व्यंग्य कार्टून भी प्रकाशित होते थे ।व्यंग्य में इनके चित्र एक लम्बी छड़ी के साथ और गांधी टोपी पहन के दिखाए जाते थे ।इसमें हंसी मजाक में व्यंग्य ये होता था कि, एक अपनी बात पर अड़ियल व्यक्ति जो गांधी जी के व्यक्तित्व से प्रभावित हैं।

मोरारजी देसाई के कई वर्ष जेल में गुजरे जब वे स्वतंत्रता संग्राम में भागीदार रहे ।राष्ट्रीय राजनीति के साथ इनका नाम ,देश की आज़ादी में वजनदार हो चुका था।लेकिन प्राथमिक स्तर की रुचि मोरारजी की राज्य की राजनीति में थी । यही कारण है कि उन्हें 1952 में बंबई का मुख्यमंत्री पद दिया गया ।इस समय में महाराष्ट्र बंबई और गुजरात प्रोविंस के नाम से मशहूर थे ।लेकिन पृथक गठन इन दोनों राज्यों का अभी तक नहीं हुआ था।
इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर 1967 को मोरारजी को उप – प्रधानमंत्री बनाया गया लेकिन वे कुछ बातों को लेकर  विशेष रूप से कुंठित थे कि कांग्रेस पार्टी का वरिष्ठ नेता होने पर भी उनकी बजाय इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया गया ।माना जाता है । कि यही कारण है।मोरारजी निरंतर इंदिरा गांधी के क्रांतिकारी फैसलों और उपायों में बाधा डालते. रहे ।हालांकि जब इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त करने की मांग हुए थी तब मोरारजी भी उस दौड़ में दावेदारी रखने लगे और जब नहीं हटे तब पार्टी ने इस मुद्दे पर चुनाव करवा दिया और भारी मतांतर से इंदिरा गांधी ने बाजी मारी थी ।लेकिन बाद में मोरारजी को उसी सदन में उप प्रधानमंत्री का पद मिला था ।

प्रधानमंत्री पद

कांग्रेस में पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय जो अनुशासन था वो बाद में बिखरने लगा । कुछ पार्टी के नेता खुद को पार्टी से बड़ा समझते थे ।उनमें से मोरारजी देसाई भी एक थे ।कांग्रेस पार्टी के वफादार सिपाही और नेता के रूप में श्री लाल बहादुर शास्त्री ने कार्य किया ।उन्होंने अपने कार्यकाल में पार्टी से कभी भी किसी पद की मांग नहीं की ।लेकिन इस मामले में सबसे ज्यादा अपवाद में मोरारजी देसाई रहे ।उनके मतभेद कांग्रेस पार्टी के साथ जगजाहिर थे।इनकी प्राथमिकताओं में देश का प्रधानमंत्री बनना शामिल था ।
कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जब ये समझने लगे कि मोरारजी देसाई उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं।तब बहुत से नेताओं के साथ इंदिरा गांधी ने भी उन्हें कतरना आरंभ कर दिया ।
मोरारजी देसाई 1975 में जनता पार्टी में सम्मिलित हो गए और जब लोकसभा चुनाव हुए  तो जनता पार्टी ने कांग्रेस की भ्रष्टचार और आपातकाल जैसी कमियों को जनता के सामने रखकर  स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफलता हासिल की ।और उनकी 1977 में सरकार बनी और उन्हें प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया गया । लेकिन दो अन्य दावेदार यहां पर भी। प्रधानमंत्री के लिए मौजूद थे । जगजीवन राम और। चौधरी चरण सिंह ।लेकिन कांग्रेस पार्टी के। नेता जो कभी कांग्रेसी हुआ करते थे   “नेता जयप्रकाश नारायण” उन्होंने किंग मेकर की स्थिति का फायदा उठाते हुए मोरारजी देसाई को समर्थन दिया ।

23 मार्च  1977  को 81 साल के मोरारजी देसाई ने भारत के चौथे प्रधानमंत्री पद का दायित्व ग्रहण किया ।इनके कार्यकाल में जो 9 राज्य कांग्रेस शासित थे ठीक उन्हीं सरकारों को तोड़ दिया गया ,भंग कर दिया गया और दोबारा चुनाव कराने की घोषणा भी करवा दी।ये असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कदम था ।जो बदले की भावना से लिया गया निर्णय था  वास्तव में  जनता पार्टी , कांग्रेस का और इंदिरा गांधी का देश से सफाया करने में कृत्संकल्प नजर आईं। लेकिन बुद्धिजीवियों द्वारा इस कृत्य को सराहना नहीं मिली ।

निधन
राजनीति से मोराजी देसाई ने 83 वर्ष की उम्र में सन्यास ले लिया और मुंबई में रहने लगे ।99 वर्ष की उम्र में 10 अप्रैल 1995 को उनका  निधन हो गया ।

मोरारजी देसाई की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें ।

प्रिय पाठक ,

लेख से जुड़ा कोई भी सुझाव या विचार आप देना चाहते हो तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

सरदार वल्लभ भाई पटेल जीवनी -Biography of Sardar Vallabhbhai Patel in Hindi , Early Life , Article

सरदार वल्लभ भाई पटेल जीवनी -Biography of Sardar Vallabhbhai Patel in Hindi , Early Life , Article

जन्म – 31 अक्टूबर  1875
मृत्यु – 15 दिसंबर1950

सरदार वल्लभ भाई पटेल स्वतंत्र भारत के पहले उप- प्रधानमंत्री बने ।उन्होंने राजनेता और अधिवक्ता के रूप में कार्य किया ।जनता ने उन्हें सरदार पटेल के नाम से जाना । वे भारतीय राजनीतिज्ञ थे ।सरदार वल्लभ भाई पटेल भारतीय कांग्रेस के सीनियर नेता और भारतीय गणराज्य के संस्थापक पिता थे ।उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष में मुख्य भूमिका निभाई और आज़ाद भारत में एकीकरण का मार्गदर्शन किया ।भारत और दूसरी देशों में उन्हें प्राय उर्दू,हिंदी और फारसी में सरदार कहा जाता था ।सरदार का मतलब होता हैं प्रमुख । राजनीतिक एकीकरण और भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान 1947 में उन्होंने गृह मंत्री के रूप में भारत को मार्गदर्शन दिया ।
182 मीटर ऊंची प्रतिमा गुजरात के केवड़िया में सरदार वल्लभ भाई पटेल की बनाई गई हैं जिसका अनावरण लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के 143 वीं जयंती पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया । एकीकरण के सूत्रधार बिस्मार्क से सरदार पटेल की अक्सर तुलना की जाती है कि ना तो सरदार पटेल  ने कभी मूल्यों से समझौता किया ना कभी बिस्मार्क ने । भारत जब आज़ाद हुआ तब 562 रियायतें मौजूद थीं सरदार पटेल ने इन्हे एक धागे में पिरोने और बनाने का काम किया जिसकी कल्पना करना भी उस समय कठिन था ।सरदार के अटल इराद्दों और दृढ़ इच्छाशक्ति के बलबूते पर ही उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है ।

प्रारंभिक जीवन

31 अक्टूबर 1875 को सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म गुजरात के नाडियाड में हुआ । उनकी माता का नाम लाड़बा पटेल और पिता का झावेर भाई पटेल था ।सरदार पटेल मां- बाप की चौथी संतान थे वे बहुत कुशाग्र बुद्धि जीवी थे

नरसिभाई ,विट्टलभाई ,सोमाभाई उनके अग्रज थे  ।सरदार पटेल की शुरू से  रुचि पढ़ने में अधिक थी ।मात्र सोलह वर्ष की उम्र में सरदार पटेल की शादी हो गई थी।उनकी पत्नी का नाम झवेरबा था ।उनके बच्चों में बेटे का नाम दाहया भाई पटेल और बेटी का नाम मणी बेन था । सरदार पटेल की  मुख्यत  शिक्षा स्वाध्याय से हुई बाद में विदेश जाकर लंदन से बैरिस्टर की शिक्षा ग्रहण की और वापिस भारत लौटे और अहमदाबाद में वकालत करते लगे ।भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया ।सबसे बड़ा योगदान खेड़ा संघर्ष 1918 में सरदार पटेल,गांधी जी और अन्य लोगों ने मिलकर किसानों का नेतृत्व किया और उन्हें भयंकर सूखे के चपेट में आए किसानों को अग्रेज़ सरकार से भारी कर में छूट की मांग करते हुए कर न देने पर प्रेरित किया ।इसके परिणामस्वरूप अंग्रेज़ी सरकार को झुकना पड़ा और उस साल करों में राहत दी गई ये सरदार पटेल और उनके साथियों की पहली सफलता थी ।सरदार पटेल की इस घटना के बाद गांधी उनसे बहुत प्रभावित हुए ।

गांधी से मुलाकात
1917 की बात है जब गुजरात में सूखा ,अकाल और इन्फ्लूएंजा जैसे बीमारी लोगों को ग्रसित कर रही थी ।तब पहली दफा सरदार पटेल की गांधी से मुलाकात हुई ।पटेल ने इस स्थिति में एक अस्थाई अस्पताल बनवाया और गांधी उनकी प्रशासकीय कार्यक्षमता से काफी प्रभावित भी हुए । इस अस्थाई अस्पताल में इन्फ्लूजा जैसे घातक बीमारी का इलाज यही हुआ। अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ नो टैक्स मूवमेंट चलता और किसानों का उस साल का कर माफ कराया। बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व करते हुए मोर्चा संभाला।और 1928 में उस वक्त ही किसानों ने वल्लव भाई पटेल को “सरदार ” की उपाधि दी । गुजरात प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने।

Arunsandhu
Source – Wiki

भारत बिखरने के लिए नहीं बना
1947 में भारत आज़ाद तो हुआ लेकिन बिखरा होने के साथ 562 रियायतें थीं। कुछ बहुत बड़ी फैली हुए तो कुछ छोटी दायरे में ज्यादातर राजा अपनी मनमानी के चलते विलय पर उतारू थे ।कुछ आज़ाद भी रहना चाहते थे मतलब ये देश की एकता के लिए मुसीबत थे ।जब सरदार पटेल ने इन्हे  समझौते पर बुलाया तो ये तैयार नहीं हुए तब पटेल ने सैन्य शक्ति का प्रयोग किए। देश vकी एकता और अखंडता का श्रेय सरदार पटेल को ही जाता है ।उनका कहना था कि मेरा भारत बिखरने के लिए नहीं बना हैं।
राजनीतिक सफर
आज़ाद भारत के गृहमंत्री के तौर पर पहले व्यक्ति थे ।सरदार पटेल ने आई सी एस का (भारतीय नागरिक सेवाएं) भारतीयकरण करके इन्हें आई .ए .एस (भारतीय  प्रशासनिक सेवाएं) बनाया। वर्ष 1991 में मरणोपरांत सरदार पटेल को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार *भारत रत्न* से नवाजा गया उनके पौत्र विपिनभाई पटेल द्वारा ये अवॉर्ड स्वीकार किया गया ।अहमदाबाद। के हवाई अड्डे का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में उनके नामकरण करके सरदार वल्लभ भाई पटेल अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अहमदाबाद रखा गया है।

अहमदाबाद के शाहीन बाग में सरदार पटेल की यादों को ताजा रखने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल सोसायटी में सरदार पटेल का 3D संग्रहालय तैयार किया गया है।


सरदार पटेल अपने अंग्रेज़ी पहनावे और उच्च स्तरीय तौर तरीकों और चुस्त, फैशनपरस्त गुजरात क्लब में ब्रिज के चैंपियन होते हुए काफी विख्यात थे ।

Arunsandhu
Source- Wikipedia

लेकिन सरदार पटेल ने  1920 के असहयोग आन्दोलन में स्वदेशी धोती कुर्ता,चप्पल और खादी अपनाए और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करते विदेशी कपड़ों की होली जलाई ।

कमजोर मुकदमों को सटीकता के साथ प्रस्तुत करके सरदार पटेल ने  पुलिस के गवाहों और अंग्रेज़ न्यायधीशों को चुनौती देकर विशेष जगह बनाई ।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सरदार पटेल कई मरतबा जेल के अंदर बाहर हुए ।इतिहासकार हमेशा से जिस चीज के बारे। में जानने के लिए उत्साहित रहते हैं वो जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल की आपसी तालमेल और सम्बन्धों को लेकर और उनके बीच की प्रतिस्पर्धा । लाहौर अधिवेशन 1929 में सरदार पटेल ही महत्मा गांधी के बाद दूसरे सबसे मजबूत और प्रबल दावेदार थे ।माना जाता है कि सरदार पटेल की मुस्लिमो के प्रति हठधर्मिता की वजह से गांधी ने उनका नाम वापिस ले लिया ।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर 1945-46 में सरदार पटेल भी मुख्य उम्मीदवार थे ।लेकिन गांधी जी ने नेहरू प्रेम में उन्हें इस दावेदारी से दूर रखा ।

बहुत से इतिहासकार मानते हैं।यदि प्रधानमंत्री पद पर पहले व्यक्ति सरदार पटेल होते तो भारत को चीन और पाकिस्तान से युद्ध में पूर्ण रूप से सफलता मिली होती ।
गांधी जी के प्रति श्रद्धा

गांधी के लिए सरदार पटेल की अटूट श्रद्धा थी निजी रूप से गांधी की हत्या से कुछ समय पहले बात करने वाले पटेल अंतिम व्यक्ति थे । गृह मंत्री होने के नाते उन्होंने सुरक्षा में चूक को अपनी गलती माना था।ठीक गांधी की हत्या के दो महीने बाद सरदार पटेल की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थीं।

Arunsandhu
Source – wiki

स्टैचू ऑफ यूनिटी

2018 में तैयार हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को प्रधानमंत्री मोदी जी। ने उनके 137 वें  जयंती पर 31 अक्टूबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित किया ।इस प्रतिमा का बनने का समय पांच वर्ष और खर्च लगभग 3000 करोड़ रुपए में तैयार हुई हैं।

सरदार वल्लभ भाई पटेल की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

इस लेख से जुड़ा कोई भी विचार या सुझाव आपका हों तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

राजीव गांधी की जीवनी, परिचय,हिंदी में – Rajiv Gandhi Biography, Early Life,in Hindi

Arunsandhu
Source- 1hindi.com

जन्म -20 अगस्त1944, मुंबई , महाराष्ट्र
मृत्यु- 21 मई 1991

उपलब्धियां

प्रारंभिक जीवन
राजीव गांधी का जन्म मुंबई ,महाराष्ट्र में 20 अगस्त 1944 को भारत के विकसित राजनैतिक परिवार में हुआ ।भारत की आज़ादी की लड़ाई में राजीव गांधी के दादा जवाहर लाल नेहरू की मुख्य भूमिका रही और बाद में आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने ।राजीव गांधी के माता पिता दोनों अलग रहते थे इस कारण उनका रहन सहन उनके दादा के घर पर हुआ। जहां उनकी मां इंदिरा गांधी उनके साथ रहती थी । प्रारंभिक शिक्षा राजीव की चर्चित स्कूल दून से पूरी हुई और उच्च शिक्षा के लिए लंदन यूनिवर्सिटी ट्रिनिटी कॉलेज और कैम्ब्रिज से पढ़ाई की।

पढ़ाई के दौरान राजीव गांधी की मुलाकात एंटोनिया माइनो से हुई और बाद में मुलाकात प्रेम में बदल गई और सन 1969 में दोनों ने शादी कर ली ।शादी के बाद उन्होंने अपनी धर्म पत्नी एंटोनिया माइनो का नाम बदल कर सोनिया गांधी रखा ।राजीव गांधी के दो बच्चे हुए प्रियंका और राहुल ।सोनिया गांधी वर्तमान समय (2020) में भारतीय कांग्रेस की अध्यक्ष हैं।और राहुल गांधी सांसद के रूप में राजनीति में कार्यरत हैं।

कैरियर
राजीव गांधी भारत लौटने के बाद कमर्शियल एयर लाइन में पायलट बने । दूसरी तरफ उनके छोटे भाई संजय राजनीति में सक्रिय हो चुके थे ।और इंदिरा गांधी के भरोसेमंद प्रतिनिधि बन चुके थे ।संजय गांधी की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद 1980 में बिना इच्छा व्यक्त किए राजीव गांधी ने मां के कहने पर राजनीति में कदम रखा ।

राजीव गांधी ने अपने भाई संजय के पूर्व संसदीय सीट अमेठी से अपना लोकसभा चुनाव जीता ।और बहुत जल्द कांग्रेस का महासचिव पद संभाला ।1984  में इंदिरा गांधी के दो अंगरक्षक द्वारा उनको गोली से मार दिया ।उनकी हत्या के बाद राजीव गांधी को भारत का प्रधानमंत्री बनाया ।आम चुनावों में 1984 में आवाहन किया और सहानुभूति की लहर पर अपनी पार्टी कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल करवाई।निचले सदन की 80 प्रतिशत सीट जीत कर कांग्रेस  ने स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ी जीत दर्ज की ।

शुरुआती दिनों में राजीव गांधी प्रधानमंत्री पद के रूप में काफी लोकप्रिय थे ।अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री पद में थोड़ी गतिशीलता लेकर आए । भारत में कंप्यूटर और टेली कम्युनिकेशन की शुरुआत का श्रेय उन्हें ही जाता हैं। इंदिरा गांधी के समाजवादी राजनीतिक उसूलों से हटकर अलग दिशा में देश का मार्गदर्शन किया । उन्होंने अर्थिंक और वैज्ञानिक सहयोग का विस्तार करके अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों में  सुधार किया ।उन्होंने टेक्नोलॉजी, विज्ञान , कंप्यूटर,मास मीडिया , संबधित उद्योगों पर ध्यान दिया और विशेष रूप से टेक्नोलॉजी पर आधारित कंप्यूटर ,बैंक, एयरलाइंस,रक्षा अनुसंधान और दूरसंचार पर आयात किया,शुल्क और करों को कम किया ।उन्होंने प्रशासन को नौकरशाही घपलेबाजों  से बचाने और दफ्तरशाही शासन को कम करने की दिशा में काम किया ।उच्च शिक्षा के कार्यक्रमों के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए राजीव गांधी ने भारत भर में 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की।

पंजाब में अलगाववादी ताकतों के खिलाफ राजीव गांधी ने व्यपाक पुलिस और सेना अभियान चलाया । एल टी टी ई विद्रोहियों और श्रीलंका के बीच शांति वार्ता के प्रयासों का उल्टा असर हुआ और कांग्रेस सरकार को एक बड़ी असफलता का सामना करना पड़ा । एल टी टी ई आंतकवादीओं और भारतीय सैनिकों के बीच अविश्वास और संघर्ष एक खुली जंग के रूप में बदल गया । सैंकड़ों हज़ारों सैनिक मारे गए और भारतीय सेना को श्रीलंका से राजीव सरकार में वापिस बुला लिया ।ये फैसला राजीव सरकार का एक कूटनीतिज्ञ विफलता के रूप में सामने आया ।

राजनीति के दौर में हर एक नेता भ्रष्टचार ख़तम करने की बात करता ही करता है।ठीक राजीव गांधी ने भी ये वादा जनता से किया था हालांकि उनकी पार्टी पर खुद भ्रष्टचार धांधली के कई आरोप लगे । सबसे ज्यादा चर्चित घोटाला स्वीडिश बोफोर्स हथियार कंपनी द्वारा कथित भुगतान से लिंक्ड *बोफोर्स तोप घोटाला * था । घोटाले के मामले में उनकी लोकप्रियता बहुत तेजी से जनता में कम हुए और 1989 के आम चुनावों में हार मिली ।उस समय की गठबंधन के साथ सत्ता में आई सरकार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई और 1991 के लोकसभा चुनाव करवाएं गए ।तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 चुनाव प्रचार के दौरान एल टी टी ई के आंतकवादी हमलावरों ने राजीव गांधी की हत्या कर दी।

आरोप और आलोचना
(1)64 करोड़ बोफोर्स घोटाले का आरोप जिसके बाद उनको प्रधानमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा ।
(2) ढाई बिलियन स्विस फ्रैंक काले धन का स्विस बैंकों में रखने का आरोप schwieizer illustrierte नामक पत्रिका ने लगाया लेकिन साबित नहीं हो पाया ।
(3) वारेन एंडरसन को रिश्वत लेकर देश से फरार करने का आरोप लगाया जो भोपाल गैस काण्ड का आरोपी था।
(4)टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के अनुसार सोवियत संघ “के जी बी ” गुप्तचर संस्था ने राजीव को धन मुहैया कराया था ।
(5) सिक्खों के संदर्भ में एक वक्तव्य देने की कड़ी आलोचना हुई थी “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती तो हिलती है।”
ये जानकारी विकिपीडिया से ली गई हैं।

सी बी आई के संदर्भ में आलोचना
सी बी आई कि जिस तरह से भूमिका रही हैं उस संदर्भ में राजनैतिक दलों, समाजिक कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों ,और लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर आलोचना की गई है।
(1)प्रथम सूचना रिपोर्ट में देरी
(2)अनुरोध पत्र में डील
(3)दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध 2004 में अपील न करना ।
(4)कात्रोची के प्रत्यर्पण के लिए अर्जेंटीना से कमजोर केस बनाना ।
(5)निचली अदालतों के फैसले पर कोई टिप्पणी (अपील) न करना
(6)इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस को रिटर्न लेना।
(7)कात्रोची के खिलाफ मुकदमे को वापस लेना ।

राजीव गांधी की वीडियो में बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

लेख के संदर्भ में आपका कोई सुझाव या विचार मन में हो तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें

इंदिरा गांधी की जीवनी , परिचय, निबंध,हिंदी – Indira Gandhi biography,Early Life, introduction in Hindi

इंदिरा गांधी की जीवनी , परिचय, निबंध,हिंदी – Indira Gandhi biography,Early Life, introduction in Hindi

जन्म – इलाहाबाद, भारत , 19 नवंबर 1917
मृत्यु- नई दिल्ली ,31 अक्टूबर 1984
कार्य पद – राजनेता, भारत की अभी तक पहली और आखिरी महिला प्रधानमंत्री।
जन्मस्थान – इलाहाबाद , उत्तरप्रदेश ,इंडिया
माता- कमला नेहरू
पिता -जवाहर लाल नेहरू
पति – फिरोज़ गांधी
पुत्र- राजीव गांधी और संजय गांधी
पुत्र वधुएं – सोनिया गांधी और मेनका गांधी
पौत्र – राहुल गांधी और वरुण गांधी
पौत्री – प्रियंका गांधी

इंदिरा गांधी भारत में पहली और आखिरी अभी तक प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त की गई “महिला” हैं। इंदिरा गांधी भारत की चौथी प्रधानमंत्री रही । इनका प्रधानमंत्री बनने का सफर  ना   केवल  प्रेरणादायक हैं  बल्कि  महिला सशक्तीकरण के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय भी हैं ये   एक  ऐसी  प्रभावित महिला  थी  जिसने भारतीय राजनीति के साथ साथ विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी विलक्षण प्रभाव डाला। इसलिए उन्हें लौह महिला के नाम से भी याद किया जाता है।इंदिरा, पंडित नेहरू की इकलौती  बेटी  थी पंडित नेहरू के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए इंदिरा ने सरकार के अंदर अच्छी  खासी  पैठ  बना  ली थी ।इंदिरा  गांधी को राजनीतिक दृष्टि से निष्ठुर माना जाता है। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने प्रशासन  का  जरूरत से ज्यादा  केंद्रीयकरण  किया ।भारत  में  एकमात्र आपातकाल उनके शासनकाल में लागू किया गया और सभी राजनैतिक प्रतिद्वंदियों को जेल में बंद कर दिया गया । इंदिरा गांधी की सरकार में जितना भारत के संविधान के मूल  स्वरूप का  संशोधन उनकी सरकार में हुआ ।ऐसा पिछली सरकारी में कभी नहीं हुआ था ।
बंगलादेश मुद्दे पर भारत पाकिस्तान युद्ध हुआ और बांग्लादेश का जन्म उनके शासन काल के दौरान ही हुआ जब अमृतसर में  सिक्खों  के  पवित्र   स्थल “स्वर्ण मंदिर” में सेना और सुरक्षावलो के द्वारा आंतकवाद का सफाया करने का हवाला देकर “ऑपरेशन ब्लू स्टार” को अंजाम दिया ।बाद  में उनके  अंगरक्षकों ने कुछ महीनों बाद इस विवाद के चलते उनकी हत्या कर दी ।
इंदिरा गांधी अपनी राजनैतिक दृढ़ता और प्रतिभा के लिए भारतीय इतिहास में महिला प्रधानमंत्री पद पर हमेशा याद की जाएगी।

प्रारंभिक जीवन

19 नवंबर 1917 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में प्रसिद्द नेहरू वंश में इंदिरा गांधी का जन्म हुआ ।उन्हें “इंदिरा प्रिदर्शिनी ” नाम से पुकारा जाता था ।उनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरु और दादा मोतीलाल नेहरू थे । पेशे से  परिवार  सफल  वकील श्रेणी में विख्यात था । जवाहर  लाल  नेहरू और मोतीलाल नेहरू दोनों का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा ।इंदिरा की मां का  नाम कमला नेहरू था ।उनका परिवार आर्थिक रूप और बौद्धिक दोनों दृष्टि से बहुत उज्जवल और  संपन्न था इंदिरा  का नाम उनके दादा मोतीलाल नेहरू ने रखा था ।


दिखने में इंदिरा गांधी बहुत प्रिय थी इसलिए इंदिरा का नाम पंडित नेहरू ने प्यार से “प्रियदर्शनी” रखा था। मां- बाप का आकर्षक व्यक्तित्व और पहचान इंदिरा को विरासत में मिला ।लेकिन इंदिरा को बचपन में पारिवारिक जीवन स्थिर नहीं मिल पाया । क्योंकि पिता  स्वतंत्रता  सेनानी  थे  हमेशा  ज्यादा समय स्वतंत्रता आंदोलन में  व्यतीत करते थे और माता कमला नेहरू भी तपेदिक से ग्रसित चल बसी ।तब इंदिरा मात्र 18 साल की थी ।

मां के खराब स्वास्थ्य और पिता के राजनैतिक जीवन के चलते इंदिरा के जन्म के कुछ साल बाद भी शिक्षा का अनुकूल माहौल उपलब्ध नहीं हो पाया था । रात दिन राजनैतिक लोगों की आवाजाही के चलते घर का वातावरण  भी  पढ़ाई  के   लिए  अनुकूल  नहीं था ।इसलिए  ये  सभी  परिस्थितियों को नजर रखते हुए पंडित  नेहरू  ने उनके शिक्षा  के लिए  घर पर ही शिक्षकों का प्रबंध कर दिया था ।

इंदिरा अंग्रेज़ी के आलावा और किसी अन्य विषय में कोई विशेष दक्षता प्राप्त नहीं कर सकी ।इसलिए बाद में उनको “शांति निकेतन “के  विश्व भारती  में भेजा गया ।जिसे रवीन्द्र नाथ टैगोर ने स्थापित किया था ।
उसके बाद उन्होंने  बैडमिंटन स्कूल ऑफ ऑक्सफोर्ड लंदन में अध्ययन किया लेकिन औसत दर्ज की छात्रा होने पर वहां भी विशेष दक्षता नहीं दिखा पाई।

इंदिरा की मुलाकात  फिरोज  गांधी से  ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अध्ययन के दौरान अक्सर होती रहती थी ।फिरोज गांधी लंदन स्कूल ऑफ इकोनमिक्स में पढ़ाई कर रहे थे ।इंदिरा फिरोज को इलाहाबाद से ही जानती थी ।वापिस भारत लौटने पर दोनों का विवाह 16 मार्च 1942 को आनंद भवन , इलाहाबाद में संपन्न हुआ ।
राजनैतिक जीवन
जवाहर लाल नेहरू को अंतरिम सरकार के गठन के साथ कार्यवाहक प्रधानमंत्री बना दिया गया था ।इसके बाद राजनैतिक सक्रियता नेहरू जी की ज्यादा बड़ गई थी ।नेहरूजी जी के निवास स्थान त्रिमूर्ति भवन पर सभी आगंतुकों का स्वागत इंदिरा द्वारा ही किया जाता था ।नेहरू   जी की  उम्र को  देखते हुए सारी जिम्मेवारी इंदिरा  पर आ  गई और  नेहरू की पूरी देखभाल , कामकाज और नर्स के साथ उनकी सचिव बनी ।
राजनीतिक विचारधारा इंदिरा को विरासत में परिवार से ही मिली और राजनीति की भी अच्छी समझ पिता की मदद करते करते हो गई ।1955 में ही इन्हें कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी में  शामिल  कर लिया था ।राजनीतिक परामर्श और जानकारी इनसे बताते थे और उस पर अमल भी करते थे ।
मात्र 42 साल की उम्र में राजनीति के सफर में इंदिरा ने अपने पिता की राजनैतिक पार्टी में कदम रखा और 1959    में कांग्रेस  की   अध्यक्ष  बनी। नेहरू  की शख्शियत इतनी मजबूत थी कि कुछ लोगों ने पार्टी पर परिवारवाद फैलाने का आरोप भी लगाया लेकिन इन बातों का उन पर कोई असर नहीं हो पाया।नेहरू के निधन के बाद 1964 में चुनाव जीतकर शास्त्री की सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनी।अपने इस पद के दायित्व का  निर्वहन  बड़ी कुशलता के साथ किया और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के तौर तरीकों को ध्यान  में  रखते हुए  आकाशवाणी  के कार्यक्रमों को मनोरंजक  बनाया  और  गुणात्मक  सुधार  किए। आकाशवाणी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने में  अतुलनीय योगदान दिया और भारत पाकिस्तान के युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी ने सीमाओं पर जाकर जवानों का मनोबल ऊंचा किया और अपने विचारो के साथ अपने नेतृत्व के गुणों को दर्शाया।

स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी
बचपन से  ही  इंदिरा ने  अपने  घर  पर राजनैतिक माहौल देखा था उनके  परिवार से  उनके पिता और दादा दोनों स्वतंत्रता आंदोलन के मुख्य नेताओं में से एक थे इन बातों का असर इंदिरा पर भी पड़ा ।उन्होंने वानर सेना बनाई जिसमें लड़के लड़कियों को इकट्ठा करके झंडा जुलूस के साथ साथ विरोध प्रदर्शन और संवेदनशील प्रकाशनों और प्रतिबंधित सामग्रियों का परिसंचरण  भी करती थी ।अपने  पढ़ाई  के  दौरान लंदन में इंडियन लीग की मेंबर बनी।1941 में इंदिरा ऑक्सफोर्ड से  वापिस लौट  आई।आने के पश्चात भारतीय स्वन्त्रता आंदोलन से जुड़ गई ।और 1942 आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिए गया बाद में सरकार ने 1943 में रिहा किया ।
इंदिरा ने एक महत्त्वपूर्ण कार्य विभाजन के बाद जो किया,, वो  दंगे और अराजकता के दौरान शरणार्थी शिविरों को एकजुट करके तथा पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की देखभाल की।

प्रधानमंत्री पद
(1)इंदिरा गांधी भारत की अभी तक की पहली और आखिरी महिला प्रधानमंत्री रही।
(2)लगातार 3 बार (1966 से 1977) और बाद में चौथी बार (1980 से 1984)
(3)भारत में द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के मृत्यु के बाद सन् 1966 में श्रीमति इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री चुनी गईं।
(4)दूसरी बार बहुत कम बहुमत से 1967 में प्रधानमंत्री बनी
(5)तीसरी बार 1971 में भारी बहुमत से इंदिरा की सरकार बनी।
(6)और चौथी भार फिर से 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत रही ।

कांग्रेस अध्यक्ष के कामकाज को संभालते हुए लाल बहादुर    शास्त्री  के  मृत्यु  के बाद इंदिरा का नाम प्रधानमंत्री   पद के  लिए चुना  लेकिन  वरिष्ठ नेता मोरारजी देसाई ने भी अपना नाम प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया।इस गतिरोध को कांग्रेस संसदीय पार्टी द्वारा मतदान के माध्यम से सुलझाया गया और भारी  मतों से   इंदिरा गांधी विजयी हुए ।और इसके साथ  ही   इंदिरा  गांधी ने 24  जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की ।कांग्रेस को 1967 के इलेक्शन  में भारी  नुकसान हुआ लेकिन सरकार बनाने में कामयाब रहे ।दूसरी तरफ मोरारजी देसाई के निर्देशन में एक खेमा इंदिरा गांधी का लगातार विरोध प्रदर्शन करता रहा जिसके कारण कांग्रेस का 1969 में विभाजन हो गया ।
इंदिरा ने 19 जुलाई 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया ।

1971 के मध्यावधि चुनाव

अपनी स्थिति मजबूत बनाने के लिए दोनों तरफ देश और    पार्टी  में इंदिरा  गांधी ने  लोकसभा भंग कर मध्यावधि चुनाव की घोषणा कर दी ।जिसके कारण विपक्ष दल आश्चर्य में रह गया ।गरीबी हटाओ के नारे के साथ इंदिरा  गांधी  चुनावी  मैदान में उतरी ।और चुनावी माहौल उनके साथ दिखने लगा और कांग्रेस को 518 में से 352 सीटें मिली और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई।
चुनाव के परिणाम आने के बाद ये साफ हो गया था कि जनता ने अन्य दलों को नकार दिया था अब इंदिरा गांधी की स्थिति केंद्र  में मजबूत हो चुकी थी और वे अपने सोच समझ  और विचार करके स्वतंत्र फैसले लेने के लिए आज़ाद थी।

पाकिस्तान के साथ युद्ध
बांग्लादेश के मुद्दे पर 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध छिड़ा और  पाकिस्तान  को एक बार फिर से मुंह की खानी पड़ी ।भारत की सेनाओं ने 13 दिसंबर , ढाका को सभी तरफ से घेर लिया । जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ 16 दिसंबर को हथियार डाल दिए ।करारी हार के बाद पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति जुल्फिकार अली  भुट्टो  बने जिन्होंने भारत के सामने शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा जिसे इंदिरा गांधी ने मान लिया और  स्वीकार  करते  हुए दोनों देशों में शिमला समझौता हुआ ।

इंदिरा।  गांधी  ने  सोवियत  संघ से  मित्रता की और आपसी सहयोग बढ़ाया और अमेरिकी खेमे में शामिल नहीं हुई।  1971  में जिसके  परिणामस्वरूप युद्ध में भारत की   जीत  में सैन्य समर्थन और राजनैतिक सहयोग का पर्याप्त योगदान रहा ।

इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के युद्ध के बाद अपना पूरा ध्यान देश के विकास की ओर लगा दिया । लोकसभा चुनाव    में उन्हें पूर्ण बहुमत मिला था जिसके कारण उन्हें    निर्णय    लेने में आज़ादी थी 1972 में उन्होंने कोयला उद्योग  और बीमा कंपनी का राष्ट्रीयकण कर दिया ।ये फैसले जनता के द्वारा पूर्ण रुप से सराहे गए और अपार जनसमर्थन मिला ।इसके अलावा उन्होंने समाज  कल्याण ,भूमि सुधार ,और अर्थ जगत में भी बहुत सुधार किए ।

आपातकाल (1975-77)
इंदिरा   गांधी   की सरकार  को 1971 के लोकसभा चुनाव में भारी सफलता मिली थी और उन्होंने अनेक क्षेत्रों में  विकास  के नए काम करने भी शुरू किए थे लेकिन  इसके  बावजूद  भी देश  के अंदर  समस्याएं उत्पन्न होती जा रही थी ।लोग मंहगाई को लेकर थक चुके थे ।युद्ध के चलते आर्थिक बोझ के दबाव से भी आर्थिक समस्याएं बढ़ गई थी ।इसी दौरान सूखा और अकाल  प्रभावित  इलाकों  में स्थिति और बिगड़ गई थी।साथ  में  पेट्रोल और  डीजल  के दामों को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय बाज़ार से भारत में मेहंगाई बढ़ती जा रही थी।और सुमचे देश का विदेशी मुद्रा भंडार पेट्रोलियम आयात करने के रूप में तेजी से कम होता जा रहा था ।कुल मिलाकर  देखते  तो आर्थिक मंदी का जोर चल रहा था ।जिसमें  उद्योग धंधे ख़त्म होने की कगार पर थे और   बेरोज़गारी    आसमान छू रही थी ।साथ में सरकारी बाबू मेहंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इन सभी समस्याओं के चलते सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप  लगने शुरू हो गए थे।

इंदिरा गांधी की सरकार इन सभी समस्याओं से जूझने के साथ साथ ,इसी दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने   इंदिरा   गांधी  के  चुनाव  से जुड़े हुए मुकदमे पर फैसला सुनाते हुए इंदिरा का चुनाव रद कर दिया ।ये प्रतिबंध 6 सालों के लिए सुनाया गया ।इस फैसले के खिलाफ इंदिरा ने  सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की और न्यायालय ने चौदह जुलाई का दिन तय किया लेकिन विपक्षी  दलों   और नेताओं को चौदह जुलाई तक का समय गवारा नहीं लगा । विपक्ष के नेता जय प्रकाश नारायण  और अन्य  नेताओं ने आंदोलन को डरावना रूप  देकर, उग्र आंदोलन खड़ा कर दिया । इन आंदोलन और परिस्थितियों को देखते हुए काबू में करने  के  लिए   26 जून 1975 को सुबह देश में आपातकाल की घोषणा जारी कर दी।और इस प्रकार मोरारजी  देसाई ,   जय प्रकाश नारायण   और अन्य सैकड़ों हज़ारों।   नेताओं को गिरफ्तार कर के जेल में बंद कर दिया गया ।
लगभग मौलिक अधिकार समाप्त होने के साथ साथ सरकार ने रेडियो , अखबार,टीवी सभी मास मीडियम पर सेंसर लगा दिया ।

1977 में सरकार ने जनवरी महीने से लोकसभा चुनाव कराने की घोषणा की और साथ में ही राजनैतिक दलों के नेताओं की रिहाई हो गई ।एक बार फिर से मीडिया की आज़ादी  बहाल  हो  गई।चुनाव प्रचार और राजनीति सभाओं की स्वतंत्रता दे दी गई ।

समय   के   साथ   शायद इंदिरा  गांधी स्थिती का मूल्यांकन सही से नहीं कर पाई। जनता का विश्वास और समर्थन अब विपक्ष को मिलने लगा और इसी कारण विपक्ष पहले से ज्यादा सशक्त होकर जनता के सामने उबर  कर आयी।एकजुट विपक्ष और उसके सहयोगी  दलों को “जनता पार्टी” के  रूप में 542 सीटों में से 330 सीटें प्राप्त हुए ।जबकि कांग्रेस पार्टी को कुल 154 सीटें मिली और जोरदार हार हुई।

अटल बिहारी वाजपेई की जीवनी पढ़े ।


इंदिरा सरकार की वापिसी
जनता पार्टी ने 23 मार्च 1977को मोरारजी देसाई के नेतृत्व में   सरकार   बनाई  लेकिन आंतरिक कलह से जूझती अगस्त 1979 में सरकार गिर गई ।
इंदिरा गांधी पर जनता पार्टी के शासनकाल में अनेक तरह के आरोप लगाए गए, कई कमीशन जांच के लिए बैठाए गए।देश की विभिन्न अदालतों में इनके खिलाफ मुकदमे चलाए गए।और इंदिरा गांधी सरकारी भ्रष्टचार के घेरे में कुछ समय के लिए जेल में भी रही ।

जनता पार्टी के आंतरिक कलह के कारण उनकी सरकार सभी मोर्चों  पर असफल हो रही थी और दूसरी तरफ इंदिरा गांधी पर हो रहे अपमानजनक व्यवहार से    जनता   की निगाहें इंदिरा की तरफ सहानुभूति बटोर रही थी ।

सरकार चलाने में जनता पार्टी पूरी तरह से आंतरिक कलह के कारण असफल रही और इसी दौरान देश को मध्यावधि चुनाव का बोझ झेलना पड़ा । आपातकाल के लिए इंदिरा गांधी ने जनता से माफी मांगी और जिसके कारण कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत लेकर 592 में  से 353 सीटों पर कब्जा करके पुनः सरकार बनाने में सफल रही।और इंदिरा गांधी चौथी बार देश की प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुई।

1984 ,ऑपरेशन ब्लू स्टार और हत्या
पंजाब में अलगाववादी ताकते खुल कर सामने आने लगी   और   भिंडरावाले  के नेतृत्व में ये ताकते सिर उठाने लगी और भिंडरावाले को लगा कि वो पंजाब में अलग अस्तिव कायम कर देगा ।जब ऐसा प्रतीत हुआ कि स्थिति   बहुत  बिगड़  गई है और  केंद्र सरकार के हाथ से भी   नियंत्रण  निकलता नजर आ रहा था तब भिंडरवाले को गलतफहमी    के चलते    लगा  कि हथियारों के बल प्रयोग से अलग अस्तित्व कायम कर लेगा ।

भिंडरावाले का आतंकवादी समूह 1981 में हरमिंदर साहिब   परिसर में दाखिल  हो गया ।इंदिरा  गांधी ने सेना बल को धर्मस्थल के अंदर आंतकवादी समूह का सफाया  करने के  लिए प्रवेश के आदेश दे दिए और इस ऑपरेशन  कार्यवाही के दौरान हजारों जाने गई इंदिरा  गांधी के  खिलाफ  सिक्ख  समाज  का घोर आक्रोश पैदा हुआ।

ठीक   ऑपरेशन ब्लू  स्टार के 5 महीने बाद ही इंदिरा गांधी को 31 अक्टूबर 1984 को दो सिक्ख अंगरक्षक बित सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी ।
अवॉर्ड और सम्मान
1953* यू. एस. ए. में मदर्स अवॉर्ड ।

1971*भारत रत्न से सम्मानित ।
1972 *मेक्सिकन अवॉर्ड से नवाजा गया ।
1973 *सेकंड एनुअल मेडल एफ ए ओ ।
1976 *हिंदी में साहित्य वाचस्पति अवॉर्ड।


इंदिरा गांधी के नाम धरोहर
इंदिरा गांधी के। नाम से विभिन्न प्रकार के स्कूल , कॉलेज ,यूनिवर्सिटी , एयरपोर्ट, समुद्री ब्रिज,और शहरों सड़कों, चौराहों के नाम रखे गए हैं

जिसमें कुछ मुख्य रूप से इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (ई ग्र), इंदिरा गांधी नेशनल टाइब्ल युनिवर्सटी (अमरकंटक) इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस,इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च ( मुंबई ) इत्यादि कई संस्थाएं हैं।
भारत की राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट का नाम भी इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली हैं।

इंदिरा गांधी की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जीवन परिचय देखें

आर्टिकल से संबधित अपना सुझाव और विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें ।

अटल बिहारी वाजपेई की जीवनी, परिचय,हिंदी -Biography of Atal Bihari Vajpayee and Early Life in Hindi

अटल बिहारी वाजपेई की जीवनी, परिचय,हिंदी -Biography of Atal Bihari Vajpayee and Early Life in Hindi

पुरस्कार और सम्मान

(1)1992 में देश की अभूतपूर्व सेवाओं के लिए “पद्म विभूषण ” सम्मान ।
(2)1993 ,कानपुर यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि का सम्मान।
(3)1994 , लोकमान्य तिलक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
(4)1994 ,पंडित गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार से नवाजा गया।
(5)1994, सर्वश्रेष्ठ सांसद का सम्मान।
(6)2015,देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार”भारत रत्न” से नवाजा ।
(7)2015,बांग्लादेश द्वारा “लिब्रेशन वार अवॉर्ड ” दिया गया ।

अटल बिहारी वाजपेई जीवन भर राजनीति में सक्रिय रहे । पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद एकमात्र ऐसे नेता रहे जिन्होंने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद संभाला ।वे भारत के सबसे प्रेरक और सम्माननीय राजनीतिज्ञो में से एक रहे ।अटल जी ने विभिन्न परिषदों और संगठनों के मेंबर के तौर पर अपनी भूमिका निभाते हुए सेवाएं दी।अटल जी प्रखर वक्ता और प्रभावशाली कवि थे ।एक बड़े नेता के तौर पर वे अपनी लोकतांत्रिक, साफ़ छवि और उदार विचारों के लिए जाने गए।अटल जी को 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान”भारत रत्न” से नवाजा गया ।

प्रारंभिक जीवन

25 दिसंबर 1924 को अटलजी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ ।वे सात भाई – बहन थे उनकी माता का नाम कृष्णा देवी और पिता का कृष्ण बिहारी था ।उनके पिता विद्वान और स्कूल शिक्षक थे अटल जी अपनी स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद लक्ष्मीबाई कॉलेज  और डी. ए.वी  कॉलेज कानपुर आ गए ।यहां से इन्होंने इकोनॉमिक्स सबजेक्ट में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। उन्होंने लखनऊ से आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन भरा लेकिन पढ़ाई जारी नहीं कर पाए ।बाद में इन्होंने बतौर संपादक आरएसएस द्वारा प्रकाशित पत्रिका में नौकरी की । हालांकि अटल जी ताउम्र अविवाहित रहे ।उन्होंने बी एन कौल की दो बेटियों नंदिता और नमिता को गोद लिया ।

Arunsandhu.com
Source-wikipidia

करियर

अटल जी ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी  राजनैतिक यात्रा का शुभारंभ किया ।भारत छोड़ो आन्दोलन में हिस्सा लेने पर 1942 में अन्य नेताओं के साथ गिरफ्तार कर लिए गए।श्यामा प्रसाद मुखर्जी से पहली मुलाकात उनकी इसी दौरान हुए ।जो बी जे एस के नेता यानी भारतीय जनसंघ के नेता थे।अटल जी ने उनके राजनैतिक एजेंडे में सहयोग दिया । स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते मुखर्जी का निधन हो  गया ।बाद में बी जे एस का कार्यकाल अटल जी के कंधों पर आ गया और इस संगठन के एजेंडे और विचारों को आगे बढ़ाया ।लोकसभा चुनावों में बलरामपुर सीट से1954 में संसद सदस्य निर्वाचित हुए । विस्तृत नजरिए और राजनीतिक जानकारी ने उन्हें छोटी उम्र में राजनीति जगत में सम्मान और पहचान दिलाने में मदद की। जब मोरारजी देसाई की सरकार 1977 में बनी तो अटल जी को विदेश मंत्री का पद दिया गया । दो साल बाद अटल जी ने चीन की यात्रा की ।यात्रा का मकसद चीन सम्बन्धों पर चर्चा करना था।1971 में भारत- पाक के युद्ध के कारण प्रभावित व्यापारिक संबंधों को सुधारने के लिए पाकिस्तान की भी यात्रा की। आरएसएस पर जब जनता पार्टी ने हमला किया तब अटल जी ने 1979 में मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया ।

Arunsandhu.com
Source-wikipidia

अटल जी व आरएसएस से आए लाल कृष्ण आडवाणी तथा बीजेएस और भैरों सिंह शेखावत व अन्य साथियों ने सन् 1980 में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी । पहले पांच साल “स्थापना के” अटल जी खुद बीजेपी के अध्यक्ष रहे ।।
भारत में प्रधानमंत्री के तौर पर
लोकसभा चुनाव के बाद सन 1996 में बीजेपी को सत्ता में आने का मौका मिला और अटल जी प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुए ।लेकिन कुछ दिनों में ही बहुमत सिद्ध न कर पाने पर सरकार गिर गई और अटल जी को मात्र 13 दिनों के अंदर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा ।
एक बार फिर बीजेपी 1998 में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करने पर सरकार बनाने में कामयाब रही।लेकिन इस बार सरकार तेरह महीनों तक चल सकी।क्यूंकि अपना समर्थन वापिस लेते हुए आॅल इंडिया द्रविड़ मुनेन काजगम पार्टी ने सरकार गिरा दी।अटल जी के योगदान और नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने  राजस्थान के पोखरण में मई 1998 में परमाणु परीक्षण कराए।
एनडीए(नेशनल डेमक्रेटिक एलायंस ) को 1999 लोकसभा चुनाव में सरकार बनाने की सफलता प्राप्त हुई और अटल जी एक बार फिर प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुए ।इस बार पूरे पांच साल पूरे करने पर एनडीए पार्टी  पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी ।अटल जी ने निजी   क्षेत्र और आर्थिक सुधार के लिए सहयोगी दलों के मजबूत समर्थन से कई योजनाएं शुरू की। औद्योगिक क्षेत्र में अटल जी ने राज्यों के दख़ल को सीमित करने का प्रयास किया ।सूचना तकनीकी और विदेशी निवेश की दिशा में अटल जी ने शोध को बढ़ावा दिया ।भारत की अर्थव्यवस्था पर अटल जी ने नई नीतियों और विचारों के परिणाम स्वरूप त्वरित विकास हासिल किया । यू एस ए और पाक के साथ दोस्ताना व्यवहार कायम करके अपनी सरकार में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया ।हालांकि विदेश नीतियों पर अटल जी की सरकार ज्यादा बदलाव नहीं ला सकी लेकिन फिर भी इन नीतियों की सराहना हुई।
एनडीए के पूरे पांच साल होने के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ अटल जी के नेतृत्व में लोकसभा चुनावों में बीजेपी एक बार फिर चुनाव में उतरी लेकिन इस बार यूपीए (कांग्रेस) ने सफलापूर्वक अपनी सरकार बनाई ।
और इसके साथ ही अटल जी ने सक्रिय राजनीति से दिसंबर 2005 में संन्यास लेने की घोषणा कर दी।
व्यक्तिगत जीवन
अटलजी समस्त जीवन में अविवाहित रहे और उन्होंने बी एन कौल की बेटी नमिता भट्टाचार्य को गोद लिया था ।

मृत्यु
अटल जी एक बार 2009 में दिल का दौरा पड़ने से जूझ चुके थे जिसके बाद उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता रहा । ग्यारह जून 2018 को उन्हें एम्स (अखिल भारतीय आयु्विज्ञान संस्थान) में भर्ती किया गया था । सोलह अगस्त 2018 को अटलजी परलोक सिधार गए । सत्रह अगस्त को उनकी मुंह बोली बेटी नमिता कौल ने उन्हें मुखाग्नि दी।राजघाट के नजदीक शांति वन में स्मृति स्थल में उनकी समाधि बनाई गई हैं।

जीवन घटनाक्रम (टाइमलाइन)
1924 * अटल जी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ ।
1942 *भारत छोड़ो आन्दोलन में भागीदारी ।
1957 *लोकसभा सीट के लिए चुने गए ।
1980 *बीजेपी की स्थापना ।
1992 *पद्म विभूषण सम्मान।
1996 * प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त।
1998 *दूसरी बार प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत।
1999 *तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने।
2005 *राजनीति से सन्यास ।
2015 *भारत रत्न से सम्मानित।
2108 *11 जून ,2018 , मृत्यु

अटल जी का कविता सग्रह से दिखाई गई एक कविता

अरूण कुमार
Source: Kavita sangrah

अटल जी की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें ।

पंडित जवाहरलाल नेहरु का जीवन परिचय,जीवनी,हिंदी, Biography of Jawaharlal Nehru in Hindi

पंडित जवाहरलाल नेहरु का जीवन परिचय,जीवनी,हिंदी, Biography of Jawaharlal Nehru in Hindi

नाम – जवाहर लाल मोतीलाल नेहरू।

जन्म– चौदह नवंबर 1889 , इलाहाबाद,भारत ।

मृत्यु -27 मई1964 (उम्र 74 साल ) नई दिल्ली, भारत।

पिता – मोती लाल नेहरु ।

माता- स्वरूप रानी नेहरू।

विवाह – कमला नेहरू ।

उपलब्धियां

पंडित जवाहरलाल नेहरू असहयोग आंदोलन में सक्रिय रूप से भागीदार रहे , इलाहाबाद में 1924 नगर निगम अध्यक्ष चुने गए और शहर के प्रमुख कार्य अधिकारी के रूप में अपना योगदान दिया उसके बाद 1929 में कांग्रेस के  लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए आजादी की मांग का प्रस्ताव पारित किया और 1946 में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए बाद में स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने । पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले नेताओं में सबसे आगे रहे आजादी के बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने पंडित जवाहर नेहरू को भारत के आधुनिक समय में भारत के निर्माता के रूप में जाना जाता है ।पंडित नेहरू को बच्चो से बहुत लगाव और प्रेम था इसलिए बच्चे उन्हें चाचा नेहरू बोला करते थे ।

प्रारंभिक जीवन

14 नवंबर 1889 को पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ ।इनके पिता मोतीलाल नेहरू एक प्रसिद्ध वकील इलाहाबाद में कार्यरत थे उनकी माता का नाम स्वरूपरानी था पंडित जवाहरलाल नेहरू मोतीलाल नेहरू के इकलौते उत्तराधिकारी थे पंडित नेहरू की तीन बहनें थीं और इनका परिवार कश्मीरी वंश में सारस्वत ब्राह्मण समाज का था ।
पंडित नेहरू ने अपनी शिक्षा दुनिया के सबसे अच्छे स्कूलों और कॉलेजों से ग्रहण की ।उन्होंने अपनी स्कूल की शिक्षा हैरो से की और ग्रेजुएशन कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी लॉ ऑफ कॉलेज से डिग्री पूरी की ।इंग्लैंड में रहकर वहां पर सात सालों मे पंडित नेहरू ने फैबियन समाजवाद और आयरिश राष्ट्रवाद के लिए तर्कसंगत सोच ओर दृष्टिकोण विकसित किया ।

करियर

1912 में पंडित नेहरू भारत लौट आएं और यहां वकालत की शुरुआत की ।1916 में नेहरू जी का विवाह कमला नेहरू से हुआ । 1917 में नेहरू होम रूल लीग से जुड़ गए ।राजनीत की असली शुरुआत 1919 में हुई जब पहली बार महात्मा गांधी के संपर्क में आए ।उस समय रॉलेट अधिनियम के खिलाफ महात्मा गांधी एक अभियान चला रहे थे ।उस समय गांधी के “सक्रिय और शांतिपूर्ण सविनय अवज्ञा आन्दोलन” के प्रति पंडित नेहरू अच्छे खासे प्रभावित हुए ।
पंडित जवहरलाल नेहरू में गांधी जी ने पहली बार स्वयं कल्पना करते हुए आशा की एक किरण और भारत का भविष्य देखा ।
नेहरू परिवार ने अपने आप को गांधी जी द्वारा दी गई दिक्षाओं के हिसाब से खुद को मजबूत किया और इसके साथ ही मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू ने पश्चिमी लिवास और महंगी चीज़ों के साथ महंगी सम्पत्ति का त्याग कर दिया ।वे अब एक गांधी टोपी और खादी कपड़े पहनने लगे । 1920-1922 में जवाहर लाल नेहरू ने असहयोग आन्दोलन में सक्रिय हिस्सा लिया और गिरफ्तार भी हुए लेकिन कुछ महीनों के पश्चात उन्हें रिहा कर दिया गया ।

1924 में जवाहर लाल नेहरु इलाहाबाद नगर निगम के चुनाव में अध्यक्ष चुने गए और उन्होंने दो वर्ष तक शहर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी ।यहां का प्रशासनिक अनुभव उनके लिए मूल्यवान साबित हुआ जब वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने ।पंडित नेहरू ने अपने कार्यकाल का सदुपयोग करते हुए स्वास्थ्य- सेवा , सार्वजनिक- शिक्षा और साफ- सफाई के विस्तार को मध्य नज़र रखते हुए काम किया ।ब्रिटिश सरकार का सहयोग न मिलने से उन्होंने 1926 में इस्तीफा दे दिया ।

पंडित नेहरू ने 1926-1928 तक महासचिव के रूप में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति में अपनी सेवाएं दी ।और वार्षिक सत्र का आयोजन मोतीलाल नेहरु की अध्यक्षता में किया गया
।इस सत्र के दौरान सुभाष चन्द्र बोस और जवाहर लाल नेहरू ने पूरी राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग का पक्ष रखा और समर्थन किया ।जबकि अन्य नेताओं के साथ मोतीलाल नेहरू ब्रिटिश सरकार के अंदर ही प्रभुत्व सम्पूर्ण राज्य चाहते थे ।इस मुद्दे को गंभीर रूप से सोचविचार कर हल करने के लिए महात्मा गांधी ने बीच का रास्ता दिखाते हुए कहा कि भारत के राज्य का दर्जा देने के लिए ब्रिटेन को “दो साल का समय” दिया जायेगा । ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस के द्वारा पूर्ण रूप से “राजनैतिक स्वतंत्रता” के पक्ष में राष्ट्रीय आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा ।जब पंडित जवारहलाल नेहरू और सुभाष चन्द्र बोस ने ब्रिटिश सरकार से समय को कम से कम एक साल कर दिया जाए करने की मांग की तो सरकार की तरफ से कोई जबाव नहीं मिला ।
कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन 1929 दिसंबर , लाहौर में आयोजित हुआ जिसमें कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को चुना गया ।चुनाव के समय में नेहरूजी ने पार्टी के बाहर रहते हुए भी पार्टी के लिए ज़ोर शोर से राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया । लगभग कांग्रेस ने हर प्रांत में सरकारों का गठन किया और केंद्रीय असेम्बली में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की ।1936 और 1937 से लेकर 1946 में नेहरू कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए ।और गांधी जी के साथ राष्ट्रव्यापी आंदोलन में सक्रिय रूप से दूसरे नंबर के नेता बन गए ।भारत छोड़ो आंदोलन के समय उन्हें 1942 में गिरफ्तार भी किया गया और बाद में 1945 में छोड़ दिया गया । भारत- पाकिस्तान- विभाजन के दौरान आज़ादी के मुद्दे पर ब्रिटिश सरकार के साथ हुए बातचीत में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

पंडित नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री 1947 में बने । पाकिस्तान के साथ नए समझौते पर बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन और दंगे,भारतीय संघ में करीब करीब पांच सौ रियायतों का एकीकरण ,नए संविधान का निर्माण और निर्देशन,संसदीय लोकतंत्र कार्यप्रणाली के लिए राजनैतिक तथा प्रशासनिक ढांचे की स्थापन आदि विकट और चुनौतियों से भरे समय का सामना पंडित नेहरू ने प्रभावी तरीके से किया ।

भारत के विकास के लिए पंडित नेहरू का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।इन्होनें योजना आयोग का गठन करते हुए साइंस और टेक्नोलॉजी के विकास को बढ़ावा दिया और तीन पंचवर्षीय योजनाओं का लगातार शुभारंभ किया ।देश में उनकी नीतियों के कारण कृषि और उद्योग से एक नए युग की शुरुआत हुई।भारत की विदेश नीति विकास में नेहरू जी ने मुख्य भूमिका निभाई । एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद के खात्मे के लिए पंडित नेहरू ने नासिर और टिटो के साथ मिलकर गुट निरपेक्ष आंदोलन की रचना रची ।पंडित नेहरू कोरियाई युद्ध का पतन करने और स्वेज नहर विवाद सुलझाने तथा कांगो समझौते के पक्ष में भारत की सेवाओं और इंटरनेशनल पुलिस व्यवस्था की पेशकश को मूर्तरूप देने जैसे विभिन्न इंटरनेशनल समस्याओं के समाधान में प्रमुख रूप से अपना योगदान दिया और मध्यस्थ भूमिका में रहे ।

लाओस, अस्ट्रिया,बर्लिन जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान के लिए भी उनका योगदान पर्दे के पीछे रहकर भी सुझाव और सलाह के तौर पर महत्वपूर्ण रहा।

पंडित नेहरू चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के आपसी तालमेल और सम्बन्धों में सुधार नहीं कर पाए।चीन के साथ सीमा विवाद रास्ते के पत्थर साबित हुए और पाकिस्तान के एक समझौते पर आने के बाद कश्मीर मुद्दा सामने आया ।भारत पर चीन ने 1962 में हमला बोल दिया जिसका पूर्वानुमान लगाने में नेहरू असफल रहे ।ये वारदात उनके लिए एक बहुत बड़ी नाकामयाबी थी और उनकी मौत भी शायद इस असफलता के कारण हुई। पंडित जवाहलाल नेहरू की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से 27 मई 1964 को हुई।।

पंडित जवाहरलाल नेहरु की वीडियो में जीवनी देखे ।

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की जीवनी व परिचय -Bhartendu Harishchandra biography and Early Life in Hindi

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की जीवनी व परिचय -Bhartendu Harishchandra biography and Early Life in Hindi

जीवन-परिचय– भारतेन्‍दु हरिश्‍चन्‍द्र जी का जन्‍म 9 सितम्‍बर 1850 ई. में काशी में हुआ था। इनके पिता “बाबू गोपालचन्‍द्र” जी थे, जो वे ‘गिरधरदास’ उपनाम से कविता करते थे। जब भारतेन्दु पांच साल के थे तब उनकी माता चल बसी और दस वर्ष की आयु में पिता भी प्राण छोड़ गए। भारतेन्‍दु जी ने पांच वर्ष की अल्‍पायु में ही काव्य-रचना कर सभी को आश्चर्य चकित कर दिया ।

डॉ अब्दुल कलाम की जीवनी पढ़े ।
डॉ जाकिर हुसैन की जीवनी पढ़े।

भारतेन्दु में विलक्षण प्रतिभा की बात थी और उन्होंने अपनी परिस्थितयों से गंभीर प्रेरणा ली।इनके मित्र मंडली में कवि , लेखक, विचारक थे जिन सभी से प्रभावित होकर सीखते । उनके साहित्यिक मंडली में प्रमुख कवि बालकृष्ण भट्ट , प्रताप नारायण मिश्र ,बद्री नारायण उपाध्याय आदि थे । भारतेन्दु की बाल्यावस्था में ही माता-पिता की छत्रछाया उनके सिर से उठ जाने के कारण उन्‍हें उनके वात्‍सलय से वंचित रहना पड़ा। अत: उनकी स्‍कूली शिक्षा में व्‍यवधान पड़ गया। अपने घर पर ही स्‍वाध्‍याय से हिन्‍दी, अँग्रेजी, संस्‍कृत, फारसी, मराठी, गुजराती आदि भाषाओं का उच्‍च ज्ञान प्राप्‍त कर लिया। 13 वर्ष की अल्‍पायु में ही उनका विवाह हो गया। वे स्‍वभाव से अति उदार थे। दीन-दुखियों की सहायता, देश-सेवा और साहित्‍य-सेवा में उन्‍होंने अपने धन को बांट दिया। इस उदारता के कारण उनकी आर्थिक दशा शोचनीय हो गयी तथा वे ऋणग्रस्‍त हो गये। ऋण की चिंता से उनका शरीर क्षीण हो गया। 6 जनवरी 1885 ई. में 35 वर्ष की अल्‍पायु में ही इनकी मृत्‍यु हो गयी।

भारतेन्‍दु हरिश्‍चनद्र आधुनिक हिन्‍दी खड़ी बोली गद्य-साहित्‍य के जनक माने जाते हैं। उन्होंने गद्य-साहित्‍य के द्वारा एक ओर तो देश-प्रेम का सन्देश दिया और दूसरी ओर समाज की कुरीतियों तथा विसंगतियों पर तीक्ष्‍ण व्‍यंग्‍य एवं कटु प्रहार किए है। उनके साहित्‍य में भारतीय संस्‍कृति के प्रति निष्‍ठा सर्वत्र दृष्टिगोचर होती है। भारतेन्‍दु हरिश्‍चन्‍द्र अपने युग की समस्त चेतना के केन्‍द्र बिन्‍दु थे। वे वर्तमान के व्याख्याता एवं भविष्‍य के द्रष्‍टा थे। भारतेन्‍दु के रूप में वे, हिन्‍दी साहित्‍य-जगत को प्राप्‍त हुए।इनकी उच्कोटी के कार्य लेखन से ही वे दूर दूर तक विख्यात थे भारतेन्दु की कृतियों का अध्ययन करने पर बोध होता है कि इनमें लेखक, कवि, नाटककार बनने की प्रतिभा अदभुत और सराहनीय थी ये बहुमुखी प्रतिभा और विकास से संपन्न साहित्यकार थे

भारतेन्‍दु हरिश्‍चन्‍द्र की प्रमुख कृतियां
• विद्या सुन्‍दर
• रत्‍नावली
• पाखण्‍उ विडम्‍बन
• धनंजय विजय
• कर्पूर मंजरी
• मुद्राराक्षस
• भारत जननी
• दुर्लभ बंधु
• वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति
• सत्‍य हरिश्‍चन्‍द्र
• श्री चन्‍द्रावली विषस्‍य विषमौषधम्
• भारत-दुर्दशा
• नील देवी
• अँधेर नगरी
• सती प्रताप
• प्रेम-जोगिनी

सम्‍पादन
• सन् 1868 ई. में ‘‍कवि-वचन-सुधा’
• सन् 1873 ई.में हरिश्‍चन्‍द्र मैगजीन

भारतेन्‍दु जी के वर्ण्‍य विषय थे- भाक्ति, श्रृंगार, समाज-सुधार, प्रगाढ़ देश-प्रेम, गहन राष्‍ट्रीय चेतना, नाटक और रंगमंच का परिष्‍कार आदि। उन्होंने जीवनी और यात्रा-वृत्तान्‍त भी लिखे है। तत्‍कालीन सामाजिक रूढि़यों को दृष्टि में रखकर उन्‍होंने हास्‍य और वयंग्‍यपरक अति सुन्‍दर लेख लिखे है।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी पढ़े।

भारतेन्‍दु जी बहुमुखी प्रतिभा के साहित्‍यकार थे, उन्‍होंने अनेक विधाओं में साहित्‍य सृजन किया ओर हिन्‍दी साहित्य को शताधिक रचनाऍं समर्पित कर समृद्ध बनाया । काव्‍य-सृजन में भारतेन्‍दु जी ने ब्रज भाषा का प्रयोग किया तथा गद्य-लेखन में उन्‍होंने खड़ी बोली भाषा को अपनाया। उन्‍होंने खड़ी बोली को व्‍यवस्थित, परिष्‍कृत और परिमार्जित रूप प्रदान किया। उन्‍होंने आवश्‍यकतानुसार अरबी, फारसी, उर्दू, अँग्रेजी, आदि भाषाओं के शब्‍दों का भी प्रयोग किया। भाषा में प्रवाह, प्रभाव तथा ओज लाने हेतु उन्‍होंने लोकोक्तियॉं एवं मुहावरों का भलीभॉंति प्रचुर मात्रा में प्रयोग किया है। हमें विषय के अनुयप भारतेन्दुजी के गद्य में विविध शैलियों के दर्शन होते है, जिनमें प्रमुख हैं वर्णनात्‍मक विचारात्‍मक, भावात्‍मक, विवरणात्‍मक व्‍यंग्‍यात्‍मक।

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की वीडियो बायोग्राफी देखने के लिए क्लिक करें।

पोस्ट से जुड़ा हुआ कोई भी सुझाव या विचार मन में हो तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें

डॉ. जाकिर हुसैन जीवन परिचय

जन्म: 8 फरवरी, 1897, हैदराबाद, तेलन्गाना, भारत
मृत्यु: 3 मई, 1969, दिल्ली, भारत
कार्य: भारत के तीसरे राष्ट्रपति

डॉ. जाकिर हुसैन जीवन परिचय

डॉ. जाकिर हुसैन का जन्म तेलन्गाना के हैदराबाद में 8 फरवरी, 1897 में हुआ उनके जन्म के बाद उनका परिवार उत्तर प्रदेश के फरुक्खाबाद जिले के कायमगंज में बस गया था उनका जन्म भारत में हुआ था, लेकिन उनके परिवार के पुराने इतिहास को देखा जाए तो ये वर्तमान पश्तून जनजाति वाले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से सम्बन्ध रखते थे. यह भी कहा जाता है कि उनके पूर्वज अठारहवीं शताब्दी के दौरान वर्तमान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकर बस गए थे।जब वह केवल दस वर्ष के थे तो उनके पिता चल बसे और चौदह वर्ष की बाल उम्र में उनकी माँ का निधन हो गया था। युवा जाकिर ने इटावा में इस्लामिया हाई स्कूल से अपनी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए अलीगढ़ में एंग्लो-मुहम्मडन ओरिएंटल कॉलेज (अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता है) में दाखिला लिया। यहीं से उन्होंने एक युवा सुधारवादी राजनेता के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की।
डॉ. जाकिर हुसैन 13 मई, 1967 से 3 मई, 1969 तक स्वतंत्र भारत के तीसरे राष्ट्रपति रहे। डॉ. जाकिर हुसैन भारत में आधुनिक शिक्षा के सबसे बड़े समर्थकों में से एक थे और उन्होंने अपने नेतृत्व में राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालय को स्थापित किया। उनके द्वारा स्थापित राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालय आजकल जामिया मिलिया इस्लामिया के नाम से एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नई दिल्ली में मौजूद है, जहाँ से हजारों छात्र प्रत्येक वर्ष अनेक विषयों में शिक्षा ग्रहण करते हैं।डॉ. जाकिर हुसैन ने बिहार के राज्यपाल के रूप में भी सेवा की थी और इसके बाद वे अपना राजनीतिक कैरियर समाप्त होने से पहले वे देश के उपराष्ट्रपति रहे तथा बाद में वे भारत के तीसरे राष्ट्रपति भी बने।
डॉ जाकिर हुसैन को अलीगढ़ के एंग्लो-मुहम्मडन ओरिएंटल कॉलेज में अध्ययन के वर्षों के दौरान से ही एक छात्र नेता के रूप में पहचान मिली। राजनीति के साथ-साथ उनकी दिलचस्पी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी थी। अपनी औपचारिक उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद वे 29 अक्टूबर, 1920 को उन्होंने कुछ छात्रों और शिक्षकों के साथ मिलकर अलीगढ़ में राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की (वर्ष 1925 में यह यूनिवर्सिटी करोल बाग, नई दिल्ली में स्थानांतरित हो गयी। दस वर्षों के बाद यह फिर से जामिया नगर, नई दिल्ली में स्थायी रूप से स्थानांतरित कर दी गयी और इसका नाम जामिया मिलिया इस्लामिया रखा गया था)। इस समय उनकी मात्र 23 साल थी।

डॉ अब्दुल कलाम की जीवनी पढ़े ।

डॉ. जाकिर हुसैन उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए थे परन्तु जल्द ही वे भारत लौट आये। वापस आकर उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया को अपना शैक्षणिक और प्रशासनिक नेतृत्व प्रदान किया। विश्वविद्यालय वर्ष 1927 में बंद होने के कगार पर पहुँच था, लेकिन डॉ. जाकिर हुसैन के प्रयासों की वजह यह शैक्षिक संस्थान अपनी लोकप्रियता बरकरार रखने में कामयाब रहा था।उन्होंने लगातार अपना समर्थन देना जारी रखा, इस प्रकार उन्होंने 21 वर्षों तक संस्था को अपना शैक्षिक और प्रबंधकीय नेतृत्व प्रदान किया। उनके प्रयासों की वजह से इस विश्वविद्यालय ने ब्रिटिश शासन से भारत की आजादी के लिए संघर्ष में योगदान दिया।एक शिक्षक के रूप में डॉ. जाकिर हुसैन ने महात्मा गांधी और हाकिम अजमल खान के आदर्शों को प्रचारित किया। उन्होंने वर्ष 1930 के दशक के मध्य तक देश के कई शैक्षिक सुधार आंदोलन में एक सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य किया।

डॉ जाकिर हुसैन की गहरी रुचि और समर्पण, राजनीति की तुलना में शिक्षा के प्रति अधिक था, जिसका स्पष्ट प्रमाण उनका अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री के लिए जर्मनी जाना था। जब वे बर्लिन विश्वविद्यालय में थे तो उन्होंने प्रसिद्ध उर्दू शायर मिर्जा खान गालिब के कुछ अच्छे शायरियों का संकलन किया था। जाकिर हुसैन का विचार था कि शिक्षा का मकसद अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई के दौरान भारत की मदद के लिए मुख्य उपकरण के रूप उपयोग करना था। वास्तव में जाकिर हुसैन का भारत में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लक्ष्य के प्रति इतना समर्पण था कि वे अपने प्रबल राजनीतिक विरोधी मोहम्मद अली जिन्ना का भी ध्यान अपनी तरफ खींचने में सफल रहे।
डॉ. जाकिर हुसैन स्वतंत्र भारत में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति (पहले इसे एंग्लो-मुहम्मडन ओरिएंटल कॉलेज के नाम से जाना जाता था) चुने गए। वाइस चांसलर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. जाकिर हुसैन ने पाकिस्तान के रूप में एक अलग देश बनाने की मांग के समर्थन में इस संस्था के अन्दर कार्यरत कई शिक्षकों को ऐसा करने से रोकने में सक्षम हुए। डॉ. जाकिर हुसैन को वर्ष 1954 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। डॉ. जाकिर हुसैन को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में अपने कार्यकाल के अंत में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था।इस प्रकार वे वर्ष 1956 में भारतीय संसद के सदस्य बन गये। वे केवल एक वर्ष के लिए बिहार के राज्यपाल बनाए, पर बाद में वे पांच वर्ष (1957 से 1962) तक इस पद पर बने रहे।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी पढ़े ।


जाकिर हुसैन को उनके कार्यों को देखते हुए वर्ष 1963 में भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया. दिल्ली, कोलकाता, अलीगढ़, इलाहाबाद और काहिरा विश्वविद्यालयों ने उन्हें उन्होंने डि-लिट् (मानद) उपाधि से सम्मानित किया था। राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के अंत के साथ ही डॉ. जाकिर हुसैन पांच वर्ष की अवधि के लिए देश के दूसरे उप-राष्ट्रपति चुने गए। उन्होंने 13 मई, 1967 को राष्ट्रपति पद ग्रहण किया। इस प्रकार वे भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति बने । वे डॉ. राजेंद्र प्रसाद और सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बाद राष्ट्रपति पद पर पहुचने वाले तीसरे राजनीतिज्ञ थे।

भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के दो साल के बाद 3 मई, 1969 को डॉ. जाकिर हुसैन का निधन हो गया। वे पहले राष्ट्रपति थे जिनका निधन कार्यकाल के दौरान ही हुआ। उन्हें नई दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया (केन्द्रीय विश्वविद्यालय ) के परिसर में दफनाया गया है।

आपका इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव हो तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ।

डॉ जाकिर हुसैन की बायोग्राफी वीडियो में देखें

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Biography in Hindi


डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जीवनी Dr. Sarvepalli Radhakrishnan biography in hindi

भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे। वो एक महान दार्शनिक, आदर्श शिक्षक और हिंदू विचारक थे। उनके श्रेष्ठ गुणों के कारण भारत सरकार ने सन 1954 में आपको देश के सर्वश्रेष्ठ सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित किया। वो यह पुरस्कार पाने वाले देश के पहले व्यक्ति थे। डॉ राधाकृष्णन का जन्मदिन 5 सितंबर को होता है जो पूरे देश- प्रदेश में “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाता है।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म और प्रारंभिक जीवन

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरूतनी ग्राम में एक ब्राहमण परिवार में हुआ था। डॉ राधाकृष्णन के पुरखे सर्वपल्ली नामक गाँव में रहा करते थे इसलिए राधाकृष्णन के परिवार के सभी लोग अपने नामो के साथ सर्वपल्ली उपनाम लगाते थे उनके पिता जी का नाम ‘सर्वपल्ली वीरास्वामी’ और माता का नाम ‘सीताम्मा’ था। राधाकृष्णन 4 भाई और उनकी 1 बहन थी।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का विद्यार्थी जीवन
राधाकृष्णन बचपन से ही मेधावी छात्र थे।उन्हें क्रिश्चियन मिशनरी संस्था लुथर्न मिशन स्कूल, तिरूपति में 1896-1900 के मध्य पढ़ने के लिए भेजा गया। मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज, मद्रास में उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की।
स्नातक की परीक्षा 1904 में कला वर्ग में प्रथम श्रेणी से पास की। मनोविज्ञान, इतिहास और गणित विषय में विशेष योग्यता प्राप्त की। उन्होंने “बाईबिल” का अध्ययन भी किया। क्रिश्चियन कॉलेज में डॉ राधाकृष्णन को छात्रवृत्ति मिली।
1916 में राधाकृष्णन ने दर्शनशास्त्र में एम० ए० किया और मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक पद पर नौकरी पा ली। अपने लेखो के द्वारा पूरी दुनिया को भारतीय दर्शन शास्त्र से परिचित करवाया।
डॉ राधाकृष्णन जी का वैवाहिक जीवन
उस जमाने में कम उम्र में शादियाँ होती थी। 1903 में 16 वर्ष की कम आयु में ही उनका विवाह ‘सिवाकामू’ से हो गया। उस समय उनकी पत्नी की आयु मात्र 10 वर्ष की थी। उनको तेलुगु भाषा का अच्छा ज्ञान था। वह अंग्रेजी भाषा भी जानती थी। 1908 में राधाकृष्णन दम्पति को एक पुत्री का जन्म हुआ।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का राजनितिक प्रतिबद्धता
1947 में अपने ज्ञान और प्रतिभा के कारण डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को संविधान निर्मात्री सभा का सदस्य बनाया गया। उनको अनेक विश्वविद्दालय का चेयरमैन बनाया गया।
पंडित जवाहलाल नेहरु 14 -15 अगस्त की रात्रि 12 बजे आजादी की घोषणा करने वाले थे पर इसकी जानकरी सिर्फ राधाकृष्णन को थी। वे एक गैर परम्परावादी राजनयिक थे। जो मीटिंग देर रात तक चलती थी उसने डॉ॰ राधाकृष्णन रात 10 बजे तक ही हिस्सा लेते थे क्यूंकि उनके सोने का वक्त हो जाता था।
उपराष्ट्रपति के पद पर कार्यकाल
1952 में सोवियत संघ बनने के बाद डॉ॰ राधाकृष्णन को संविधान के अन्तर्गत पराष्ट्रपति का एक नया पद सृजित करके उपराष्ट्रपति बनाया गया। पंडित नेहरु ने उनको यह पद देकर सभी को चौंका दिया। सभी लोग सोच रहे थे की कांग्रेस पार्टी का कोई नेता उपराष्ट्रपति बनेगा।

सभी लोगो को उनके कार्य को लेकर संशय था, पर डॉ॰ राधाकृष्णन ने कुशलतापूर्वक अपना कार्य किया। संसद में सभी सदस्यों ने उनके काम की सराहना की। इनके विनोदी स्वभाव के कारण लोग आज भी इनको याद करते है।
भारत के द्वितीय राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल
सन 1962–1967 तक डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने भारत के द्वितीय राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल संभाला।
विश्व के जाने-माने दार्शनिक बर्टेड रसेल ने डॉ० राधाकृष्णन के राष्ट्रपति बनने पर अपनी प्रतिक्रिया इस तरह दी –
“यह विश्व के दर्शन शास्त्र का सम्मान है कि महान् भारतीय गणराज्य ने डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को राष्ट्रपति के रूप में चुना और एक दार्शनिक होने के नाते मैं विशेषत: खुश हूँ। प्लेटो ने कहा था कि दार्शनिकों को राजा होना चाहिए और महान् भारतीय गणराज्य ने एक दार्शनिक को राष्ट्रपति बनाकर प्लेटो को सच्ची श्रृद्धांजलि अर्पित की है”
सप्ताह में 2 दिन कोई भी व्यक्ति बिना किसी अपोइंटमेंट के उनसे मिल सकता था। भारत के दूसरे राष्ट्रपति बनने के बाद डॉ० राधाकृष्णन हेलिकॉप्टर से अमेरिका के व्हाईट हाउस पहुंचे। इससे पहले कोई भी व्हाईट हाउस में हेलीकॉप्टर से नही गया था।

डॉ अब्दुल कलाम की जीवन पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।


मानद उपाधियाँ
अमेरिका और यूरोप प्रवास से लौटने पर देश के अनेक प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों ने आपको मानद उपाधि देकर उनकी विद्वता का सम्मान किया –
• सन् 1931 से 36 तक आन्ध्र विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे।
• ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में 1936 से 1952 तक प्राध्यापक रहे।
• कलकत्ता विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफेसर के रूप में 1937 से 1941 तक कार्य किया।
• सन् 1939 से 48 तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चांसलर रहे।
• 1946 में यूनेस्को में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

भारत रत्न एवं अन्य पुरस्कार
ब्रिटिश सरकार ने 1913 में डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को “सर” की उपाधि प्रदान की। 1954 में उपराष्ट्रपति बनने पर आपको भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद देश का सर्वोच्च्य सम्मान “भारत रत्न” से पुरस्कृत किया गया। 1975 में आपको अमेरिकी सरकार द्वारा टेम्पलटन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को पाने वाले वह पहले गैर- ईसाई व्यक्ति है।

मृत्यु Death
डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की मृत्यु 17 अप्रैल 1975 को एक लम्बी बिमारी के बाद हुई। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा सराहा जाएगा। उनको सम्मान देने के लिए हर साल 5 सितंबर को “शिक्षक दिवस” पूरे देश में मनाया जाता है। इस दिन देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षको को सम्मानित किया जाता है।
शिक्षक दिवस का उत्सव
डॉ राधाकृष्णन के जन्मदिन पर हर साल 5 सितंबर को “शिक्षक दिवस” मनाया जाता है। वो शिक्षा के नियमो में नही बांधना चाहते थे। खुद एक शिक्षक होने पर भी वो विश्वविद्यालय में अपनी कक्षा में कभी देर से आते तो कभी जल्दी चले जाते। उनका कहना था की जो लेक्चर उनको देना था उसके लिए 20 मिनट का समय पर्याप्त है। वो सभी छात्र छात्राओं के प्रिय थे।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जीवनी-APJ Abdul Kalam biography in Hindi

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जीवनी-APJ Abdul Kalam biography in Hindi

जन्म 15 अक्टूबर 1931 , रामेश्वरम , तमिलनाडु ,इंडिया
मृत्यु 27 जुलाई 2015 ,शिलांग, मेघालय, इंडिया

Arunsandhu
Source-wikipidia

उपलब्धियां

एपीजे अब्दुल कलाम एक इंजीनियर और वैज्ञानिक के पद पर रहते हुए डीआरडीओ और इसरो जैसे अनुसंधान संस्था के साथ बहुत समय तक जुड़े रहे और अलग अलग परियोजना संबधित कार्य करते रहे ।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साहब एक विश्व प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक और 11 वें भारत के राष्ट्रपति रहे ।उन्होंने देश के सबसे विश्वसनीय और महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ मिलकर कार्य किया ।उन्होंने 1998 के द्वितीय परमाणु परीक्षण पोखरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ कलाम साहब भारत के मिसाइल विकास और अंतरिक्ष कार्यक्रम के साथ भी जुड़े रहे । डॉ कलाम को “मिसाइल मैन “के नाम से भी बुलाया जाता है।
डॉ कलाम 2002 में भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए और 5 वर्ष के सेवा के बाद फिर से अपने लेखन ,शिक्षण ,और सार्वजनिक सेवा में लग गए । डॉ कलाम भारत रत्न ,भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सहित कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों के साथ सम्मानित किए गए है।

प्रारंभिक जीवन

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम मसूदी हैं।उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु , रामेश्वरम में एक मुसलमान परिवार में हुआ ।उनके पिताजी जैनुाअबदीन नाविक थे और माताजी असिम्मा गृहणी थी। डॉ कलाम ने बाल उम्र में अपने पिता का आर्थिक रूप से हाथ बंटाने के लिए अखबार बांटने से लेकर स्कूल का कार्य भी किया ।स्कूल के दिनों में कलाम पढ़ने लिखने में समान्य थे लेकिन कुछ नई Activity या नई skill सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते थे ।अपनी स्कूल की शिक्षा डॉ कलाम ने रामनाथपुर्म मैट्रिक स्कूल से पूरी की ओर बाद में तिरूचिलापली के सेंट जोसफ महाविद्यालय में पढ़ने लगे ।जहां से 1954 में उन्होंने भौतिक विज्ञान में ग्रेजुएशन की । 1955 में वो मद्रास आ गए जहां से एयरोस्पेस इंजिनियरिंग में शिक्षा ग्रहण की ओर 1960 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की।

कैरियर

मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद डॉ कलाम डीआरडीओ में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत रहे । डॉ कलाम ने अपने कैरियर की शुरुआत भारतीय सेना में हेलीकॉप्टर के डिजाइन को बनाकर की। डॉ कलाम को उनके काम से संतुष्टि नहीं मिल रही थी डॉ कलाम “इंडियन नैशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च “के सदस्य भी थे जो पंडित जवाहर लाल नेहरु द्वारा गठित थी ।उस दौरान उन्हें वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के साथ काम करने का मौका मिला।जो उस समय के प्रसिद्ध वैज्ञानिक माने जाते थे। 1969 में डॉ कलाम का स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में हुआ ।जहां पर डॉ कलाम निर्देशक के तौर पर भारत के सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल परियोजना में नियुक्त हुए ।इस परियोजना के अन्तर्गत भारत का प्रथम उपग्रह “रोहिणी “ की कक्षा में 1980 में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया । डॉ कलाम का इसरो में शामिल होना देश के साथ साथ खुद के लिए कैरियर का एक अहम योगदान था और जब सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल परियोजना पर काम शुरू किया तब उन्हें बोध हुआ कि मै वहीं कार्य कर रहा हूं जिसमें मेरा मन था ।

Arunsandhu
Sources – Wikipedia


डॉ कलाम ने 1963-64 के दौरान अमेरिका के अंतरिक्ष संगठन नासा की भी यात्रा की ।राजा रमत्रा प्रसिद्द परमाणु वैज्ञानिक जिनकी देख रेख़ में भारत का पहला परमाणु परीक्षण पोखरण 1974 में हुआ था उन्होंने डॉ कलाम को भी आमंत्रित किया था ।1970-80 के दौरान डॉ कलाम भारत में अपने कार्यों और सफलताओं से बहुत प्रसिद्ध हुए और देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में उनका नाम गिना जाने लगा ।उनकी प्रसिद्धि और ख्याति को देखते तात्कालिक प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने कुछ गुप्त परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए अपनी कैबिनेट के बिना ही मंजूरी की अनुमति दी थी ।
*इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम *की शुरुआत डॉ कलाम की देखरेख में हुई।इस परियोजना के डॉ कलाम मुख्या कार्यकारी रहे ।और देश को अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइल दी।
डॉ कलाम जुलाई 1992 से दिसंबर 1999 तक रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के सचिव और उस समय के प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार रहे ।भारत में दूसरा परमाणु परीक्षण इसी समय हुआ था । डॉ कलाम ने इसमें महत्पूर्ण भूमिका निभाई थी। डॉ कलाम आर. चिदंबरम के साथ इस परियोजना में समन्वयक थे ।भारत के मीडिया कवरेज ने डॉ कलाम को देश का सबसे बड़ा परमाणु वैज्ञानिक और सलाहकार घोषित किया था ।
हृदय चिकित्सिक सोमा राजू के साथ मिलकर डॉ कलाम ने एक कम कीमत का *कोरोनरी स्टेंट *का विकास बर्ष 1998 में किया ।जिसे *कलाम – राजू स्टेंट *नाम दिया गया ।
भारत के राष्ट्रपति
डॉ कलाम की प्रसिद्धि और उपलब्धियों को देखते हुए एन डी ए गठबंधन सरकार ने बर्ष 2002 में रक्षा वैज्ञानिक के तौर पर कलाम साहब को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया ।उन्होंने विपक्ष नेता लक्ष्मी सहगल को काफी अंतर से पराजित किया और भारत के 11 वें राष्ट्रपति के रूप में 25 जुलाई 2002 के दिन शपथ ली। डॉ कलाम भारत के तीसरे ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्हे राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत रत्न से नवाजा जा चुका था ।इससे पहले डॉ जाकिर हुसैन और डॉ राधाकृष्णन को राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न* से नवाजा जा चुका है।

डॉ कलाम को अपने कार्यकाल के दौरान *जनता का राष्ट्रपति* कहा गया ।अपने दूसरे कार्यकाल के लिए भी उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की लेकिन राजनीतिक पार्टियों की एक राय न होने से डॉ कलाम ने अपना विचार त्याग दिया।एक बार फिर 12वें राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के कार्यकाल के बाद उनका नाम चर्चा में था लेकिन उम्मीदवारी का विचार आम सहमति न होने से त्याग दिया ।
डॉ कलाम राष्ट्रपति सेवा से मुक्त होने के बाद
डॉ कलाम राष्ट्रपति पद से सेवा निर्वित होने के बाद लेखन, शिक्षण, मार्गदर्शन और शोध कार्यों में लग गए और भारतीय प्रबंधन संस्था जैसे अहमदाबाद, शिलांग,इंदौर व अन्य संस्थानों में विजिटिंग प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रहे ।इसके साथ ही अन्ना यूनिवर्सिटी , चेन्नई में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और इंडियन इंस्टिट्यट ऑफ स्पेस साइंस एंड टे्नोलॉजी , थरुवंथपुराम ,के चांसलर ,भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलौर के मानद फेलो रहे ।
डॉ कलाम देश के युवाओं और उनके भविष्य को उज्वल और बेहतर बनाने की हमेशा बातें करते थे ।देश के युवाओं के लिए इसी संबध में*व्हाट कैन आई गिव* पहल की शुरुआत भी की थी जिसका मोटिव भ्रष्टचार को खत्म करना और देश को विकसित करना हैं।इस प्रकार से देश के युवाओं में डॉ कलाम की लोकप्रियता को देखकर उन्हें 2 बार (2003-2004) एम. टी. वी. यूथ आइकॉन ऑफ द ईयर अवॉर्ड * के लिए नॉमिनेट भी किया गया था ।

Arunsandhu
Source-wikipidia


*आई एम कलाम *वर्ष 2011 में प्रदर्शित हिंदी फिल्म उनके जीवन से प्रभावित हैं। डॉ कलाम की लेखक के रूप में विख्यात प्रसिद्धि प्राप्त पुस्तकें कुछ इस प्रकार हैं-इंडिया 2020,विजन फॉर द न्यू मिलेनियम , मिशन इंडिया , अनलिशिंग द पॉवर विदिन इंडिया, ,इग्राटिड माइंड्स , मी जर्नी , इंडिया मी ड्रीम आदि।

Arunsandhu
Source-wikipidia


सम्मान और पुरस्कार

संयुक्त राष्ट्र द्वारा कलाम साहब का 79 वें जन्मदिन विश्व विद्यार्थी के रूप में मनाया गया था डॉ कलाम को देश के प्रति और समाज के लिए किए गए कार्यों के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया ।मनाद डॉक्टरेट की उपाधि लगभग 40 विश्वविद्यालयों के द्वारा दी गई और भारत सरकार ने उन्हें (1990)पद्म विभूषण ,(1981) पद्म भूषण और भारत के सर्वश्रेष्ठ(सर्वोच्च)नागरिक सम्मान(1997) भारत रत्न से नवाजा गया है।

Arunsandhu
Sources-wikipidia

मृत्यु

27 जुलाई 2015 डॉ कलाम को भारतीय प्रबंधन संस्थान , शिलांग ,अध्यापन कार्य के समय दिल का दौरा पड़ा जिस से *जनता के राष्ट्रपति *,*मिसाइल मैन* करोड़ों लोगो के प्रिय डॉ कलाम अल्लाह को प्यारे हो गए परलोक सिधार गए ।

प्रिय पाठक आपका कोई भी विचार या सुझाव इस आर्टिकल के बारे में रहे तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें ।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की ऑडियो बायोग्राफी सुनने के लिए क्लिक करें।

यूट्यूब से पैसे कैसे कमाएं।

यूट्यूब से पैसे कैसे कमाएं।

अगर आप यूट्यूब यूजर हैं तो आपको यूट्यूब के बारे में इतना पता होगा कि यूट्यूब से लोग पैसे कमाते हैं।
लेकिन कैसे और किन किन तरीको से कमाते हैं। इन सभी बातों पर आज हम चर्चा करेंगे ?

आपने यूट्यूब के वीडियो अक्सर देखें होंगे और उसमे आने वाली Ads भी देखते होंगे या Ads skip करते होंगे लेकिन जो आप Ads देखते हैं।यूट्यूब क्रिएटर उसी Ads से यूट्यूब की तरफ से पैसे कमाता हैं।

अगर ऑनलाइन सोशल मीडिया और वेबसाइट साइट्स पर बात करें तो बहुत ऐसे तरीके है।जिसमें आप पैसे कमा सकते हैं।जिससे ब्लॉगिंग करके , एफिलिएट मार्केटिंग,फ्रीलांसिंग , eBook ,और वेबसाइट जैसे Fiverr, Upwork आदि।

इनमें से बहुत फेमस प्लेटफॉर्म एक ब्लॉगिंग हैं और दूसरा यूट्यूब जो गूगल एडसेंस के द्वारा अपने यूजर को पैसे देता है।आपने कभी सोचा कि यूट्यूब के टॉप क्रिएटर से लेकर Established क्रिएटर क्यों यूट्यूब को फूल टाइम जॉब की तरह एंजॉय करते हैं।…क्यूंकि यूट्यूब उन्हें बहुत अच्छा इनकम जेनरेट करके देता हैं।
अब अगर आप सोच रहे है । कि यूट्यूब इतना पैसे कैसे देता हैं।तो आज बिल्कुल हम इसी टॉपिक पर बात कर रहे हैं ।जिस से आपको इतना आसानी से समझ आ जायेगा कि आखिर यूट्यूब से कैसे पैसे कमाएं ।
जैसे कि हमने यूट्यूब और ब्लॉगिंग दो सबसे बेस्ट तरीके के बारे में बात की,,, तो ये भी जान लेते हैं कि कुछ लोग ब्लॉगिंग करना इसीलिए भी पसंद करते हैं।क्यूंकि इसमें सीपीसी होने के कारण पसंद करते होंगे ,ब्लॉगिंग में सिर्फ लिखना ही होता है।जो कि वीडियो बनाने से आसान होता है।

लेकिन आपको बता दे।यूट्यूब में वीडियो बनाने पर आप उसे मोनटाइज करके पैसे कमाने शुरू कर सकते हैं।और ब्लॉगिंग की तुलना में ज्यादा पैसा कमा सकते हैं।
और ये बात भी बिल्कुल सच है। कि आज के समय में डिजिटल जमाने में लोग पढ़ने की आदत को कम,,, किसी वीडियो को देखना और सुनना पसंद करते हैं।चाहे फिर कोई eBook ऑडियो सुनने की बात हो या फिल्में, webseries,या प्रोजेक्ट क्लास अटेंड करने की बात हो।
आखिर क्यों यूट्यूब ,ब्लॉगिंग की तुलना में अधिक अच्छा प्लेटफॉर्म हैं।पैसे कमाने के लिए ।

1 डोमेन और होस्टिंग फ्री प्लेटफॉर्म

यूट्यूब आपको शुरू में अपनी वीडियो अपलोड करने के लिए कोई भी पैसे खर्च करने की डिमांड नहीं करता ।आप बिल्कुल अपनी मेहनत और एफर्ट के साथ बहुत अच्छी वीडियो बनाकर अपलोड कर सकते हैं।परन्तु ब्लॉगिंग में आपको डोमेन और होस्टिंग खरीदनी पड़ती है जिसकी कम से कम कॉस्ट 3000 से 8000 तक आ सकती हैं।और उसके ऊपर आपको लगभग पैसे कमाने के लिए 4-5 महीने अच्छे से मेहनत करनी पड़ेगी। हालांकि मेहनत यूट्यूब पर भी करनी पड़ेगी लेकिन यहां आपको स्टार्ट करने के लिए इन्वेस्टमेंट ज़ीरो के बराबर है।

2 यूट्यूब से आप पहले दिन से कमाई कर सकते हैं।

यूट्यूब में हम पहले दिन से पैसे कमा सकते हैं।इसके लिए आपको यूट्यूब अकाउंट क्रिएट करना होता है।और एक अच्छा सा यूट्यूब वीडियो अपलोड करना होता है।लेकिन जो भी आप वीडियो अपलोड करते हैं।ध्यान रहे वीडियो यूटयूब और एडसेंस के terms and conditions को violate ना करें।और ब्लॉगिंग में शायद ये बात बिल्कुल पहले दिन से फिट नहीं बैठती।

3# यूट्यूब में एडसेंस Approval ब्लॉगिंग की तुलना में आसान
बात ब्लॉगिंग की करें तो इसमें गूगल एडसेंस का Approval लेने के लिए ज्यादातर ब्लॉगर को 4-6 महीने का समय लग जाता है।वहीं बात यूट्यूब की करें तो गूगल एडसेंस Approve की करें तो बहुत आसान हैं।
लेकिन यूट्यूब गूगल एडसेंस अकाउंट में एक बात समझने की जरूरत है। कि “एडसेंस फॉर कंटेंट होस्ट “ होता है।जो कि ट्रेडिशनल Ads मतलब जों ब्लॉग में दिखाते हैं।उन Ads से काफी अलग होते हैं।और अलग तरीके से काम करता है।

4 यूट्यूब एक शानदार प्लेटफॉर्म

अगर आपके वीडियो कंटेंट में कुछ हटके हैं तो यकीन मनिए ब्लॉगिंग की तुलना में यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर आपको अच्छी ऑडियंस मिलेगी ।और आप अच्छे कंटेंट के ऊपर वीडियो बनाते हैं तो आप नाम और फेम के साथ अच्छा पैसे भी बना सकते हैं।

यूट्यूब से कैसे पैसे कमाएं।
वैसे तो अभी तक आपने समझ लिए होगा कि यूट्यूब आपको पैसे अच्छा दे सकता है लेकिन कैसे और किन किन तरीको से अच्छी वीडियो कंटेंट फाइंड करके उनसे पैसे कमा सकते हैं। कुछ बेस्ट टिप्स और स्ट्रेटजी बता रहा हूं.

1. गूगल एडसेंस
यूट्यूब से सबसे पहला और बेस्ट तरीका गूगल एडसेंस हैं।जहां से आप एडसेंस की हेल्प से मॉनिटाइज कर अपनी वीडियो से अच्छा पैसे कमा सकते हैं।एडसेंस आपके वीडियो पर कंटेक्सट्यूल दिखाएगा ।जब भी कोई व्यूअर उस ads पर क्लिक करेगा ।आपको गूगल के क्लिक एंड वीडियो टाईमिंग और व्यूज़ प्रोसेस के अनुसार यूट्यूब इनकम जेनरेट करके देगा ।इसलिए कह सकते हैं।यूट्यूब पर गूगल एडसेंस सबसे अच्छा तरीका है।

2. स्पॉन्सर्ड वीडियो
स्पॉन्सर्ड वीडियो के लिए आपका चैनल काफी पॉपुलर होना चाहिए और आपकी ऑडियंस रीच अच्छी होनी चाहिए ।तब आपको अच्छी स्पॉन्सर्ड वीडियो मिल सकती हैं।क्यूंकि ब्रांड भी उनको स्पॉन्सर करते हैं।जिनके सब्सक्राइबर और व्यूज़ बहुत अच्छे या कहें मिलियन में आते हो ।जैसे TVF (the viral fever) वीडियो आप देखते होंगे तो उसमे हर दूसरी वीडियो आप किसी ना किसी ब्रांड ने स्पॉन्सर्ड की होती है।

3. एफिलिएट मार्केटिंग
ये एक ऐसा सौदा हैं जो आप यूट्यूब पर बहुत अच्छे तरीके से अपने व्यूअर के साथ कर सकते हो।इसके लिए बहुत से शॉपिंग वेबसाइट ,होस्टिंग, eBook जैसे प्रोडक्ट का एफिलिएट लिंक जेनरेट करके आप वीडियो बना सकते हैं और इस लिंक को डिस्क्रिप्शन में लिख सकते हैं।जिस से कोई भी व्यक्ति आपकी वीडियो देख कर उस एफिलिएट लिंक से प्रोडक्ट purchase करता हैं।
तो आपको कंपनी की तरफ से निर्धारित कमीशन मिलेगा जो कि आपके एफिलिएट लिंक के through बिक्री हुई प्रोडक्ट पर डिपेंड करेगा ।

4. सीपीएम , आरपीएम, ईसीपीएम
आप अगर यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर काम करने करने के लिए सीरियस हो ।तो आप सभी को कुछ जरूरी acronym के बारे में पता होना चहिए ।चलिए बात करते हैं।

सीपीएम
सीपीएम मतलब कॉस्ट पर थाउजेंड Ads इम्प्रैशन मतलब जब किसी वीडियो पे Ads आते हैं।तो प्रति थाउजेंड Ads इम्प्रैशन के हिसाब से एडवरटाइजर पे करते हैं।
जेंडर,कंटेंट,टाइम और फैक्टर ये सभी सीपीएम को तय होने के फैक्टर हैं।
सीपीएम .50 cent से $10 तक पर थाउजेंड इम्प्रैशन में vary करता है।
सीपीएम सीज़नल होता है। उदाहरण के लिए छुट्टी के दिनों में सीपीएम का पे रेट बढ़ जाते हैं
इंग्लिश बोलने वाले देशों में सीपीएम का पे रेट दूसरे देशों की तुलना से अच्छा होता है।
आरपीएम एंड इसीपीएम
आरपीएम मतलब revenue पर थाउजेंड व्यूज़
यूट्यूब 45% रेवेन्यू Ads से मिलने वाला खुद को रख लेता है।जो कि यूट्यूब चैनल से जेनरेट हुए होती है।
आरपीएम और ecpm दोनों एक जैसे ही होते हैं।
यूट्यूब को अच्छे तरीके से जानने के लिए आपको यूट्यूब एनालिटिक्स को पूरे तरीके से समझने की जरूरत है।
eCPM =Earning÷ मोनेटिज्ड प्लेबैकेस × 1000

यूट्यूब से अच्छा पैसे कमाने के लिए क्या करें और क्या न करें ।
कुछ बातें दिमाग़ में चलती रहती हैं कि एक अच्छा सक्सेसफुल यूट्यूब क्रिएटर कैसे बने । क्यों बहुत से यूट्यूब वीडियो बनाने वाले बहुत ज्यादा सक्सेस होते हैं।और कुछ नहीं होते ।
इन सभी विषयों पर बात करेंगे,एक लिस्ट आपके लिए बनाई गई है जिसका पालन करके आप एक अच्छे youtuber बन सकते हैं।

क्या करें।
• हमेशा वीडियो बनाने से पहले एक बार वीडियो niche फाइंड कर लें।ताकि आपकी वीडियो हमेशा लोग देखते रहें।वीडियो में यूनिक क्वालिटी हो,और ऐसा कंटेंट जिसकी सर्च ज्यादा हो
• ऐसे वीडियो choose करें।जो वियूर वीडियो पूरा देखें ।अपने व्यूअर को अपने कंटेंट से कनेक्ट कर के रखें।
• ऐसे वीडियो जो ज्यादा इंटरेस्टिंग और एंगेजिंग हो जिसे देखकर लोग कमेंट,लाइक और शेयर करें।
• चैनल सब्सक्राइब करने के लिए अपने यूजर को हमेशा एक्साइटेड करते रहे । कुछ नया अपडेट या स्टोरी अपडेट करके ।
• जब भी आप अपनी वीडियो को अपलोड करें।तो अपनी वीडियो का टाइटल कैची टाइप और यूनिक रखे साथ में डिस्क्रिप्शन में भी वीडियो के बारे में विस्तार से जानकारी दें और टैग भी वीडियो से रिलेटेड करें।इस से आपकी वीडियो यूटयूब सर्च इंडेक्स में जल्दी रैंक करेगी।
• वीडियो लगातार अच्छी क्वालिटी और कंटेंट के साथ बनाते रहे ।
• अपनी वीडियो को सोशिल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जरूर शेयर करें।जैसे फेसबुक इंस्टाग्राम, ट्वीटर, पिंटरेस्ट आदि पर ।
• दूसरे चैनल से क्रॉस प्रोमोशन के लिए बात करते रहे और कनेक्ट रहें।जो आपकी टॉपिक से रिलेटेड वीडियो बनाता हो ।अपना रिव्यू और कमेंट शेयर करते रहे ।

क्या नहीं करें।
• सबसे महत्वूर्ण बात जो हमें ध्यान में रखनी चाहिए , कि कभी भी दूसरे बंदे का कंटेंट या वीडियो कॉपी पेस्ट ना करें ।ऐसा करने से आप यूट्यूब की तरफ से कॉपीराइट क्लेम आ जाएगा और एक दम आपकी वीडियो को डिलीट कर दिया जायेगा साथ में आप अगर बार बार ऐसे वीडियो अपलोड करते हैं ।तो आपके यूट्यूब अकाउंट को बैन भी किया जा सकता है।
• कोई भी ऐसे वीडियो ना बनाए जो यूट्यूब के अधीन न हो । Explicit वीडियो ना बनाए यूट्यूब कभी भी ऐसे वीडियो की मान्यता नहीं देता ।

किस प्रकार की वीडियो बनाए
जैस कि बहुत सारे ऐसे आइडिया ,कंटेंट ,और वीडियो फॉर्मेट हैं।जिनकी हेल्प से आप बहुत इंटरेस्टिंग वीडियो बना सकते हैं।और अच्छा पैसा भी कमा सकते हैं।कुछ आइडिया शेयर कर रहा हूं जिसकी मदद से आप वीडियो फॉर्मेट और कंटेंट के बारे में जान पाएंगे ।

1 वॉइस ओवर
वॉइस ओवर को इमेजेस या वीडियो के बैकग्राउंड में लगाकर आप बहुत सारे विषयों के ऊपर वीडियो बना सकते हैं।जैसे इंटरस्टिंग फैक्ट्स,कुकिंग,रोचक कहानियां, अदभुत बाते या स्थान जैसे विषय पर ।
लिस्ट : जैसे “10 इंडिया की सबसे लंबी सड़के ,पांच सबसे बड़े भारत के प्राचीन महल ,10 दुनिया के डरावने मकान जहां जाना नामुमकिन हैं।,10 दुनिया की मोस्ट वॉन्टेड प्लेस “।

  1. ट्यूटोरियल
    अगर आपके पास टीचिंग का अच्छा अनुभव हैं तो आप यूट्यूब tutorial क्लासेज शुरू कर सकते हैं।
    लिस्ट : जैसे “इंग्लिश आर्टिकल कैसे पढ़े “ यूपीएससी की परीक्षा पेपर पर बातचीत “ स्पेशल क्लास mathematics ।
  2. रिव्यू
    डेली use होने वाली चीज़ों पर आप रिव्यू कर सकते हैं।जैसे आइटम,फ्लाइट,किसी होटल ,या रेसटोरेंट्स,का रिव्यू दे सकते हैं।साथ में आप किसी मूवी ,सोंग,बुक,वीडियो का भी रिव्यू भी कर सकते हैं।
  3. टाइम लप्स वीडियो
    ऐसी वीडियो जो आपको अपनी पुराने दिनों की याद मेहसूस कराएं या उन याद्दों को तरोताजा कर दे। ऐसे वीडियो लोग बहुत पसंद करते हैं।

आखिरी सवांद
सक्सेसफुल होने के लिए हमें धीरज रखने की बहुत जरूरत होती है।किसी भी बड़े सक्सेसफुल यूट्यूब क्रिएटर या व्यक्ति जो आज सक्सेस हैं।उसमे कठिन समय में धैर्य नहीं रखा होता तो आज वो सक्सेस नहीं होते इसलिए हमें हर कठिन समय में मजबूत होकर खड़े रहना चाहिए ।तभी हम भी एक दिन youtuber बन पाएंगे ।और जब आपकी अच्छी फैन फॉलोइंग और सब्सक्राइबर होंगे तो आप इस फील्ड में अच्छा पैसा कमा पाएंगे ।

आशा करता हूं आपको यूट्यूब से कैसे पैसे कमाए ,,,, रिलेटेड आपको काफी जानकारी मिल गई होगी ।मेरी हमेशा कोशिश रहती हैं कि मैं अपने रीडर और पाठकों की हर संभव सहायता करता रहूं ।
आपका कोई भी सुझाव या विचार मन में हो तो आप कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

WhatsApp से कैसे पैसे कमाएं । -How to Earn money on whatsapp

WhatsApp से कैसे पैसे कमाएं ।

एफिलिएट मार्केटिंग
रेफरल प्रोग्राम के द्वारा
पीपीडी नेटवर्क से
Paid प्रोमोशन से
अपन सामान बेचकर (self products selling )
ऑनलाइन सामान को बेचकर पैसे।
ऑनलाइन टीचिंग

दोस्तो आज के समय का सबसे ज्यादा पर्सनल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म WhatsApp हैं।जहां हम अपने दोस्तो , रिलेटिव ,और प्रोफेशनल सभी लोगों से जुड़ सकते हैं।और एक साथ ग्रुप में 256 लोगों को add कर सकते है।वीडियो कॉल, voice मैसेज भेज सकते हैं chat कर सकते हैं।

लेकिन इन सभी फैसिलिटी के साथ साथ हम वॉट्सएप से पैसे भी कमा सकते हैं।कैसे ,,,,, आइए समझते हैं।

वॉट्सएप पर पैसे कमाने के लिए जरूरी चीज़े
सबसे पहले जान लेते हैं। कि whatsapp पर कौन कौन सी जरूरी चीज़ों की जरूरत होगी जिस से आप whatsapp से पैसा कमाना शुरू कर सकते है ।
स्मार्टफोन होना चाहिए
GMail अकाउंट होना चाहिए
इंटरनेट कनेक्शन
WhatsApp ग्रुप
बहुत सारे लोगों के whatsapp नंबर

अभी आप एक बात जान ले कि आपके पास अच्छे लोगों के whatsapp ग्रुप और फोन नंबर होने चाहिए जो वॉट्सएप यूजर हो।इससे आपको whatsapp पर पैसे कमाने में मदद होगी ।आप अधिक से अधिक ग्रुप join कर सकते हैं।

आप ग्रुप में एक साथ 256 लोगों को मैसेज कर सकते हैं। अगर आपने ऐसा कोई भी ग्रुप क्रिएट किया हैं।

अब बात करते है।वॉट्सएप से कैसे पैसे कमाएं

#1 Affiliate Program

आपने एफिलिएट मार्केटिंग का नाम सुना होगा अगर आप ऑनलाइन पैसे कमाने की सोचते है तो एफिलिएट मार्केटिंग आज के समय का सबसे बेहतरीन तरीका है पैसे कमाने का ।

इसमें आपको करना क्या रहता हैं उसकी बात करते हैं।आज के समय ऑनलाइन शॉपिंग करन ज्यादा लोग पसन्द करते हैं।वजह उनके लिए टाइम की कमी हो सकती है या अच्छी सुविधा के साथ अच्छे रेट में चीजें मिल जाती है।ऐसे सभी लोग जो ऑनलाइन शॉपिंग मे interest रखते हैं आपने उन सभी लोगों का ग्रुप बनाना हैं।ये लोग आपके दोस्त ,परिवार, रिश्तेदार या साथ में काम करने वाले भी ही सकते है। अगर आप जॉब करते है ।
इसके बाद आप ने इन सभी लोगों की जरूरतों के अनुरूप ऑनलाइन शॉपिंग के एफिलिएट लिंक क्रिएट कर लेने हैं।अगर प्लेटफॉर्म की बात करें तो आप आमजन ,फ्लिपकार्ट, स्नैपडील से एफिलेटेड लिंक जेनरेट कर सकते हैं।और ये लिंक आपने इन सभी लोगों को ग्रुप में सेंड करने हैं।बाद में जो भी व्यक्ति आपकी शेयर की गई अफिलेट लिंक से शॉपिंग करता है तो उसका आपको कंपनी पैसे देगी ।
ये पैसे कुछ कमीशन के रूप में हो सकते हैं।जैसे अगर आपके एफिलेटेड लिंक से 10000 का किसी व्यक्ति ने शॉपिंग की ओर आपकी कमीशन 10% हैं।तो आपको 1000 मिलेगा ।

Most trustworthy and Popular Affiliate Program
Flipkart
snapdeal
Amazon
payoom.com
vcommission.com

#2 रेफरल प्रोग्राम
आपने whatsapp पर किसी दोस्त या व्यक्ति के द्वारा कोई ना कोई ऐसे ऐप्स का लिंक जरूर देखा होगा ।जिस में साइन इन करने पर आपको पैसे मिलते है।और दूसरे लोगों को जुड़ने के अलग पैसे मिलते हैं । ऐसे प्रोग्राम को रेफरल प्रोगाम कहते हैं

गूगल प्ले स्टोर से आपको ऐसे अनगिनत ऐप्स देखने को मिल जाएंगे जो लॉगिन करने पर आपको पैसे देते हैं।जिसमें बहुत से एप्स आपको 25 से 150 रुपए तक कैश बैक देते हैं। जैसे Paytm एप्स लॉगिन करने पर रेफरल लिंक के बाद आपको 50 रुपए मिलते है।उसी प्रकार गूगल पे 81 रुपय रेफरल प्रोग्राम में देता हैं।dream 11 को ज्वाइन करने पर आपको 100 रुपए मिल जाते हैं।और दूसरे लोग भी रेफरल प्रोग्राम को आगे शेयर करते हैं तो उसमे भी आपको पैसे मिलते है ।
अगर आप ऐसे एप्स लॉगिन करते हैं।तो इनमें एक लिमिट के बाद आप कैश निकलवा सकते हैं।

#3 पीपीडी नेटवर्क

ऑनलाइन पैसा कमाने का सबसे अच्छा तरीका पीपीडी हों सकता है।आज हर चीज इंटरनेट पर उपलब्ध हैं।जैसे ही कोई वीडियो, सॉन्ग, मूवी, games वायरल कंटेंट,जरूरी पीडीएफ फाइल, ऑनलाइन डाऊनलोड करने की सुविधा इन्टरनेट पर आती हैं।लोग जल्दी से इन चीज़ों को डाउनलोड करते हैं।

Read Also
How to Earn money on Paytm

इसके लिए आपको पीपीडी प्रोग्राम ज्वाइन करने के बाद उस प्लेटफॉर्म पर ऐसे चीज़े अपलोड करनी हैं जिसमें लोग इंटरेस्टेड हो ।डाउनलोड करना चाहते हो।
वहीं जेनरेट किया गया लिंक आप अपने वॉट्सएप पर शेयर कर सकते हैं।और लोगों के द्वारा डाउनलोड करने पर आपको पैसे मिलेंगे ।जितने ज्यादा लोग आपके कंटेंट को डाउनलोड करेंगे उतना ज्यादा आपको पैसे मिलेंगे ।
कुछ पीपीडी प्रोग्राम network की लिस्ट
userscloud network
uploadocean network
daily uploads network
sharecash network
fileice.net
upload cash
linkbucksMedia
dollar upload
filebucka network

#4 PAID प्रोमोशन

डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा आप Paid प्रोमोशन कर सकते है । इसके लिए आपके पास बहुत सारे वॉट्सएप ग्रुप और नंबर होने चाहिए ।अगर ऐसा है तो आप Paid प्रोमोशन भी कर सकते है।

Read Also 
Tiktok se kaise paise kamaye

#5 एप्स का प्रोमोशन
लोकल बिजनेस प्रोमोशन
नए यूट्यूब की प्रोमोशन
फेसबुक पेज या ग्रुप की प्रोमोशन
नए प्रोडक्ट की प्रोमोशन

#6 अपना सामान बेचकर (self products selling )
अगर आप बिजनेस कर रहे हैं तो वॉट्सएप आपके लिए बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म हैं अपने बिजनेस को grow करने के लिए ।इसलिए ही अलग से बिजनेस whatsapp को क्रिएट किया गया है।ताकि आप disturb ना हो किसी भी प्रकार से ।
इसके लिए आपको अपने सामान की लिस्ट बनानी हैं।जो आप बेचना चाहते हैं।और सभी whatsapp सोशल ग्रुप जो आपने अपने बिजनेस वॉट्सएप में क्रिएट किए हो वहां आप अपने प्रोडक्ट की लिस्ट एक्सेल शीट की फाइल या डायरेक्ट भी भेज सकते हैं।और अपना प्रोडक्ट सेल कर सकते हो।

#7 ऑनलाइन सामान को बेचकर
ऐसे बहुत से लोग हैं जो वॉट्सएप से पैसे कमाने के लिए ऑनलाइन सामान बेचते हैं।ये बहुत जबरदस्त तरीका हैं आप बिना इन्वेस्ट किए अपना बिज़नेस शुरू कर सकते हैं।
आपको ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से ऐसे प्रोडक्ट को खोजना हैं।जिसे आपके आसपास के लोग खरीदना चाहते है।उस प्रोडक्ट की पिक्स निकालकर लोगों में शेयर करें ।और अगर किसी को पसंद आता हैं। तो आप ऑर्डर करके अपने हिसाब से कीमत लगाकर बेच सकते हैं।


#8 ऑनलाइन टीचिंग

अगर आपके पास टीचिंग में अच्छा अनुभव हैं तो ऑनलाइन वॉट्सएप पर भी क्लासेज उपलब्ध कर सकते हैं।बहुत से ऐसे प्लेटफॉर्म हैं।जहां से आप वॉट्सएप के द्वारा पर्सनल टीचिंग क्लासेज अटेंड कर सकते है।और अच्छा पैसे कमा सकते हैं।एक तो आप खुद ग्रुप क्रिएट कर सकते हैं।अपने अनुभव के आधार पर भी आपके कॉन्टैक्ट हो या फिर आप वेबसाइट का सहारा ले सकते है।बहुत सी वेबसाइट आपको ऑनलाइन टीचिंग स्टाफ में ऑफर करती है ।जैसे vedantu आदि।

ऊपर दिए गए तरीको के अलावा भी whatsapp पर आप अपने बिजनेस और खुद को अपडेट रख सकते हैं।इसमें आप वीडियो ,ग्राफिक्स ,पीडीएफ फाइल, दूसरों को भेज सकते हैं और वेब ब्रॉडकास्टिंग करके whatsapp को desktop या लैपटॉप में ओपन कर सकते हो ।और Multiple तरीके से use कर सकते है।
Dosto,,, अगर कोई भी सुझाव या विचार मन में हो आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय दे सकते है।

How to earn money on Paytm (easy and simple)

How to earn money on Paytm (easy and simple)

Paytm से पैसे कमाने के best easy and simple तरीके
दोस्तो paytm से कैसे पैसे कमाएं ? आज इस topic पर बात करते हैं। Paytm इस समय ज्यादा तरह लोग अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रोडक्ट को खरीदने के लिए यूज करते हैं।आज हर छोटे और बड़े शहरों और महानगरों में Paytm सेवा उपलब्ध हैं।जब भी आप दुकान या किसी मॉल में शॉपिंग के लिए जाते हैं।तो देखते होंगे Paytm यूजर को अच्छा डिस्काउंट मिलता है।और भुगतान भी मोबाइल फोन से बहुत आसानी से कर सकते हैं।एक App से आप लगभग सभी digital काम कर सकते हैं।जो रोजाना ज़िन्दगी में होते हैं।ये आपके लिए वॉलेट (पर्स)भी हो सकता है और बैंक अकाउंट भी ।
इसके जरिए हम रोजाना ज़िन्दगी के सभी  काम ऑनलाइन कर सकते हैं।फिर चाहे किसी दुकान , सर्विस सेंटर ,बिल भुगतान , किस्ते,रेलवे टिकट, मेट्रो टिकट जैसे फैसिलिटी आपको प्रोवाइड करता है।जिसमें आप लाइनों में खड़ा होने से भी बच जाते हैं और आपका काम भी आसानी से निपट जाता है।
जानते हैं। Paytm ऑनलाइन सुविधा के कुछ लोकप्रिय service
• पैसे ट्रांसफर करना
• ऑनलाइन ऑफलाइन शॉपिंग करना
• होटल बुक करना
• खाना ऑर्डर करना
• मूवी टिकट बुक करना
• गैस,बिजली,पानी, एलआईसी, चालान आदि भुगतान।
• बस,ट्रेन,मेट्रो, एयरलाइंस  tickets booking service
• ऑनलाइन रिचार्ज जैसे मोबाइल ,डीटीएच सर्विस


इसलिए हम अपने रोजमर्रा ज़िन्दगी के बहुत से काम Paytm से solve कर लेते हैं।लेकिन ये सभी काम करने के साथ साथ हम Paytm से ऑनलाइन पैसे भी कमा सकते हैं।चलिए जानते हैं कैसे ।
Paytm से पैसे कैसे कमाए।

#1 अपने उत्पाद बेचकर

अगर आप किसी बिजनेस में इंटरेस्ट रखते हैं या आप पहले से कोई भी छोटा या बड़ा बिजनेस करते हैं।तो Paytm आपको एक ऑनलाइन सेलिंग प्रोडक्ट प्लेटफॉर्म देता है।यहां पर आप अपने बिजनेस को रजिस्टर करना होता है।और आप अपने प्रोडक्ट को Paytm मॉल में अपलोड करना होता है
Paytm रूल्स के अनुसार आप किसी भी प्रकार के उत्पाद की लिस्ट Paytm मॉल में जेनरेट करके ऑनलाइन बेच सकते हैं।और अपने बिजनेस को बेहतर तरीके से मजबूत कर सकते हैं।और अच्छा पैसे कमा सकते हैं।

#2 कैशबैक के द्वारा
अगर आप Paytm से कोई भी transaction ऑनलाइन करते हैं।तो Paytm आपको कैश बैक देता है ।जैसे किसी को पैसे ट्रांसफर करना,मोबाइल रिचार्ज, मूवी टिकट बुक, रेलवे टिकट बुक और भी बहुत सारी चीज़ें करके आप Paytm से कैशबैक का लाभ ले सकते हैं।ये कैशबैक आपके Paytm wallet में जमा हो जाएगा ।जिसका यूज आप नेक्स्ट टाइम किसी शॉपिंग के लिए कर सकते हैं।
इसलिए जब भी आप ऑनलाइन डील करते हैं तो अच्छे से प्रोमो कोड और कूपन को देखे तब कैशबैक डील करे इससे आपको अच्छा कैशबैक मिलेगा ।

#3 Paytmउत्पाद बेचकर
अगर आपके पास अपना कोई बिजनेस नहीं हैं।तब भी आप Paytm से अच्छी अच्छी कंपनी के उत्पाद बेचकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं।इसके लिए आपको बहुत अच्छे ऐप्स मिल जाएंगे जो Paytm से दूसरे प्रोडक्ट को बेचने की सर्विस देते हैं।जैसे कि शेको आदि।
इस App में आप Paytm का उत्पाद बेचकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं आपको इसमें Paytm से प्रोडक्ट उठाकर अपने इस App पर एक निर्धारित रेट पर प्रोडक्ट सेल करना होता है जिसमें आपको भी फायदा हो।

#4एफिलिएट मार्केटिंग
जो कोई भी तरीका ऑनलाइन कमाने को हो उसमे आप एफिलिएट मार्केटिंग जरूरी पढ़ते होंगे ।दोस्तो एफिलेटेड मार्केटिंग इस समय एक ऐसे सर्विस हैं।जिसके द्वारा आप बहुत पैसा कमा सकते हैं।जिस तरह फ्लिपकार्ट और Amzone एफिलेटेड मार्केटिंग लिंक की सुविधा देता हैं।
ठीक उसी तरह Paytm में भी हम एफिलिएट लिंक जेनरेट करके अपने सोशल मीडिया या वेबसाइट पर शेयर करना होता है।अगर कोई भी व्यक्ति आपकी शेयर किए गए लिंक से प्रोडक्ट को खरीदता हैं।तो कंपनी आपको कुछ पर्सेंट कमीशन देती हैं।
#5प्रोमो कोड
आप Paytm पर किसी भी ट्रांसाक्शन को करते हैं।जो शॉपिंग के लिए हो या बुकिंग के लिए । Paytm आपको हर बार प्रोमो कोड देता है ।आप अपनी पसंद के अनुसार प्रोमो कोड चुन सकते हैं।और अपने प्रोमो कोड का use कॉफी हाउस या रेसटोरेंट्स में  कर सकते हैं।
इसलिए जब भी आप प्रोमो कोड सेलेक्ट करते हैं।तो आपको कई बार बहुत अच्छा डिस्काउंट मिलता है।जिसका यूज आप अपने near किसी रेसटोरेंट्स शॉप या मॉल में कर सकते हैं।

#6 Paytm टास्क
इंडिया में इस समय बहुत सारे ऐसे एड्रोइंड एप्स हैं।जो आपको Paytm रियल कैश  देते हैं। और ऐसे कुछ ऐप्स जैसे Cashboss , Exender,और ladoo एप्स include हैं।
इन ऐप्स का use करने के लिए आपको सबसे पहले google play store  से इंस्टॉल करना हैं।और एप्लिकेशन ओपन करके टास्क को complete करना हैं।और जब टारगेट complete हों जाता हैं।तो ये ऐप्स आपको Paytm कैशबैक देते है।
#7 एडवरटाइजमेंट
दोस्तो एक एडवरटाइजमेंट ही ऐसे ट्रिक है जो इस समय हर किसी मार्केट को मुनाफा दे रही हैं।यूट्यूब,वेबसाइट,टीवी,फिल्म्स, बैनर,पम्पलेट,अखबार,या मोबाइल ऐप्स देख ले ।हर जगह आपको Ads देखने को मिल जाती है।।यही वो तरीका हैं जहां आप कुछ ऐप्स के जरिए सिर्फ Ads को देखकर पैसे  कमा सकते  हैं।इनमें एक slides ऐप्स ,Yah ऐप जैसे आपको Paytm कैशबैक दे सकते है।

#8रेफर एंड Earn
दोस्तो ये एक ऐसा तरीका हैं।जो बहुत सारे android ऐप्स पर आप फ्रेंड और रिलेटिव को रेफर लिंक देकर पैसे कमा सकते हैं।
ठीक वैसे ही Paytm पर भी आप अपने दोस्तो या रिलेटिव को Paytm का लिंक जेनरेट करके रेफर करते हैं और वो व्यक्ति उस एप्स को इंस्टॉल करके उसको use करता है।जैसे मोबाइल रिचार्ज या मूवी देखने या किसी भी प्रकार से तो आपको ₹50 रुपए Paytm कैश बैक इनाम के रूप में मिलता है।

लेकिन ध्यान रहे कि आपके द्वारा रेफर किया गया लिंक तभी जेनरेट होगा अगर आपका दोस्त पहली बार Paytm यूज कर रहा है।अगर पहले से यूजर हैं तो आपको इसका Paytm कैशबैक नहीं मिलेगा ।
ये भी पढ़े ।
TikTok से कैसे पैसे कमाएं ।
ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके ।
लिंक्डइन से कैसे पैसे कमाएं ।
फेसबुक से कैसे पैसे कमाएं।

आखरी संवाद
दोस्तो ये थे Paytm से ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके
अगर कोई भी सुझाव या विचार मन में हो तो आप कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे।

How to earn money on LinkedIn in hindi

How to earn money on LinkedIn in Hindi

आज के समय में लिंक्डइन प्रोफेशन कार्यक्षेत्र में नंबर एक पर पहुंच चुका है।जो विश्व भर में जाल बुन चुका है इसमें कोई दोहराई नहीं कि लिंक्डइन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या कहें कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स में पैसे कमाने का अच्छा माध्यम बन सकता है और कई तरीके से पैसे कमाए जा सकते हैं।आपने ऐसे भी पोस्ट पढ़े होंगे जिसमें आपको बताया गया होगा कि लिंक्डइन पर प्रोफाइल कैसे बनाते हैं।पेज कैसे क्रिएट करते हैं।और ट्रैफिक कैसे जेनरेट करते हैं लेकिन हम आज सीधे आपसे पैसे कमाने के साधन पर बात करेंगे कि कैसे लिंक्डइन पर पैसे कमाए जाए जैसे प्रोडक्ट सेल करके, सर्विस ऑफर करके, mailing लिस्ट को grow करके ,एडवरटाइजर से संपर्क करके, books सेल करके , एफिलेटेड लिंक जेनरेट करके,और अच्छी जॉब लेकर।,,,,जानते हैं कैसे कमाएं लिंक्डइन से पैसे ,,,,

प्रोडक्ट सेल

अगर आप एक छोटे या बड़े बिजनेस से जुड़े हैं और अपनें बिजनेस को grow करना चाहते हैं।तो लिंक्डइन आपके लिए अच्छी जगह हो सकती हैं।यहां आपको कुछ ऐसे तरीके शेयर कर रहा हूं जिस माध्यम से आप अपने ग्राहक तक आसानी से पहुंच सकते हैं।


1.अपने ग्राहकों के लिए अपने बिजनेस से रिलेटेड अच्छी वीडियो , content, रिपोर्ट्स, व्हाइट पेपर,एंड एबुक्स फ्री में कुछ अवधि तक उपलब्ध कराएं।ताकि आपके ग्राहक आपके प्रोडक्ट को अच्छे से जान सके ।और उसे अपने लिंक्डइन और सभी सोशल साइट्स पर शेयर करें ।ये एक trending टिप्स हैं अपने प्रोडक्ट को बेचने में अच्छा माध्यम इस समय इंटरनेट पर साबित हो सकता है।

  • 2.लोगों को invite करें वेबिनार प्रोग्राम फ़्री प्लेटफॉर्म पर और उनको अपने प्रोडक्ट के बारे में बहुमूल्य एजुकेशन के जरिए और उनके साथ अपने प्रोडक्ट को प्रोमोट करे।बहुत लोग आपके साथ ऐसे प्रोग्राम से आपके प्रोडक्ट को खरीद भी सकेंगे और प्रोमोट भी करेंगे ।
  • 3. प्रोडक्ट पर ऑफर सर्विस उपलब्ध कर सकते हैं एक स्पेशल ऑफर कोड जेनरेट करके ।इस से लोग आपके प्रोडक्ट को भी जानेंगे और खरीद भी पाएंगे ।बहुत से लोग आइडिया ऑफ सेविंग पसंद करते है  आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है लिंक्डइन पर अपने बिजनेस को शेयर और प्रोमोट करने का ।
  • 4.कुछ स्पेशल ऑफर अपने लिंक्डइन प्रोफाइल के ऊपर अपडेट करते रहो ।जिसका लिंक डायरेक्ट आपकी वेबसाइट पर खुले । ताकि ऑफर देखने वाला आपकी साइट विजिट करके और आपके प्रोडक्ट को समझ सके।

  • 5.अपने प्रोडक्ट को आप उन सभी ग्रुप में शेयर करे जहां पर आपके प्रोडक्ट से रिलेटेड लोगों में डिस्कस होती रहती हैं या कहें जो लोग आपके प्रोडक्ट को खरीद कर खुश हैं।

  • 6.लिंक्डइन पर बहुत सारे ऐसे ग्रुप हैं अगर आप ढूंढ़ते हैं जहां प्राइवेट नेटवर्किंग ग्रुप बने होते हैं।आप ज्वाइन कर सकते हैं और अगर आप ज्वाइन नहीं भी करते हैं तब भी आप उन लोगों से पर्सनल कॉन्टैक्ट कर सकते हैं और उन्हें अपने प्रोडक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दे सकते हैं।
  • 7.लिंक्डइन पर इन्फ्लुएंस मेंबर जो रहते हैं उन्हें खोज सकते हैं।और उन्हें अपने प्रोडक्ट के ऊपर रिव्यू लिंखने के लिए बात कर सकते हैं।और अपने प्रोडक्ट का एफिलिएट लिंक को शेयर करवा सकते हैं।हो सकता है बदले में आपसे अच्छे नंबर में चार्जेज वसूल करे ।लेकिन प्रोमोशन का एक अच्छा जरिया हो सकता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रोडक्ट सेल
अगर आप अपने बिजनेस को ऑफलाइन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सेल करना चाहते हैं।तो ये कुछ तरीके आपकी सेल को increase कर सकते हैं।

  • 8.लिंक्डइन कंपनी पेज पर प्रोडक्ट सेक्शन का आप भी लाभ ले सकते हैं।अपने प्रोडक्ट की लिस्ट तैयार करके अपने कंपनी के बैनर , फीचर और पेज के बारे में विस्तार से जानकारी क्रिएट कर सकते हैं।जिसमें आप अपने वेबसाइट, यूट्यूब,और सोशल मीडिया सभी लिंक को लिंक्डइन से कनेक्ट करके अपने ग्राहक को अपने प्रोडक्ट details बता सकते हैं।

  • 9.अपने लिंक्डइन पेज को इस तरीके से प्रेजेंट करे कि कमर्शियल ,और प्रोफेशनल होने के साथ साथ वीडियो के द्वारा लोग आपके प्रोफाइल को देख सकें।आपकी प्रोफाइल इतनी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए कि लोग आपकी प्रोफाइल देखकर ही आपके प्रोडक्ट को देखने और खरीदने में उत्सुक हो जाएं।

  • 10.अलग अलग ग्रुप बनाकर जिसमें आपके मेंबर आपके प्रोडक्ट से बेहद प्रभावित हुए हैं उनसे संवाद बनाए रखे अगर उनका कोई प्रश्न आता हैं तो उसका अच्छे से जवाब दे अगर अपने ग्राहक से आप अच्छे से पेश आते हैं।तो आपको उनसे अच्छा ही रेस्पॉन्स मिलेगा ।
  • अपनी Mailing लिस्ट बढ़ाएं।
    11.लिंक्डइन पर अपना ग्रुप क्रिएट करे और वहां पर इंटरेस्टिंग टॉपिक पर मेंबर को इन्वाइट करे ।साथ में लोगों को फ़्री में कुछ अवधि तक ईबुक्स , एजुकेशनल वेबिनार्स,और फ्री कंटेंट उपलब्ध कर के भी अपना Mailing लिस्ट को बढ़ा सकते हैं.

  • कुछ वेबसाइट या कंपनी फ्रीलांस राइटर , सोशल मीडिया कंसल्टेंट सर्विस प्रोवाइड करती हैं।आप भी ऐसे कंपनी से कनेक्ट होकर लिंक्डइन से फायदा ले सकते हैं

  • 12.अपनी लिंक्डइन पर ऐसे जॉब जो आपके प्रोफेशन से रिलेटेड हैं एंड कंपनी hire कर रही हैं तो आप भी उन जॉब का फायदा ले सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी प्रोफाइल पर अपनी डिटेल्स जैसे फ्रीलांस राइटर,प्रोफाइल हेडलाइन, करंट एंड past जॉब summary ,स्किल्स,एंड अन्य एरिया आदि। इससे आपको कंपनी भी खुद फाइंड करने में सक्षम होगी और आपको आसानी से जॉब ऑफर कर पाएगी ।अगर आप जॉब ढूंढ रहे हैं

  • बुक्स सेल
    अगर आपके पास Amzone, इबुक्स,या किंडल बुक जैसे प्लेटफॉर्म book सेल करने के लिए हैं।तो आप यहां पर लिंक्डइन से अपनी सेल को बूस्ट कर सकते हैं।

  • 13.इसके लिए आपके लिंक्डइन कॉन्टैक्ट के साथ आप एक्टिव रहना है।जब आप अपनी बुक पब्लिश करेंगे ।तब आप अपने लिंक्डइन के contacts पर पर्सनल मेसेज सेंड करके अपने बुक्स के बारे में रिव्यू या रीड करने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। सपोर्ट करने के लिए कह सकते हैं

  • 14.अपनी लिंक्डइन प्रोफाइल सेक्शन में eBook add कर सकते हैं।और सबसे अच्छी बात ये होगी कि आप अपने Amazon और eBook का लिंक भी प्रोफाइल में add कर सकते हैं।जिससे लोग Direct आपकी वेबसाइट विजिट करके आपकी बुक buy कर सकें।

  • 15.आप अपनी बुक की वीडियो रिकार्डिंग करके summary बना सकते हैं और यूट्यूब पर अपलोड कर सकते हैं फिर उस लिंक को लिंक्डइन प्रोफाइल में add कर सकते हैं।

  • 16.एक बहुत अच्छा आर्टिकल आप अपने बुक का अपनी वेबसाइट पर लिख सकते हैं एंड website पर मीडिया लिंक में लिंक्डइन को add करके लिंक्डइन पर भी अपनी पोस्ट शेयर कर सकते हैं।ये पोस्ट आपके लिए linkedin से काफी अच्छा ट्रैफिक दे सकता है।
  • एडवरटाइजर और स्पॉन्सर्ड
    17.लिंक्डइन वेबसाइट और पेज पर आप एडवर्टाइज देख सकते हैं sidebars ,फूटर और हेडर में

  • ये सभी कंपनी अलग अलग वेबसाइट के लिए भी ads देती हैं एंड स्पॉन्सर्ड पोस्ट या बुक्स लिखने के लिए भी hire करती हैं।एंड आप लिंक्डइन पर अलग अलग तरह की ads एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं और लिंक्डइन के प्रीमियम अकाउंट में इन्वेस्ट करके एडवांस सर्च इंजन का प्रयोग कर सकते हैं।

एफिलिएट प्रोडक्ट
18.आप अपनी एफिलिएट प्रोडक्ट का रिव्यू करके भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं ।लिंक्डइन पर कोई आपसे किसी प्रोडक्ट के बारे में पूछता है तो आप उस प्रोडक्ट पर आर्टिकल लिखकर प्रोडक्ट का लिंक mention करके पैसा कमा सकते हैं।जैसे वर्डप्रेस,बेस्ट प्लगइन ,या बेस्ट होस्टिंग ,डोमेन की जानकारी देकर एफिलिएट लिंक और कूपन कोड जेनरेट करके अपनी पोस्ट लिंक्डइन पर शेयर कर सकते हैं।

19.अगर आपके पास खुद का लिंक्डइन ग्रुप हैं और लोग उसमे आपके ब्लॉग देखते हैं जो भी मार्केट में नया प्रोडक्ट या बेस्ट प्रोडक्ट के डिस्काउंट ,कूपन कोड उसे use करने में इंटरेस्ट रखते हैं तो आप स्पेशल ब्लॉग एफिलेटेड लिंक के साथ शेयर करके प्रोडक्ट सेल कर सकते हैं।


जॉब लेने के लिए बेस्ट प्लेटफॉर्म लिंक्डइन
अगर आप बिजनेस नहीं करते और जॉब की तलाश में हैं ।तो ये प्लेटफॉर्म आपके लिए सबसे बेस्ट है।


20.अगर आप एक अच्छी जॉब देख रहे हैं तो लिंक्डइन आपके लिए बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म हैं।आप अपनी प्रोफाइल में अपने एक्सपीरिएंस ,किस टाइप की जॉब,आपका पैशन,और किस पोजिशन पर आपका oldजॉब रहा ।ये सभी जानकारी के साथ आप लिंक्डइन पर जॉब के लिए Apply कर सकते हैं।और अच्छी जॉब के लिए इंटरव्यू दे सकते हैं।अगर आपके पास एक्सपीरिएंस नहीं है ,,अपनी एजुकेशन के आधार पर जॉब सर्च कर सकते हैं।

21.अगर आप लिंक्डइन पर अपना Premium अकाउंट क्रिएट करते हैं तो linkedinआपकी जॉब ऑफर का लेवल और अच्छा कर देती हैं और आपको फिल्टर जॉब ऑप्शन भी मिलते हैं एंड सैलरी स्केल भी काफी अच्छा उपलब्ध हो जाता है।लिंक्डइन आपकी प्रोफाइल को टॉप लिस्ट में शो करता है जिस से आपको जॉब के ऑफर भी आ सकते हैं

22.अगर आप कोई स्पेसिफिक जॉब देख रहे हैं तो आप उस कंपनी को लिंक्डइन पर सर्च कर सकते हैं उन्हें ईमेल या फोन से कॉन्टैक्ट कर सकते हैं।और उनके अपडेट पर कमेंट कर सकते हैं।आप ऐसे ग्रुप जो आपकी फ़ील्ड से रिलेटेड हैं आप ज्वाइन करके भी वहां पर जॉब Regarding बात कर सकते हैं। इनमें से बहुत से ग्रुप रिक्रूट नेटवर्क के नाम से बने होते है।

लिंक्डइन short details
लिंक्डइन अमेरिकन बिजनेस और employment -oriented online service हैं।ये 5 मई 2003 को लॉन्च हुए हैं।इसके फाउंडर Reid Hoffman और साथी हैं। इसके सीईओ Jeff Weiner है इस कंपनी में 15,000+ लोग काम करते हैं (2019 )। कंपनी का हेड ऑफिस कैलिफोर्निया में हैं।लिंक्डइन के यूजर दुनिया में 690 मिलियन से ज्यादा (2019) है।


पोस्ट से रिलेटेड कोई भी सुझाव या विचार मन में हो कमेंट करके बताएं ।

How to earn money on Facebook in Hindi

फेसबुक से पैसा कैसे कमाएं। (How to earn money on Facebook in Hindi)

1.सबसे पहले niche ढूंढ़े
2.फेसबुक पेज पर कंटेंट पब्लिश करें ।
3.Sponsored पोस्ट करें
4.एफिलिएट मार्केटिंग
5.फेसबुक अकाउंट को बेचकर पैसे बनाए
6.फेसबुक ग्रुप से पैसे कमाएं
7.पीपीसी नेटवर्क से पैसे कमाएं
8.पीपीवी प्रोग्राम ज्वाइन करें
9.पीपीडी प्रोग्राम ज्वाइन करें
10.फेसबुक जॉब्स पेज
11.अपने प्रोडक्ट बेचकर पैसा कमाएं
12.अपनी वेबसाइट बनाकर
13.Paid Ads

1.सबसे पहले niche ढूंढ़े
अब बात करते हैं विस्तार से सभी पहलुओं पर,,, गौर करे कि फेसबुक से पैसे कैसे बनाया जाता हैं।
सबसे पहले niche ढूंढे…….

सबसे पहले आपका अपना एक पेज क्रिएट करना हैं और उसके ऊपर सिर्फ स्पेसिफिक कंटेंट सेलेक्ट करना हैं जिसे niche भी कहते हैं।सरल भाषा में बात करे तो आपको एक जैसा सब्जेक्ट से मिलता जुलता कंटेंट अपने पेज पर डालना है जिसके बारे में आपको अच्छा ज्ञान हैं और अच्छा लिख सकते हैं।तभी आप लोगों को अपने कंटेंट के साथ कनेक्ट कर पाएंगे अगर आपका interest और topic लोगों के साथ कनेक्ट हो रहा है।इसीलिए कंटेंट पर बहुत सोच समझकर ही अपना niche decide करें।

2.कंटेंट पब्लिश करें
फेसबुक पर organic traffic के लिए हो सकता है आपको थोड़ा समय लगे ।लेकिन अगर आप अपना कंटेंट लगातार पब्लिश करते हैं तो लोग आपके कंटेंट को पसंद भी करेंगे और ज्यादा से ज्यादा शेयर करके आपके साथ जुड़ेंगे भी।
आपको ध्यान रखना हैं कि आपके आर्टिकल पब्लिश करने के लिए आपके पास कंटेंट का बैकअप हो ताकि आप अपना कंटेंट डेली पब्लिश करें ।इससे आपकी पेज की अनालिटिक Approach पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा ।और लोगों को आपके कंटेंट का इंतजार रहेगा ।ये रेगुलर पोस्ट का कमाल आपके फेसबुक पेज को अच्छा growth देगा ।और बाद में आप इस पेज को Paid प्रोमोशन के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

3.एफिलिएट मार्केटिंग
आज के समय में आपके पास अगर फेसबुक पर अच्छा ऑडियंस रीच हैं।तो बहुत सी Online शॉपिंग वेबसाइट हैं जो अपने प्रोडक्ट को बेचने पर आपको अच्छा कमीशन भी देती हैं।जैसे स्नैपडील , अमझोन,फ्लिपकार्ट।ये सभी वेबसाइट आपको अपना affiliate marketing में आने के लिए इनकी वेबसाइट पर अकाउंट क्रिएट करना होता है।उसके बाद कोई भी प्रोडक्ट सेलेक्ट करके Affiliate लिंक क्रिएट करके अपने फेसबुक पर उसकी प्रोमोशन करनी रहती हैं।
अगर आपके फेसबुक पेज से कोई भी उस प्रोडक्ट के लिंक को ओपन करके उस प्रोडक्ट को खरीदता हैं तो आपको उस वेबसाइट से निर्धारित कमीशन मिलता है।
जैसे मान लो आपने एक 15000 का मोबाइल का एफिलेटेड लिंक अपने फेसबुक पर शेयर किया और आपको एक प्रोडक्ट पर 10% कमीशन हैं और आपका मोबाइल कोई एक व्यक्ति खरीद लेता है आपके शेयर किए गए लिंक से तो आपको 1500 कंपनी की तरफ से मिल जाएगा ।इस प्रकार आपके प्रोडक्ट सेल होने पर आपकी इनकम डिपेंड करती हैं।

4.स्पॉन्सर्ड पोस्ट करें।
जब आपने फेसबुक से पैसा कमाने की सोच ली है।तो क्यों न इसे अच्छे लेवल पर Establish करें।अगर आपने अच्छा काम करके अपना फेसबुक पेज अच्छा popular कर दिया हैं तो ये सोने पर सुहागा वाली बात है।इससे आप एडवरटाइजिंग एजेंसी। या एडवरटाइजर से कॉन्टैक्ट करके स्पॉन्सर्ड पोस्ट भी प्रोमोट करवा सकते हैं।इस से आपका आने वाला फ्यूचर भी secure हो जायेगा और आपको इनकम भी अच्छी मिलने लगेगी ।

5.फेसबुक अकाउंट को बेचकर पैसे बनाएं
अगर आपके पास पुराना फेसबुक अकाउंट हैं और साथ में अच्छे फैन Following भी है। तो ऐसे अकाउंट को Marketers ज्यादातर खरीदते हैं।क्यूंकि जो पुराने अकाउंट होते हैं फेसबुक भी उन्हें ज्यादा Prefernce देती हैं।और आपको कीमत भी अच्छी मिल जाती हैं।


6.फेसबुक ग्रुप से कैसे पैसे कमाएं
इसके लिए आपको एक फेसबुक ग्रुप बनाना होगा और ग्रुप में कम से कम 10k मेंबर हों और आपके ग्रुप में सभी ग्रुप मेंबर एक्टिव हो ,,,,,उसके लिए आप ब्लॉग पोस्ट, questions-Answer और images ,polls और डेली पब्लिश कंटेंट कर सकते हैं जिसे आपके मेंबर भी एक्टिव रहेंगे ।
नीचे दिए गए तरीको से आप पैसा कम सकते हैं।
Paid Surveys
प्रोडक्ट/बुक/सर्विस देकर
स्पॉन्सर्ड कंटेंट पब्लिश करके
एफिलेटेड मार्केटिंग से

7.पीपीसी नेटवर्क
पीपीसी मतलब पे पर क्लिक या कॉस्ट पर क्लिक (सीपीसी) एक इंटरनेट एडवरटाइजिंग मॉडल जिसका यूज वेबसाइट में traffice लाने पर होता है। व्यूअर्स द्वारा ads पर क्लिक के माध्यम से एडवरटाइजर पब्लिशर को पैसे देता है।ऐसे और भी बहुत से नेटवर्क शामिल हैं।जैसे Revcontent,Viral9 आदि।
इन नेटवर्क पर आपको sign up करना पड़ता है।फिर उनके कंटेंट को शेयर करना होता है।और क्लिक के अनुसार आपको पैसे मिलते हैं।

8.पीपीवी प्रोग्राम ज्वाइन
इसमें आपको व्यूज़ के पैसे मिलते हैं।ये पीपीसी की तरह ही प्रोग्राम हैं।इसमें आपको कोई भी PPV प्रोग्राम ज्वाइन करना होता है।जैसे Vidinterest उनके वीडियो को शेयर करना पड़ता है।और ट्रैफिक के ऊपर डिपेंड करता है कि आपकी कितनी इनकम जेनरेट होगी ।

9.पीपीडी प्रोग्राम ज्वाइन करें।
ये भी पीपीसी की तरह हैं।इसमें भी कोई भी प्रोग्राम ज्वाइन करें और इसमें आपको डाउनलोड के पैसे मिलते हैं।जितने viewer आपके पेज के माध्यम से उनके प्रोडक्ट को डाउनलोड करेंगे आपको उतनी ज्यादा इनकम जेनरेट होगी ।

10.फेसबुक जॉब

सोशल मीडिया पर आजकल के समय में लगभग सभी ब्रांडेड कंपनी के अपने अपने पेज हैं ।और सभी कंपनियां social मीडिया पर खुद को मजबूत करना चाहती हैं।फिर चाहे प्रोडक्ट को बेच कर कहें या अपनी ऑडियंस से कनेक्ट होकर ।
अगर आप लिखने में रुचि रखते हैं तो फेसबुक पर सैंकड़ों पेज ऐसे मिल जाएंगे जहां आप अपने इंटरेस्ट और पैशन को फॉलो करते अच्छी अच्छी कंपनीज से कनेक्ट हो सकते हैं।जैसे अगर आप स्क्रिप्ट राइटर या कंटेंट राइटर हो तो फेसबुक पर अपने काम की showreel अलग अलग ग्रुप में शेयर कर सकते हो या अच्छे अच्छे फिल्म्स टीवी प्रोडक्शन हाउस को भी स्क्रिप्ट या स्टोरी की रिक्वायरमेंट रहती हैं ।जिसमें आप फेसबुक से भी ईमेल या उनके कॉन्टैक्ट नंबर से संपर्क कर सकते हैं।या फिर आज बहुत सी वेबसाइट आ चुकी हैं जो ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम सर्विस देती हैं।
इनमें Fiverr, freelance.com आदि हैं।जहां पर आप अपने स्किल्स के अनुसार काम कर सकते हो ।

11. अपना प्रोडक्ट बेचकर पैसा बनाए।
अगर आपके पास कोई पहले से अच्छी स्किल्स हैं या आप बिजनेस से जुड़े हैं और चाहते है कि लोग आपको आपके काम से याद करे तो आप बिजनेस से रिलेटेड पेज बनाए और उसमे अपने बिजनेस के बारे में विस्तार से बताएं।जिस से कि लोग आपके प्रोडक्ट के बारे में ज्यादा समझ पाएं और आपसे कॉन्टैक्ट करे ।
ये काम आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म like insta, linkedin, wtsapp पर शेयर करें ताकि लोग आपसे ज्यादा से ज्यादा जुड़े ।
12.अपनी वेबसाइट बनाकर पैसे कमाएं (Paid ads)
ये बहुत ही अच्छा तरीका है कि अपनी वेबसाइट बनाकर पैसे कमाएं ।लेकिन इसमें आपको मेहनत और पैसे दोनों इन्वेस्ट करने पड़ेंगे ।और अगर आप पूरे मेहनत से काम करके अपनी वेबसाइट को गूगल एडसेंस से Approve कर देते हैं तो आपको अच्छा पैसा आना शुरू हो जाएगा ।आप एक वेबसाइट से पूरे सोशल मीडिया को हैंडल कर पाएंगे ।और अच्छे पैसे भी कमा सकेंगे ।लेकिन इसमें मेहनत बहुत करनी पड़ेगी ,,,,,,जब तक वेबसाइट डेवलप नहीं हो जाती ।बाद में आप Paid Ads भी लगा सकते हैं और गूगल एडसेंस भी Approve कर सकते हैं
आखिरी संवाद
हम सभी इस बात से परिचित हैं कि फेसबुक दुनिया का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट हैं।इस पर हर रोज करीब एक बिलियन से ज्यादा लोग,,,,,,,,,,, ऑनलाइन आते हैं।जो कि फेसबुक को बहुत,,,,,,,,, Popular माध्यम बना देता हैं।अब तो इंस्टग्राम भी फेसबुक का प्रोडक्ट हैं।


आशा करता हूं आपको Article अच्छा लगा होगा ।अगर कोई भी प्रश्न मन में हो ,,,आप कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे ।में आपके कॉमेंट का रिप्लाइ जरूरी करूंगा ।कोई भी सुझाव या विचार हो कृपया जरूर कमेंट करें।

Instagram से पैसे kaise kamaye (how to earn money on instagram )

Instagram से पैसे कैसे कमाए ।

How to earn money on instagram


1.ब्रांड को स्पॉन्सर करके
2.अपने फोटो सेल करके
3.अपने प्रोडक्ट सेल करके
4.एफिलिएट मार्केटिंग करके
5.अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को सेल करके
अब बात करते विस्तार से जानने के लिए कि instagarma से पैसे कैसे कमाए इन सभी रूल्स को फॉलो करते हुए
1.ब्रांड को स्पॉन्सर करके
दोस्तो सबसे पहले बात करते हैं कि कौन से ब्रांड हो सकते है जिन्हे आप स्पॉन्सर करेंगे तो आपको बता दें इसके लिए आपके ब्रांड पार्टनर सबसे पहले आपकी ऑडियंस रीच देखेंगे फिर आपसे कॉन्टैक्ट करेंगे ।सीधे सीधे बात की जाए तो आपके फॉलोअर को देखते हुए ब्रांड पार्टनर आपसे बात करेंगे , अगर आपकी फैन फॉलोइंग अच्छी होगी ।
अब बात करते हैं जिनके पास ज्यादा फैन फॉलोइंग नहीं है उन्हें कैसे अपनी ऑडियंस या फॉलोविंग पर काम करना हैं ।आजकल के समय में सभी लोग TikTok, यूट्यूब,फेसबुक के यूजर हैं ।सबसे पहले तो आपके पास अच्छा सा कंटेंट या आइडिया होना चाहिए जिसके ऊपर आप काम करके सोशल मीडिया पर लोगों को कुछ हटके उपलब्ध कराएं ।मतलब लोग आपके कंटेंट से कुछ नया और अच्छा सीखे ।

2.अपने फोटो सेल करके
Instagram पर आप अपने फोटो भी सेल कर सकते हैं अगर आप को फोटोग्राफी, ट्रैवल ,और नयी जगहों पर घूमने का मन बना रखा हैं या आप घूमते रहते हैं किसी भी अपने काम से ।तो अलग अलग जगहों के फोटो आप instagram पर सेल कर सकते हैं और अच्छा पैसे कमा सकते है।और साथ में फॉलोइंग भी ऑर्गेनिक increase कर सकते हैं।
बस आपको कुछ बातों का ध्यान रखना है कि आप फोटोग्राफी को ध्यान में रखकर अपने इंस्टा अकाउंट पर पोस्ट करें।साथ में फोटो अच्छी क्वालिटी की हो।और जब भी फोटो अपलोड करें ।फोटो को एडिट करके अपने नाम से watermark या अपना नाम जरूरी फोटो पर डालें ।ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आपकी फोटो का बिना आपकी परमिशन से use ना करे ।

3.एफिलिएट मार्केटिंग
एफिलिएट मार्केटिंग सबसे पुराना और बेहतरीन तरीका है ।ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसा कमाने का ।इसमें आप किसी प्रोडक्ट का लिंक अपने सोशल मीडिया पर शेयर करके पैसा बना सकते हैं। Product का लिंक आप फ्लिपकार्ट, Amzone जैसे बड़ी कंपनी के साथ एफिलिएटेड मार्केटिंग कर सकते हैं।

इसमें आप दो बातें ध्यान रखें ।एक आप जिस भी प्रोडक्ट के साथ एफिलेटेड मार्केटिंग कर रहे हैं।वो प्रोडक्ट लोगों की नजर में भी अच्छा और क्वालिटी वाला होना चाहिए ।ताकि लोग आपके ऊपर विश्वास कर के नेक्स्ट टाइम भी आपसे जुड़े रहे ।

4.अपने प्रोडक्ट सेल करके
ये भी एक बेहतरीन तरीका है।इंस्टाग्राम पर अपने प्रोडक्ट सेल करके अच्छा पैसा कमाने का ।इसमें आपको अपना कोई भी प्रोडक्ट जिसके बारे में आप जानते हैं और आपके पास भी हैं।जैसे आपके पास कोई फिटनेस से रिलेटेड कोई अच्छा प्रोडक्ट हैं एंड आप भी काफी समय से उसे यूज कर हैं तो आप लोगों का भरोसा जीत कर अपना प्रोडक्ट बेच सकते हैं।
बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जो अपने नाम और काम से इंस्टा पर फेमस हैं एंड अच्छे ऑर्डर रिसीव करते हैं।जैसे ,,,,अगर आप ,,,,मेक अप आर्टिस्ट है और अच्छी जगह और अच्छे मॉडल , ब्राइड एंड ग्रूम के मेक ऑर्डर लेती हैं और साथ में अपना काम इंस्टा पर भी पोस्ट करती हैं तो बेशक आपका काम देखकर लोग आपको और अच्छे ऑर्डर देंगे ।

5अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को सेल करके
अगर फॉलवर्स आपके इंस्टाग्राम पर काफी अच्छे नंबर में हैं ।तो यकीन मानिए आप अच्छे पैसे कमा सकते हैं अपना insta अकाउंट सेल करके।
आपके insta के follwer ही आपके अकाउंट का prices तय करेंगे । कि आप कितने रुपए में अपना अकाउंट सेल के पायेंगे ।

How to earn money on TikTok

How to earn money online best ways

How to earn money from tiktok video (best article)

टिक टोक से पैसे कैसे कमाएं । (How to earn money from tiktok video with detailing )

आज के बच्चे और बूढ़े दोनों उम्र के लोग TikTok चलाना और देखना अच्छा समझते हैं ।उनके लिए ये एक Entertainment करने का साधन हैं ।बिल्कुल TikTok एक Entertain platform हैं ।जहां आप अपनी short video के जरिए लोगों को entertain करते हैं ।

लेकिन TikTok से पैसा कैसे कमाए ये जानने से पहले हम TikTok के बारे में short details से जान लेते हैं आखिर TikTok इतना famous कब और कैसे हुआ और इसे किस देश और बंदे ने बनाया ।

TikTok क्या है ?

TikTok चाइना की वीडियो शेयरिंग सोशल ने्वर्किंग Service हैं इसके मालिक Zhong yiming  हैं और ये कंपनी बीजिंग (चाइना ) में हैं tiktok का  bytedance founder  Zhang yiming  ने 2012 में foundation किया था TikTok वास्तव में शॉर्ट डांस , lip-sink video- 3 से 15 सेकंड और short looping video  3 से 60 सेकंड तक create की जा  सकती हैं ।जिसका मकसद लोगों को अच्छा  Entertainment उपलब्ध  करवाना रहता है।

प्रसिद्धि (Fame)

TikTok से पहले bytedance कंपनी ने douyin नाम का Apps चाइना में लॉन्च 2012 में किया और TikTok को 2017 में चाइना के बाहर एशिया और यूरोप में  लांच किया  IOS और Android apps  के लिए । उसके बाद TikTok  ने 2018 में musical.ly app को भी अपने साथ मिला लिया ।इस तरह से पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया ।

उपलब्धि (Achivements)

Tiktok सबसे ज्यादा Download  किया जाना वाला Apps बना जो Apple store  से अकेले 104 मिलियन बार download किया जा चुका है ये आंकड़ा पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा download  किया जाना वाला 7 Most downloaded Mobile Apps  में शामिल हुआ हैं।

हिस्सेदारी योगदान

TikTok  पॉपुलर होने के साथ साथ दुनिया की 150 बड़ी Market में अपना हिस्सेदारी बना चुका है और 75 language  को मान्यता देते हुए विभिन्न देशों में उपलब्ध हैं।

TikTok International Market  में 2017 को launch हुआ और 2018 मतलब एक साल के अंदर थाईलैंड और अन्य देशों  में  फ़्री डाउनलोड Apps store में पहला रैंक हासिल करने में कामयाब रहा ।

TikTok फीचर 

अब हम TikTok के फीचर की बात करे तो जो भी लोग TikTok यूजर हैं Almost सभी फीचर के बारे में जानते हैं कि TikTok पर वीडियो कैसे बनानी है।फिर भी हम फीचर को कवर करते बात करेंगे ।

TikTok अपने यूजर को शॉर्ट वीडियो बनाने के background music , speed up,slow और filter के साथ edit करने की option देता हैं।साथ में आप वीडियो की स्पीड adjustment भी कर सकते हैं अपनी वीडियो को अपलोड करने से पहले और सोशल साइट पर शेयर भी कर सकते हैं।

अप वीडियो lip-sink कर सकते हैं।किसी भी specific वीडियो के साथ duet करके video डाल सकते हैं 

TikTok में आप अपने वीडियो को प्राइवेट भी कर सकते हैं ।बाद में जब चाहे फिर से पब्लिक कर सकते हैं।साथ में friend only भी कर सकते हैं।मतलब सिर्फ आपके फ्रेंड ही आपकी वीडियो देख पाएंगे ।

यूजर अपनी saved section  में video , hashtags , filter ,sound ,लगाकर रख सकता है।ये सेक्शन से कभी भी saved video को Publish कर सकते है।

यूजर TikTok User 

TikTok के Active User 800 मिलियन हैं।

Demographics 

TikTok के सिर्फ iphone User  US(United States) में 52% हैं।जिसमें औरते 44% और पुरुष 56% शामिल हैं।और अगर भारत की बार करे तो जियोग्राफिकल डाटा बताता हैं। कि 43% नए यूजर भारत से हैं।TikTok हमारी New Generation को ज्यादा पसंद आया है।इसमें 41 % यूजर 16 से 24 साल के है जिसमें 90% daily TikTok Apps use करते हैं।

वायरल ट्रेंड (viral Trend)

वायरल ट्रेंड में बात करे तो इस समय, internet सेलिब्रिटी Music trend की दुनिया में Charli D’Amelio  सबसे ज्यादा followers के साथ लगभग 54 मिलियन से ज्यादा TikTok star हैं ।और इंडिया की बात के तो रियाज़ अली 38 मिलियन से ज्यादा followers के साथ TikTok star हैं।

Q.How to earn money from tiktok video

करोड़ों अरबों में लोग TikTok पर अपनी Video share करते हैं।इस समय का सबसे trending Social Apps अगर हम कहें तो TikTok हैं। चलिए बात करते हैं कैसे पैसे कमाए ।

जब भी हम किसी प्लेटफॉर्म पर पैसा कमाना चाहते हैं या कमाने की सोचते हैं ।तो सबसे पहले कंपनी की branding, history की बात करते हैं ।तो अगर TikTok पर बात करे तो TikTok  2 साल पहले की आई हुए कंपनी हैं जिसने अलग अलग देशों में अपना TikTok ब्रांड बनाया हैं ।लेकिन यूजर को कमाने के साधन में जैसे यूट्यूब ,और फेसबुक ने प्लेटफॉर्म दिया है ।वैसा अभी TikTok नहीं दे पाया है।मतलब अभी Google Adsense और Monetization जैसे फीचर TikTok नहीं देता ।

फिर भी सवाल उठता है फिर पैसा कैसे कमाए ।

1.ब्रांड डील्स (Brand deals )

Facebook, insta और YouTube से Brand deals करके जिस प्रकार से पैसे कमाए जाते हैं ठीक उसी तरह भारत और दुनिया में TikTok Influence platform हैं ।जो एक Famous video sharing नेटवर्क है।

जब आप TikTok पर popular हो जाते हैं।तो ठीक उसी तरह से दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर भी followers आने लगते हैं।और आप एक Influencer बन जाते हैं।

फैशन,एजुकेशन, beauty,tech,real estate ,फिल्म्स,कॉर्पोरेट सेक्टर अलग अलग कंपनी के जितने भी ब्रांड हैं सभी famous TikTok स्टार और Influencer को Paid प्रपोजल देती हैं।और अपने कंपनी के  प्रोडक्ट को प्रोमोट करती हैं।जो अपने दूसरे प्लेटफार्म यूट्यूब या फेसबुक पर भी Ads देखी होगी ।बिल्कुल इसी तरफ TikTok स्टार और Influencer और top Creater के साथ paid promotion की डील करती हैं।

आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि ब्रांड्स $500 से $10000 तक pay कर सकती हैं। सिर्फ एक Paid Promotion के लिए ।लेकिन इसके लिए आपके अच्छे नंबर के साथ Follower होने चाहिए ।आपको इसके लिए सोशल मीडिया एंगेजमेंट बड़ाना होगा ।तभी ब्रांड्स आपसे प्रभावित होकर आपको कॉन्टैक्ट करेंगे और Paid Promotion ऑफर कर पाएंगे ।

2.क्रॉस प्रोमोशन (Cross Promotion)

Cross प्रोमोशन मतलब आप TikTok से अपने Fan को दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी invite कर सकते हैं। जैसे Instagram, Facebook और YouTube सोशल मीडिया platform पर ।इस से आपके सोशल नेटवर्किंग साइट्स से  promotion deals मिलना और आसान हो जाती हैं अगर आपके पास अच्छा Fan following platforms हैं।

TikTok से आप अपने प्रोफाइल में यूट्यूब या इंस्टा का लिंक कर सकते हैं ।जिस से आपके follower आपको दोनों प्लेटफॉर्म पर भी follow और subscribe करेंगे ।

3.इमोजी कॉइंस (Emoji coins)

इमोजी काइंस से भी पैसा TikTok पर बनाया जा सकता है।इसके लिए आपके Followers अच्छे होने चाहिए ।तभी आप Emoji coins को profile में बदल सकते । आपने देखा होगा जिनके अच्छे follower हैं या जो top creator हैं वो live TikTok पर आते हैं।और जब उनके फैंस उनको इमोजी भेजते हैं तो लाइव आने वाले यूजर के अकाउंट में coins जुड़ने लगते हैं।और जब आपके अकाउंट में अच्छे नंबर में इमोजी हो जाए तो आप रुपयों में कन्वर्ट कर सकते हो।

Note:– Emoji आप तभी भेज सकते हैं जब आप ने पहले से खरीद लिया हो या आपको किसी ने भेजा हो ।ये same trend  आप youtube live or Facebook live में भी देख सकते हैं।

4.ब्रांड स्पॉन्सर्ड इवेंट्स (brand sponsered events )

ब्रांड Sponsored इवेंट्स से आप बहुत अच्छा पैसा कमा सकते हैं ।लेकिन इसके लिए आपको quality और content वाली video के साथ मार्केट में आपकी अच्छी Repo भी होनी चाहिए ।मतलब लोग आपकी Skills और talent से आपको जानते हो जैसे Jackson Baba  dancer या कोई singers या Actor हो तो उसको पॉपुलर ब्रांड्स Approach करते हैं।और अपनी ब्रांडिंग करवाते हैं साथ में अच्छा पैसा भी देते हैं।

जैसे Riyaz aly को आपने बहुत सारे ब्रांड्स में देखा होगा ,,,नेहा कक्कर के साथ वीडियो में देखा होगा ,,, faisu को अपने video songs में देखा होगा आजकल बहुत सारे नाम हैं जो ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर अच्छे अच्छे ब्रांड्स के साथ अपना नाम जोड़ रहे हैं ।

5.गिफ्ट्स TikTok 

TikTok पर बहुत सारे contest चलते रहते हैं जिसमें #Edu #contest आदि में Participate करके आपका वीडियो trending में चला जाता है  तो कंपनी आपको बहुत अच्छे अच्छे gift भेजती हैं जैसे कि $50 से $1000 के t-shirt,आईफोन,कूपन,और भी बहुत सारे accessories जो कि gifts earning का साधन हो जाता है।

TikTok आज के समय का बहुचर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है ।इस बात में कोई दोहराई नहीं हैं। कि TikTok ने देश विदेश के नए कलाकारों को एक मंच दिया हैं अपना टैलेंट दिखाने के लिए ।और बहुत से लोगों को Name ,Fame  साथ में पैसा भी दिया है ।बहुत सारे लोग TikTok से सेलिब्रिटी बन चुके हैं।

TO KNOW MORE ABOUT ONLINE EARNING MONEY CLICK

TikTok Banned Story  

TikTok को कुछ देशों ने Temporary ban भी किया था जिसमें इंडोनेशिया में TikTok Apps को 3 जुलाई 2018 को एक हफ्ते के लिए ban किया था । illegal content को लेकर ।

भारत में भी TikTok को मद्रास हाई कोर्ट ने temporary  illegal content  के चलते ban कर दिया था बाद में TikTok टीम ने अपने illegal content को remove करके फिर से TikTok को स्टार्ट करने की पेशकश में सफल होकर Allow करवा दिया था ।

आखरी संवाद 

दोस्तो आप सभी जान गए होंगे कि TikTok को अभी सोशल प्लेटफॉर्म पर आए ज्यादा वक़्त नहीं हुआ है लेकिन इसकी Popularity और branding बहुत बेहतरीन हो चुकी हैं जिस से आने वाले समय हो सकता है ये कोई अलग फीचर या प्लेटफॉर्म की Option अपने user के लिए रखे । जहां आप अच्छे पैसे सिर्फ TikTok प्लेटफॉर्म से ही कमा पाएं ।इसलिए यही कहूंगा कि tiktok वीडियो को करने के लिए अपना effort content,एडिटिंग, effects,और shoot पर भी ज्यादा से ज्यादा ध्यान लगाएँ और कुछ creative करें ।ताकि आने वाले समय में सिर्फ TikTok ही नहीं बल्कि सभी सोशल प्लेटफॉर्म पर आपकी ख्याति हो प्रसिद्धि हो ।दिन दुगनी रात चागुनी हो ,तरक्की हो ,और आप अच्छा पैसा भी कमा पाए ।

सके साथ आप सभी को शुभामनाएं ,,,,

अगर आपको Article में Information अच्छी लगी हैं तो Comments करके बताएं ,,दोस्तो share करे और website को follow  करे ।

धन्यवाद 

ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके -How to earn money online

#1.How to Earn Money Online
यूट्यूब आज के समय का सबसे popular platform हैं जहां बिना investment के पैसे कमाए जा सकते हैं आपको जिस field में रुचि है उसे अपना Passion बनाकर youtube से सीखने के साथ साथ पैसे भी बना सकते हैं इसके लिए आपको क्या करना होगा पहले उसके बारे में जान लेते हैं ।
बहुत सारे youtuber आज के समय में youtube  से बहुत पैसे कमा रहे हैं ।उनका सीखने का और कमाने का प्लेटफॉर्म youtube ही हैं । अगर आप भी अपने Passion को follow करते हुए अच्छी quality और content की video बनाते है तो आप भी youtube से अच्छा पैसा कमा सकते हैं
YouTube  पर videos बना कर पैसे कमाने के तरीके :
• हमेशा अच्छा content  और unique video बनाएं और upload करें। ध्यान रखें अपलोड किया गया वीडियो कॉपी किया नहीं होना चाहिए ।अगर ऐसा करते है तो youtube  आपके वीडियो को copyright claim में डाल देगा ।
• अपने वीडियो के content पर अच्छा SEO Optimised Title रखें जिससे organic ट्रैफिक ज्यादा से ज्यादा आपके youtube  पर आ सके ।
• वीडियो के content  से रिलेटेड discription लिखें ।क्यूंकि google, yahoo,bing के search engine पर लाने के लिए crowlers  आपके वीडियो को read करते हैं ।
• अपने youtube  चैनल की setting  में जाकर वीडियो की monetize setting on करें ।इसके लिए आपको एक Active Adsense Account की जरूरत पड़ेगी । जो यूट्यूब की तरफ से Approve किया जाएगा ।जब आपके 4000 घंटे और 1000 subscribe पूरे हो जाएंगे ।
• अपने यूट्यूब की video को upload  करने के बाद अपने blog या social sites पर और दोस्तो के साथ share  जरुर करें।
YouTube  पर आपके video पर advertisement दिखेगी और जितने click होंगे उस हिसाब से आपको पैसा मिलेगा ।ये Revenue आप अपने youtube analytics में देख सकते हैं।
YouTube  के Rules जो आपको ध्यान में रखने होंगे :
YouTube  से पैसे बनाने के लिए आपके पास किसी एक field में skilled होना जरूरी हैं और ये स्किल्स आप youtube  से सीख सकते हैं। जैसे कि हमने पहले भी बात की है कि youtube से video upload करके पैसा कमा सकते हैं ।लेकिन आपकी वीडियो में अच्छा content  होगा तभी लोग देखना पसंद करेंगे ।पैसा आपके views पर depend करता है । कि आप कितना पैसा कमा पायेंगे ।

यूट्यूब के rules के अनुसार आपके पास यूट्यूब पर चैनल शुरू करने के लिए Gmail account से sign up करना पड़ेगा ।उसके बाद आपको youtube  पर अच्छे content के साथ video  upload  करनी है।यूट्यूब के अनुसार आपके चैनल पर 4000 घंटे watch time और 1000 subscriber पूरे नहीं होते तब तक आप यूट्यूब से पैसे नहीं कमा सकते ।लेकिन जब आप ये task पूरा कर लेते हैं youtube आपके channel  का monetization enable कर देगा।और आपकी कमाई शुरू हो जाएगी ।जो आपके views और video content पर निर्भर करेगी ।

#2 .फ्रीलांसर कैसे कमाए पैसे (how to earn money freelance )
Online freelancing बहुत सी website हैं जहां हम पैसा कमा सकते है। इसमें बड़ी छोटी कम्पनियों को अपना काम करवाना होता हैं जो freelance service के लिए लोगों को hire करती हैं ।एक अच्छा freelance पैसा कमाने के लिए आपके पास अच्छी skills होना बहुत जरूरी ।

Earn money online  में बहुत से website  आपको task offer  करती हैं ।आपकी skills के अनुसार ।
आपको सबसे पहले अपना account create करना होता है और खुद की Profile Upload करनी होती आपके Skills के हिसाब से अपना Task Apply  करना होता है ।कुछ Sites में आपकी details में दिया गया Experience से Direct आपका Client  से Contact हो जाता है जो आपके काम मिलने के Scope ज्यादा Easy कर देता है ।आप फ्रीलांस earn money online  लगभग $4 से $120 तक earn सकते हो ।
Freelance work  करने के लिए कुछ जरूरी सुझाव
• सबसे पहले decide करे कि आपको Part-time या Full-time काम करना है?
• आपके पास जो Skills है उसके अनुसार खुद को चुनें ।
• अपने काम के हिसाब से अपनी fees का चुनाव करें।
• आपके पास जो Experience ज्यादा है उसे ज्यादा तवज्जो दे।

आज के समय में कई freelance online website पैसा कमाने के लिए उपलब्ध हैं। जैसे Outfiverr.com,Upwork.com,Freelance.com,Worknhire.com,Seoclerks,Truelancer.com.etc.
एक अच्छा freelancer अपने Skills के according one month का 10,000 से 100000 तक कमाने में सक्षम हैं आप लोग अपनी Skills के अनुसार कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक्स डिजाइन ,वीडियो एडिटिंग, वॉइस ओवर, घोस्ट राइटिंग online work  कर सकते हैं और लाखों में कमा सकते हैं ।
लेकिन एक बात ध्यान में रखें, आप पैसा तभी कमा पायेंगे जब आप अपना Task पूरा करते हैं जो आपको clients की तरफ से मिला हैं ।और Task का Approval clients के तरफ से होगा ।मतलब clients आपसे अपना काम को Approve करने से पहले फेर बदल करवा सकता है। Revise  करवा सकता है ….और ज्यादा payment PayPal के जरिए होती हैं ।

#3.अपने वेबसाइट या ब्लॉग पर विज्ञापन देना (blog and website advertisement)
Earn online money आज एक बहुत trend का जरिया बन चुका है जिसमें आप blogging  के साथ साथ website पर विज्ञापन के जरिए पैसा कमा सकते हैं अगर आपकी hobby , interest ,या Passion अब blogging में तब्दील हो चुका है ।आपके blog पर अच्छा traffic आता है ।तब आप website से अच्छा खासा पैसा बना सकते हैं ।आप अपना अकाउंट wordpress, Tumblr,और blog.com पर बना सकते हैं ।

और जो ब्लॉगिंग में career  देख रहे हैं या website बनाना चाहते हैं तो आपको domain server  और सर्वर hosting  खरीदना पड़ता है जिसकी Cost 3000-9000 तक एक साल के लिए अलग अलग रेट पर मिल जाती हैं ।इसमें आपको बहुत सारे Elements और Plugin और Tools मिल जाते है जिस से आप अपनी Site को Coustomise  कर सकते हैं ।जो free website में नहीं मिल पाते ।
बाद में traffic अच्छा आने पर आप अपने blog को monetise  कर सकते हैं Ads के लिए और पैसा कमा सकते हैं ।लेकिन एक बात ध्यान रखें ।ब्लॉगिंग में समय बहुत महत्व रखता है आपको समय और Efforts बहुत देना पड़ेगा ।ये समय मिनिमम 6 month  तक आपको लग सकता है ।

#4 Website और blog से पैसे कमाने के तरीके :
What is PPC ?
PPC या pay per click एडवरटाइजिंग को CPC मतलब cost per click विज्ञापन भी कहते हैं । आज के समय में पैसा कमाने का internet  का सरल तरीका online Ads  हैं ।इसमें पैसे विज्ञापनों पर click  के हिसाब से मिलते हैं ।
मुख्य रूप से pay per click करने पर पैसे देने वाली कंपनिया :-
#5 गूगल एडसेंस(Google Adsense)
यदि आप किसी वेबसाइट पर visit करते हैं और वहां कोई ads देखते हैं ये ads हर जगह आपको देखने नहीं मिलेगी इसके पीछे कारण होता है Adsense Approval का । और AdSense Approval लेना आसान नहीं है ।आपके site  पर traffic  होने के बाद ही Google Adsense Approve करता है ।इसके लिए आपको Google Adsense एक unique code देता है जिसे आप अपनी website पर paste करेंगे ।और google  आपका पेज track करेगा ,traffic चेक करेगा तब आपको बताएगा अगर आपकी वेबसाइट गूगल एडसेंस के रूल और टर्म्स के अंदर आती हैं ।

इसमें payment bank transfer या cheque के द्वारा मिलती हैं ।$100 (threshold revenue )कम से कम होने के बाद ही payment approval मिलता है ।
अगर आपका website banned हो गया है या  google adsense approval नहीं हो रहा है । या आप इस से कमाने वाले revenue से खुश नहीं हैं ।तो टेंशन मत लीजिए बहुत सारे ऐसे platform हैं जहां आप पैसे कमा सकते हैं ।

#6 इन्फोलिंक (Infolink)
Blog post  में in-text ads करने का सबसे अच्छा तरीका है,,, Infolink  70% revenue अपने ads publisher के साथ share करता है ।और 30% खुद रखते हैं ।जब $50 revenue आपका हो जाता है ।तो paypal के द्वारा Infolink  आपके पैसे bank  में transfer  कर देता है । या $100 wire transfer. ACH.eCheck,Payoneer ya western union ,,payout करवा सकते हैं ।
#7 मीडिया नेट media.net
Media.net  yahoo की विज्ञापन company  हैं ।जो PPC Ads की सुविधा देती हैं ।ये google adsense का alternative माना जाता है ।इसके विज्ञापन भी google adsense के ads के जैसे content related blog या website पर बिकते हैं ।
इसमें payout $100 कम से कम होने पर मिलता है PayPal  या wire transfer के माध्यम से ।
#8 Chitika
अगर media.net और गूगल एडसेंस से आपकी वेबसाइट को Approval नहीं मिलता है तो chitika एक अच्छा अल्टरनेटिव हैं ।क्यूंकि इसके ads का CPC और कम्पनियों से कम होता है ।
Chitika से payout $10 पर हो सकता है । PayPal  पर ।और अगर आप cheque चाहते हैं तो $50 revenue कम से कम होना चाहिए या उस से ज्यादा ।
#9 खुद कें विज्ञापन बेंचे
अगर आप एक ब्लॉगर हैं और आपने किसी विषय पर eBook लिखी हैं ।तो अपने banner ads  पर ads के माध्यम से eBook बेच सकते हैं ।
ये आपके website की brand  के साथ साथ आपको और trustworthy writer  भी बनाएगी ।
#10 पैसे ले कर रिव्यू लिखें
आप किसी कंपनी के product के बारे में लिखकर उनसे अच्छी खासी रकम ले सकते हैं ।आपको उसके प्रोडक्ट के बारे में फायदे की बाते लिखनी हैं ।बदले में आपको अच्छा पैसे मिल जाएगा ।ये आपके traffic  और rank quality के ऊपर depend हैं ।
कुछ website और कंपनी ऐसी भी हैं जो एक review के लिए $250- $500 भी लेती हैं ।

#11 ऑनलाइन एफिलेट मार्केटिंग Online Affiliate Marketing
Marketing का सबसे पुराना तरीका affiliate marketing हैं online  खरीद के लिए जब किसी दूसरे व्यक्ति को refer करते हैं ।और वह उस refferal link  से कुछ खरीदता है ।तो आपको उसके खरीदे हुए समान से कुछ परसेंटेज मिलता है ।

जैसे आपके एफिलेटेड लिंक से कोई व्यक्ति 15000 का मोबाइल फोन खरीदता हैं और आपका कमीशन 10% हैं तो आपको कंपनी 1500 रुपए कमीशन देंगी ।
आप बहुत सारी कंपनी का एफिलेटेड मार्केटिंग प्रोग्राम में जाकर sign up कर सकते हैं जैसे flippkart , Amzone ,और भी बहुत सारे ।

बहुत सारे लोग सिर्फ एफिलेटेड मार्केटिंग सें लाखों रुपए कमा रहे हैं ।अपनी social sites,blog और website पर products बेचकर ।

#12 वर्चुअल कॉल सेंटर एजेंट (virtual call center agent )
Virtual call center agent के रूप में आप घर बैठे काम कर सकते हैं ।ये सुविधा उपलब्ध है..liveops.com इस साइट पर जाकर आप कंपनी के agent बन सकते हैं ।आप इस साइट पर जाकर sign up कर सकते हैं और एजेंट बनने के लिए apply कर सकते हैं ।

इसके लिए उपयोगी जानकारी
आपके घर पर एक फोन ,internet  और computer की जरूरत होगी ।आपकी communication skills मतलब English  पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए ताकि coustmer को direct call  कर के product  बेच सके ।अगर आपकी English  अच्छी नहीं है तब भी आप जुड़ सकते हैं इसमें कंपनी आपको call connect  होने पर पूरा support करेगी customer को हैंडल करने के लिए मतलब call connect  होते screen  पर लिख कर आने लगेगा ।आपको जो भी बोलना हैं
इस वेबसाइट के ऊपर आप काम करके एक घंटे में $7 से $15 तक कमा सकते हैं ।

कुछ virtual assistant work  home based और तरीके का भी रहता है ।इसमें कंपनी फोन कॉल्स,ईमेल मार्केटिंग ,इंटरनेट रिसर्च ,डाटा एंट्री , शेड्यूलिंग अपॉइंटमेंट ,राइटिंग ,ब्लॉग मैनेजमैंट ,एडिटिंग ,बुक कीपिंग, प्रूफरीडिंग,ग्राफिक्स डिजाइन, टेक सपोर्ट ,इवेंट प्लांनिंग ,एंड सोशल मीडिया मैनेजमेंट ।
ये फ़ील्ड का काम आपकी qualification और degree के ऊपर depend करता है ।अगर आपके पास अच्छी स्किल्स हैं और आप MS Office चलाना जानते है तो आप कुछ साइट्स पर साइन अप कर सकते हैं जैसे Zirtual,Ziptask,Worldwide 101 ,Flexjobs,Uassist.me,People Per Hour,Upwork,Vava Virtual Assistant ,Virtual Staff Finder Assistant Match ,eahelp,freelancer ,Elance,24/7Virtual Assistant etc.इनमें लगभग एक घंटे की कमाई ₹500 से लेकर ₹4000 तक हो सकती है ।

#13 सर्वे ,सर्चेस और रिव्यूज (survey , searches , reviews )
Online बहुत सी ऐसे website हैं जो surveys कर के पैसे देती हैं लेकिन कुछ scams करने वाली website भी रहती हैं ऐसी website पर login  ना करे ।हम आपको यहां genuine website के बारे में बताएंगे ।
सबसे पहले हैं google opinion reward survey  ।यहां पर आप सर्वे भर कर पैसे कमा सकते हैं इसके बदले गूगल आपको reward point  देता हैं ये एक android app हैं जिसे आप  google play store में जाकर instal  कर सकते है।app खोलने के बाद survey भरना होता है उस सर्वे के हिसाब से आपको reward point  मिलेंगे।
जो आप गूगल प्ले स्टोर में शॉपिंग कर सकते हो।
जैसे कोई बुक खरीदनी हो या कोई paid game install करनी हो या कोई paid movie  देखनी हो ।तो ये रिवॉर्ड आप use  कर सकते हैं ।गूगल सर्वे 1-2 मिनट का हो सकता है ।

#14 गूगल यूजर रिसर्च (Google user research)
ये प्रोडक्ट भी गूगल का हैं ।इसमें ज्यादा फर्क नहीं है यहीं सिर्फ सर्वे बहुत बड़े लेवल का रहता हैं ।जो कि तीस मिनट्स से लेकर एक या दो घंटे तक चल सकता है ।इसमें इनाम भी बहुत अच्छा रहता है ।$50 से लेकर $100 के gift cards आप जीत सकते हैं ।

#15 ट्रांसलेशन (translation)
अगर आप hindi  और English  के अलावा कोई और language भी जानते हैं तो ऐसी बहुत सारी website हैं जहां आप translation project  लेकर उन्हें दूरी language में translate करके अच्छा पैसे कमा सकते हैं ।इसमें स्पेनिश अरब,जर्मन,फ्रेंच,और भी कई language जो इंग्लिश से दूसरी लैंग्वेज में कन्वर्ट करनी होती हैं ।
इनमें कुछ वेबसाइट जैसे fiverr.com,worknhire.com,upwork.com ऑफर करते हैं और अच्छे पैसे भी देता है । इसमें आपको starting money  ₹1 से लेकर ₹5 per word मिल सकते हैं और कुछ साइट लैंग्वेज के हिसाब से ₹10 या इस से ज्यादा भी पे करते हैं।
#16 ऑनलाइन ट्यूटोरियल (online tutorials )
अगर आप एक subject में expert हैं ।और आपके पास अच्छा experience हैं।तो online platform पर tutorial website से अच्छा पैसा कमा सकते हैं ।ऑनलाइन ट्यूटोरियल मतलब जहां आप ऑनलाइन all age group के विद्यार्थियों को पढ़ा सकते हैं।देश विदेश से कहीं से भी ।मतलब आप कहीं भी रहते हो ।जहां internet और mobile  की सुविधा हैं ।
कुछ वेबसाइट है।जहां आप अपनी online Profile create कर सकते हैं जिसमें आपको अपनी qualification, Experience,डालना रहता है।जैसे vedanti.com,myprivatetutor.com,bharattutors.com,tutorindia.net approve होने पर आप पढ़ा सकते हैं ।
#17 किंडल ऐबुक (Kindle eBook )
अगर आप लिखना अच्छा जानते है और book Publishing करने की भी सोच रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह हो ।आप अपना self public eBook और paperbacks और kindle Direct publisher पर book publish  कर सकते हैं ।अगर आपकी बुक अच्छी लिखी गई है तो million readers के बीच में मिनटों में पहुंच जाएगी ।इसे Amazon और किंडल स्टोर वर्ल्डवाइड प्रोमोशन करता हैं।और sales पर सतर पर्सेंट रॉयल्टी आपको मिलती हैं ।इसके इलावा BooksFundr और Publishing.com दो और पब्लिशर हैं जहां से आप money earn कर सकते हैं।

कोरोनावायरस Coronavirus (covid-19) 22nd March

इसीलिए घर पर रहे,,उसे लेने बाहर न जाए ।

कोरोना बहुत ही स्वाभिमानी और
आत्मसम्मान से भरा वायरस है
बिना बुलाए आपके घर नहीं आयेगा
खुद आप उसे बाहर लेने न निकले तो ?

बात वही है ,टेढे तरीके से कहीं है लेकिन सच है।

ये तो ध्यान में है कि कोरोना के लक्षण फ्लू से मिलते जुलते है जैसे बुखार,जुखाम ,सांस लेने में दिक्कत,नाक बहना और गले में खराश ।

लेकिन कुछ जगह सावधानी बरते ।
जो लोग अधिक उम्र होने के साथ पहले से अस्थमा पेशंट, डाईबड़ीज और हार्ट की बीमारी से पीड़ित हो या दूसरी कोई अन्य बीमारी हो उन्हें सावधानी
बरतने की ज्यादा जरूरत है ।ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसीलिए सतर्क रहे।

हम सब बखूबी जानते है कोरोना वायरस के बारे में लेकिन फिर भी एक सवाल दिमाग में आता है कि क्या हम जो जानते है टीवी से, वाट्सएप युनिवर्सटी
से या सोशल मीडिया के किसी और एप से ,कहा तक सही है ? Wtsapp पर कई तरह के मैसेज आते हैं जिसमें अपने अपने तरीके से कह रहे है कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे है कुछ गौ मूत्र पीने की बात कर रहे है तो कुछ एक्सपर्ट बनकर कोरोनो वायरस की दवा बना रहे है।

हम सभी लोगों के लिए खुद जागरूक होने की जरूरत है । ये वायरस 167 देशों तक फैल चुका है लेकिन अभी तक इसका स्थाई रूप से कोई हल नहीं निकला है फेक वीडियो को शेयर ना करे। इस वायरस को अन्धविश्वास के तौर पर ना परखे।


इकनॉमिक टाइम्स रिपोर्ट के अनुसार करोनो वायरस coronovirus (covid-19)
बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है कोरोना वायरस इंसान के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है । आकार में इस छोटे वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ)के अनुसार वायरस शरीर में पहुंचने और लक्षण सामने आने के बीच 14 दिनों तक का समय ले सकता है। हालंकि कुछ शोधकर्ता मानते है कि ये समय 24 दिन तक का भी हो सकता है

दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के अनुसार भारत में पिछले पांच दिनों में 200 से अधिक मामले कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के हो चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशनिर्देश जारी किए है इनके मुताबिक हाथो को साबुन से धोना चाहिए , अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, खांसते और छिकते समय नाक और मुंह को रुमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें । जिन व्यकतियों में फ्लू और कोल्ड के लक्षण हो उनसे दूरी बनाकर रखें ।